बिजनौर में 3 वर्षीय बच्चे से कुकर्म के मामले में कोर्ट ने आरोपी लक्की को दोषी करार देते हुए 20 साल की सजा सुनाई है। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कल्पना पांडेय की अदालत ने दोषी पर 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अभियोजन की ओर से एडीजीसी योगेंद्र सिंह ने पैरवी की। कुरकुरे लेने निकला था बच्चा अभियोजन के अनुसार, किरतपुर क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 15 अप्रैल 2026 को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तहरीर में बताया गया कि शाम करीब चार बजे उनका तीन वर्षीय बेटा मां से 10 रुपये लेकर घर के पास स्थित लक्की की दुकान पर कुरकुरे लेने गया था। काफी देर तक बच्चे के घर नहीं लौटने पर उसकी मां तलाश में निकलीं। इसी दौरान मोहल्ले के कुछ बच्चों ने बताया कि बच्चा लक्की के घर के बाहर बेहोशी की हालत में पड़ा है। परिजन और मोहल्ले के लोग मौके पर पहुंचे तो बच्चे की हालत गंभीर थी। परिजन उसे तत्काल चिकित्सक के पास लेकर गए। होश में आने के बाद बच्चे ने आरोपी लक्की पर उसके साथ गलत काम करने का आरोप लगाया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कराया गया। कोर्ट में बच्चे के बयान दर्ज कराए पुलिस ने विवेचना के दौरान बच्चे के न्यायालय में बयान दर्ज कराए और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने पॉक्सो कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। इन साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने लक्की को दोषी माना। सोमवार को विशेष पॉक्सो न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

