फजलगंज पुलिस ने साइबर ठगी के नेटवर्क का खुलासा करते हुए तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया था, जो दो साल में अब तक देश-विदेश में अब तक करीब 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर चुका है। पुलिस को सरगना कपिल वर्मा उर्फ कपिल देव उर्फ शंटी के साथी और समांतर ठगी का गैंग चलाने वाले लखनऊ के सरगना ‘जोकर’ की तलाश है। पुलिस का कहना है कि उसके पकड़े जाने पर हजारों करोड़ की ठगी का खुलासा हो सकता है। पुलिस को इस मामले में कुछ अहम सुराग मिले हैं, सरगना लखनऊ में बैठकर दुबई के सिमकार्ड पर ठगी का नेटवर्क चला रहा है। जिसके गैंग में 6 से ज्यादा साइबर ठग शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों के पास से करीब एक दर्जन दुबई के सिम कार्ड बरामद किए गए। लखनऊ में समानांतर गिरोह चला रहा आरोपी फजलगंज पुलिस और साइबर सेल ने शनिवार को दुबई के साइबर ठगों को म्यूल खाते व प्री एक्टिवेटेड सिम उपलब्ध कराने वाले सरगना कपिल वर्मा उर्फ कपिल देव उर्फ शंटी,अभय प्रताप और रोहित सिंह उर्फ रुद्र प्रताप सिंह समेत तीन को गिरफ्तार किया था। कपिल का दाहिना हाथ साइबर ठग अमित उर्फ जगदीश उर्फ अमित, जबकि उसका बायां हाथ जोकर नाम का ठग है जो लखनऊ से कपिल की तरह ठगी का समानांतर गिरोह चला रहा है। इस गिरोह को ठगों तक पहुंचाने के लिए प्री-एक्टिवेटेड सिम केपी नाम का युवक मुहैया कराता है। पुलिस को अभी सुल्तान मिर्जा उर्फ अभय शुक्ला, केपी,अमित उर्फ जगदीश की तलाश है। इसी तरह से लखनऊ में जोकर नाम के ठग ने प्रदेश के कई जिलों में अपने साथियों को म्यूल खातों को खुलवाने के लिए लगाया है। जानकारी में सामने आया है कि म्यूल खाते खुलवाने से लेकर अन्य खर्चे सरगना कपिल ही देता है और सीधे दुबई के ठगों के संपर्क में है। पुलिस के हाथ लगी कई अहम जानकारियां फजलगंज इंस्पेक्टर धनंजय कुमार पांडेय ने बताया कि जोकर का वास्तविक नाम कुछ और है जो दुबई के सिमकार्ड से नेटवर्क चला रहा है। मोबाइल फोन में कई अहम चैट काल डिटेल के साथ ही बैंक खातों की जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियां हाथ लगी हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

