‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ ने बदली सुनील लोधी की किस्मत, गांव से निकलकर बॉलीवुड तक पहुंची आवाज

‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान’ ने बदली सुनील लोधी की किस्मत, गांव से निकलकर बॉलीवुड तक पहुंची आवाज

Sunil Lodhi Hanuman Ansh Singer: मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव में तंबूरा लेकर भजन और बुंदेली गीत गाने वाले दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि उनकी आवाज एक दिन बॉलीवुड के बड़े पर्दे तक पहुंचेगी। सालों तक गांव और आसपास के इलाकों में अपनी गायकी से लोगों का मनोरंजन करने वाले सुनील की जिंदगी तब बदल गई, जब उनकी एक साधारण-सी रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

सुनील की कहानी इस बात की मिसाल है कि हुनर को अगर सही मंच मिल जाए, तो वह किसी पहचान का मोहताज नहीं रहता।

‘मोरे संकट के कटैया…’ ने बदल दी जिंदगी

सुनील लोधी बुंदेलखंड में लंबे समय से भजन और पारंपरिक बुंदेली गीत गाते आ रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने हनुमान जी का पारंपरिक भजन ‘मोरे संकट के कटैया…’ गाया। इस भजन की एक रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर पहुंची और देखते ही देखते लोगों के बीच लोकप्रिय हो गई। जिस आवाज को अब तक सीमित दायरे में ही लोग सुनते थे, वह इंटरनेट के जरिए हजारों-लाखों लोगों तक पहुंच गई। इस भजन को अब तक 2.9 करोड़ से ज्यादा बार देखा जा चुका है।

सुनील के लिए यह सिर्फ किसी वीडियो के वायरल होने की कहानी नहीं थी, बल्कि उनकी जिंदगी में आए एक बड़े बदलाव की शुरुआत थी।

पंकज VRK ने सुनी आवाज और पहुंच गए सुनील तक

सुनील की वायरल रिकॉर्डिंग संगीत निर्माता पंकज VRK तक भी पहुंची। उन्हें सुनील की आवाज में कुछ ऐसा खास लगा कि उन्होंने इस गायक को तलाशना शुरू किया। आखिरकार पंकज VRK ने सुनील को ढूंढ लिया और उन्हें मुंबई आने का मौका मिला। गांव की गलियों और स्थानीय मंचों पर तंबूरा लेकर गाने वाले सुनील के लिए मुंबई पहुंचना किसी सपने के सच होने जैसा था।

‘मैंने तेरे ही भरोसे’ फिल्म ‘हनुमान अंश’ का हिस्सा बना

मुंबई में उन्होंने कई गाने रिकॉर्ड किए। इनमें से एक गाना ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ फिल्म ‘हनुमान अंश‘ का हिस्सा बना। फिल्म हनुमान अंश इन दिनों अपनी सफलता को लेकर चर्चा में है. और सोशल मीडिया पर मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान।।। भजन भी लोकप्रियता हासिल का रहा है.

गांव से बॉलीवुड तक पहुंची आवाज

सुनील लोधी की कहानी का सबसे खूबसूरत पहलू सिर्फ यह नहीं है कि उनकी आवाज बॉलीवुड फिल्म का हिस्सा बनी। असल कहानी यह है कि यह आवाज एक छोटे से गांव से निकली और सोशल मीडिया के जरिए उन लोगों तक पहुंची, जिन्होंने उसमें छिपे हुनर को पहचाना। सुनील पहली बार इंदौर पहुंचे और फिर मुंबई। वहां के साईं बाबा स्टूडियो में उन्होंने करीब आठ गाने रिकॉर्ड किए। उन्हें तब पता भी नहीं था कि इनमें से एक गाना फिल्म का हिस्सा बनने वाला है। सालों तक बिना किसी बड़े मंच या पहचान के भजन गाने वाले सुनील को एक वायरल वीडियो ने वह मौका दिया, जिसका शायद उन्होंने कभी सपना भी नहीं देखा था।

आंखों से नहीं, आवाज़ से दुनिया देख रहे हैं

सुनिल दृष्टिबाधित हैं, लेकिन उनकी कहानी उनकी कमी की कहानी नहीं है। यह उस हुनर की कहानी है, जिसे एक मौका मिला तो गांव से निकालकर करोड़ों लोगों तक पहुंच गया। उनकी कहानी यह भी बताती है कि आज सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है। सही मायने में यह उन कलाकारों के लिए एक मंच बन सकता है, जिन तक पारंपरिक माध्यमों की पहुंच नहीं है।

सुनील लोधी की कहानी ऐसे ही अनदेखे हुनर की ताकत को सामने लाती है। उनकी आवाज पहले गांव में गूंजी, फिर सोशल मीडिया तक पहुंची और अब बॉलीवुड फिल्म का हिस्सा बन गई।

हनुमान अंश की ऐतिहासिक सफलता

एक साधारण शुरुआत से लेकर एक विशाल सफलता तक! रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘हनुमान अंश’ एक अप्रत्याशित ब्लॉकबस्टर के रूप में उभरी है, जिसने महज 1.8 करोड़ रुपये के बजट के मुकाबले केवल 22 दिनों में लगभग 27 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। फिल्म की लगातार बढ़ती लोकप्रियता और दर्शकों के शानदार रिस्पॉन्स ने इसके बॉक्स-ऑफिस सफर को चर्चा का एक बड़ा विषय बना दिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *