जहानाबाद में निगरानी एवं परामर्श समिति की मासिक बैठक सोमवार को आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम-सह-अध्यक्ष, निगरानी एवं परामर्श समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद ने की। बैठक का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ब्रजेश कुमार ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता प्रभावी रूप से पहुंचाना तथा लंबित वादों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करना था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। निःशुल्क कानूनी सेवाओं की समीक्षा की समिति ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशों के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं की समीक्षा की। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के कार्यों, विधिक सहायता प्राप्त वादों की प्रगति और मंडल कारा तथा पुलिस अभिरक्षा में निरुद्ध बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सुविधा केवल मंडल कारा तक सीमित न रहे बैठक में विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधा केवल मंडल कारा तक सीमित न रहे। इसे थाना स्तर तक पहुंचाया जाए, ताकि पुलिस अभिरक्षा या रिमांड की प्रक्रिया में आने वाले पात्र बंदियों को समय पर कानूनी सहायता मिल सके। इसके लिए लीगल एड डिफेंस काउंसिल के पदाधिकारियों को नियमित रूप से विभिन्न थाना क्षेत्रों का भ्रमण कर जरूरतमंद बंदियों की पहचान करने का निर्देश दिया गया। मंडल कारा में एक वर्ष या उससे अधिक समय से निरुद्ध विचाराधीन बंदियों की सूची तैयार कर उनके मामलों की विशेष समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया। प्रभावी पैरवी-आवश्यक कार्रवाई करें उनके मामलों में अनावश्यक विलंब रोकने के लिए प्रभावी पैरवी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही बंदियों को उनके मामले की स्थिति, जमानत तथा उपलब्ध अन्य कानूनी उपायों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए। समिति ने लीगल डिफेंस काउंसिल सिस्टम के माध्यम से अधिकतम वादों का गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया। सभी विधिक सहायता अधिवक्ताओं से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की गई। जहानाबाद में निगरानी एवं परामर्श समिति की मासिक बैठक सोमवार को आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम-सह-अध्यक्ष, निगरानी एवं परामर्श समिति, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, जहानाबाद ने की। बैठक का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव ब्रजेश कुमार ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद एवं पात्र लोगों तक निःशुल्क विधिक सहायता प्रभावी रूप से पहुंचाना तथा लंबित वादों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करना था। इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। निःशुल्क कानूनी सेवाओं की समीक्षा की समिति ने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, पटना के निर्देशों के आलोक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा संचालित निःशुल्क विधिक सहायता सेवाओं की समीक्षा की। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के कार्यों, विधिक सहायता प्राप्त वादों की प्रगति और मंडल कारा तथा पुलिस अभिरक्षा में निरुद्ध बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता की भी विस्तृत समीक्षा की गई। सुविधा केवल मंडल कारा तक सीमित न रहे बैठक में विशेष रूप से निर्देश दिया गया कि निःशुल्क विधिक सहायता की सुविधा केवल मंडल कारा तक सीमित न रहे। इसे थाना स्तर तक पहुंचाया जाए, ताकि पुलिस अभिरक्षा या रिमांड की प्रक्रिया में आने वाले पात्र बंदियों को समय पर कानूनी सहायता मिल सके। इसके लिए लीगल एड डिफेंस काउंसिल के पदाधिकारियों को नियमित रूप से विभिन्न थाना क्षेत्रों का भ्रमण कर जरूरतमंद बंदियों की पहचान करने का निर्देश दिया गया। मंडल कारा में एक वर्ष या उससे अधिक समय से निरुद्ध विचाराधीन बंदियों की सूची तैयार कर उनके मामलों की विशेष समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया। प्रभावी पैरवी-आवश्यक कार्रवाई करें उनके मामलों में अनावश्यक विलंब रोकने के लिए प्रभावी पैरवी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही बंदियों को उनके मामले की स्थिति, जमानत तथा उपलब्ध अन्य कानूनी उपायों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए। समिति ने लीगल डिफेंस काउंसिल सिस्टम के माध्यम से अधिकतम वादों का गुणवत्तापूर्ण, प्रभावी एवं शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया। सभी विधिक सहायता अधिवक्ताओं से संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की अपील की गई।

