रतलाम के सीनियर एडवोकेट सुनील जैन का निधन:रात में सोए सुबह मृत मिले, साइलेंट अटैक की संभावना; जिला अभिभाषक संघ के उपाध्यक्ष थे

रतलाम के सीनियर एडवोकेट सुनील जैन का निधन:रात में सोए सुबह मृत मिले, साइलेंट अटैक की संभावना; जिला अभिभाषक संघ के उपाध्यक्ष थे

रतलाम बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष और सीनियर एडवोकेट सुनील जैन (60) का रविवार रात निधन हो गया। वे एडवोकेट के साथ सामाजिक कार्यकर्ता भी थे। रात करीब 1 बजे पत्नी ने उन्हें सोते समय बेसुध देखा। डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। साइलेंट हार्ट अटैक की संभावना जताई जा रही है। उनके निधन की जानकारी सोमवार सुबह मिली, जिसके बाद बड़ी संख्या में अधिवक्ता और सामाजिक संस्थाओं से जुड़े लोग उनके घर पहुंचे। पत्नी ने उठकर देखा तो बेसुध थे रविवार रात करीब 1 बजे सुनील जैन की पत्नी वॉशरूम जाने के लिए उठीं। उन्होंने देखा कि सुनील जैन दोनों हाथ सीने पर रखकर सो रहे थे। हाथ हटाकर उन्हें सीधा किया तो वे बेसुध मिले। पत्नी ने रात में रिश्तेदार डॉ. सर्राफ को इसकी जानकारी दी। डॉक्टर घर पहुंचे और जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। 15 साल से ब्लाइंड हेल्पिंग स्कूल के चेयरमैन रहे सुनील जैन लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़े थे। वे जिला बॉडी बिल्डिंग एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रहे। लाइंस क्लब द्वारा संचालित ब्लाइंड हेल्पिंग स्कूल के वे पिछले 15 साल से चेयरमैन थे। लाइंस क्लब में भी उन्होंने कई पदों पर जिम्मेदारी संभाली थी। वकालत के साथ वे सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रहते थे। बेटी नायब तहसीलदार, बेटा सुप्रीम कोर्ट में सुनील जैन की बेटी भोपाल में नायब तहसीलदार हैं। उनका बेटा दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट में है। उनके निधन से अधिवक्ता जगत और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है। अंतिम यात्रा सोमवार दोपहर 4 बजे उनके निवास राजीव नगर, कस्तूरबा नगर से निकाली जाएगी। दो दिन पहले सम्मान समारोह में शामिल हुए थे 29 अगस्त को रतलाम जिला अभिभाषक संघ ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ के न्यायमूर्ति राजेश कुमार गुप्ता के सम्मान में समारोह आयोजित किया था। इसमें सुनील जैन ने आभार व्यक्त किया था। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने न्यायमूर्ति के साथ फोटो भी खिंचवाया था। जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि दो दिन पहले ही न्यायमूर्ति के रतलाम आने पर आयोजित सम्मान समारोह में सुनील जैन ने आभार व्यक्त किया था। इसके बाद सभी ने साथ में चाय-नाश्ता किया था। उन्होंने कहा कि साथी अधिवक्ता का अचानक चले जाना रतलाम के न्याय जगत और अभिभाषक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है।

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