गयाजी शहर के पितामहेश्वर स्थित मां शीतला मंदिर परिसर में अब श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल मिलेगा। सेवार्थ फाउंडेशन की ओर से कैंपस में एक्वागार्ड प्यूरिफाई मशीन और पानी का टैंक लगाया गया है। इसका उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने किया। यह सुविधा ऐसे समय में शुरू हुई है, जब पितृपक्ष मेला नजदीक है। मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पिंडदानी पहुंचते हैं। ऐसे में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था बड़ी राहत साबित होगी। खासकर पिंडदान और तर्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा का रखा जा रहा ख्याल विधानसभा ने इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि गयाजी मोक्ष और ज्ञान की पावन धरती है। फल्गु नदी के किनारे स्थित मां शीतला मंदिर का धार्मिक महत्व भी काफी है। यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना जरूरी सुविधा है। सेवार्थ फाउंडेशन ने एक अच्छी पहल की है। इससे स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर में पानी की यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होगी। सामाजिक संस्थाओं को भी जनसुविधा से जुड़े कामों में आगे आना चाहिए। इससे लोगों को सीधे लाभ मिलता है। साथ ही उन्होंने फाउंडेशन के सचिव उपेंद्र यादव और पूरी टीम को इस पहल के लिए बधाई दी। देश-विदेश से पहुंचते हैं लोग सेवार्थ फाउंडेशन के सचिव उपेंद्र यादव ने बताया कि फाउंडेशन के सदस्यों के सहयोग से यह सुविधा शुरू की गई है। पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में पिंडदानी पहुंचेंगे। मंदिर परिसर में उन्हें शुद्ध पानी मिल सकेगा। सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर भी मंदिर में काफी भीड़ रहती है। फाउंडेशन की ओर से पितृपक्ष मेला के दौरान स्वास्थ्य शिविर लगाने की तैयारी भी की जा रही है। जरूरतमंदों की कर रहे सेवा उपेंद्र यादव ने कहा कि उनके पिता समाजसेवा से जुड़े रहे हैं। उन्हीं के विचारों को आगे बढ़ाते हुए जनसेवा का काम किया जा रहा है। जरूरतमंदों और आम लोगों की सेवा से आत्मिक संतुष्टि मिलती है। उन्होंने अपने बड़े भाई जितेंद्र कुमार के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए भी आभार जताया। कार्यक्रम में मुकेश कुमार, ज्ञान रंजन, सनोज कुमार, आलोक कुमार, सत्यानंद सहित फाउंडेशन के सदस्य और अन्य लोग मौजूद रहे। गयाजी शहर के पितामहेश्वर स्थित मां शीतला मंदिर परिसर में अब श्रद्धालुओं को शुद्ध पेयजल मिलेगा। सेवार्थ फाउंडेशन की ओर से कैंपस में एक्वागार्ड प्यूरिफाई मशीन और पानी का टैंक लगाया गया है। इसका उद्घाटन बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने किया। यह सुविधा ऐसे समय में शुरू हुई है, जब पितृपक्ष मेला नजदीक है। मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पिंडदानी पहुंचते हैं। ऐसे में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था बड़ी राहत साबित होगी। खासकर पिंडदान और तर्पण के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को इसका सीधा लाभ मिलेगा। श्रद्धालुओं की सुविधा का रखा जा रहा ख्याल विधानसभा ने इस पहल की सराहना की है। उन्होंने कहा कि गयाजी मोक्ष और ज्ञान की पावन धरती है। फल्गु नदी के किनारे स्थित मां शीतला मंदिर का धार्मिक महत्व भी काफी है। यहां सालभर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना जरूरी सुविधा है। सेवार्थ फाउंडेशन ने एक अच्छी पहल की है। इससे स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलेगी। पितृपक्ष मेला के दौरान श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में मंदिर परिसर में पानी की यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होगी। सामाजिक संस्थाओं को भी जनसुविधा से जुड़े कामों में आगे आना चाहिए। इससे लोगों को सीधे लाभ मिलता है। साथ ही उन्होंने फाउंडेशन के सचिव उपेंद्र यादव और पूरी टीम को इस पहल के लिए बधाई दी। देश-विदेश से पहुंचते हैं लोग सेवार्थ फाउंडेशन के सचिव उपेंद्र यादव ने बताया कि फाउंडेशन के सदस्यों के सहयोग से यह सुविधा शुरू की गई है। पितृपक्ष मेला के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में पिंडदानी पहुंचेंगे। मंदिर परिसर में उन्हें शुद्ध पानी मिल सकेगा। सावन और अन्य धार्मिक अवसरों पर भी मंदिर में काफी भीड़ रहती है। फाउंडेशन की ओर से पितृपक्ष मेला के दौरान स्वास्थ्य शिविर लगाने की तैयारी भी की जा रही है। जरूरतमंदों की कर रहे सेवा उपेंद्र यादव ने कहा कि उनके पिता समाजसेवा से जुड़े रहे हैं। उन्हीं के विचारों को आगे बढ़ाते हुए जनसेवा का काम किया जा रहा है। जरूरतमंदों और आम लोगों की सेवा से आत्मिक संतुष्टि मिलती है। उन्होंने अपने बड़े भाई जितेंद्र कुमार के सहयोग और मार्गदर्शन के लिए भी आभार जताया। कार्यक्रम में मुकेश कुमार, ज्ञान रंजन, सनोज कुमार, आलोक कुमार, सत्यानंद सहित फाउंडेशन के सदस्य और अन्य लोग मौजूद रहे।

