रतिया में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन:कमेटी रिपोर्ट की प्रतियां जलाकर जताया रोष, सरकार पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

रतिया में बिजली कर्मचारियों का प्रदर्शन:कमेटी रिपोर्ट की प्रतियां जलाकर जताया रोष, सरकार पर वादाखिलाफी का लगाया आरोप

हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को बिजली कर्मचारियों ने फतेहाबाद जिले के रतिया सब डिवीजन पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी और विश्वासघात का आरोप लगाते हुए गेट मीटिंग की और संबंधित कमेटी की रिपोर्ट की प्रतियां जलाईं। इन गेट मीटिंग्स की अध्यक्षता सुनील कुमार, सतपाल भड़ौलावाली और विजेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से की। प्रेम शर्मा ने संचालन किया, जबकि मलकीत सिंह, खुर्शीद खान और कश्मीर सिंह मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारी मलकीत सिंह ने गेट मीटिंग को संबोधित करते हुए बताया कि पूर्व में सरकार के साथ हुई बातचीत में कर्मचारियों की कई मांगों पर सहमति बनी थी। सरकार ने इन मांगों पर कार्रवाई के लिए दो माह का समय मांगा था, लेकिन अब वह अपने आश्वासन से पीछे हटती दिख रही है। ‘निजी कंपनी को पैरेलल लाइसेंस नहीं देने पर बनी थी सहमति’ मलकीत सिंह ने आरोप लगाया कि बातचीत के दौरान गुरुग्राम और नूंह में किसी निजी कंपनी को पैरेलल लाइसेंस नहीं देने पर सहमति बनी थी। सरकार ने सभी हितधारकों की राय लेने का आश्वासन भी दिया था। हालांकि, हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने कथित तौर पर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है और अब निजी कंपनी को लाइसेंस देने की प्रक्रिया तेज की जा रही है। उन्होंने इसे कर्मचारियों के साथ धोखा करार दिया। ‘निजीकरण कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के हित में नहीं’ वक्ता खुर्शीद खान ने जानकारी दी कि संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर 30 अगस्त को प्रदेशभर में सभी विधायकों को विरोध स्वरूप ज्ञापन सौंपे गए थे। इसी क्रम में सोमवार को सभी सब डिवीजनों पर गेट मीटिंग आयोजित कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। कश्मीर सिंह ने कहा कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण कर्मचारियों और आम उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने निजीकरण की दिशा में कदम बढ़ाया तो संयुक्त मोर्चा एक बड़े आंदोलन की घोषणा करने को मजबूर होगा। कमेटी की रिपोर्ट की प्रतियां जलाकर जताया विरोध प्रदर्शन के दौरान बिजली कर्मचारियों ने संबंधित कमेटी की रिपोर्ट की प्रतियां भी जलाईं और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि बिजली निगमों को निजी हाथों में सौंपने की किसी भी कोशिश का संगठित रूप से विरोध किया जाएगा। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को दिया समर्थन बिजली कर्मचारियों ने रतिया नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों की चल रही हड़ताल को भी अपना समर्थन दिया। कर्मचारी नगरपालिका कार्यालय पहुंचे और सफाई कर्मचारियों से मुलाकात कर उनके आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर मनोज कामरा, दीपक कुमार, हैप्पी, शेषनाथ, विजय कुमार, रमन, रमेश कुमार, गुरदीप सिंह, अवतार सिंह, सोनू सहित अन्य बिजली कर्मचारी मौजूद रहे।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *