भीलवाड़ा शहर के प्रतापनगर थाना क्षेत्र में मानसरोवर झील के पास रक्षाबंधन पर कपड़े दिलाने का झांसा देकर एक मजदूर के नाम फर्जी बैंक खाता खुलवाने की कोशिश का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो युवकों को मौके से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग नाम के पैन कार्ड, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, डेबिट कार्ड, स्मार्टफोन और डिजिटल पेमेंट स्कैनर बरामद किए गए हैं। सरकारी योजना का पैसा आने का दिया झांसा प्रतापनगर सीआई सुनील ताड़ा ने बताया कि थाने के कांस्टेबल कुलदीप सिंह और मुकेश कुमार गश्त पर थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मानसरोवर झील पर बनी घुमटी में दो युवक एक मजदूर को सरकारी योजना का पैसा आने का झांसा देकर उसके मोबाइल और दस्तावेजों से ऑनलाइन खाता खोल रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और तीन युवकों को घेर लिया। पूछताछ में मजदूर की पहचान बागौर निवासी राजू रैगर के रूप में हुई। वहीं, अन्य दो युवकों ने बागौर निवासी अंकित कुमार खटीक और लेबर कॉलोनी, भीलवाड़ा निवासी कुलदीप टेलर के रूप में अपनी पहचान बताई। पुलिस के अनुसार अंकित और कुलदीप राजू रैगर के नाम पर म्यूल बैंक खाता खोलने की कोशिश कर रहे थे। 8 पैन कार्ड, 10 डेबिट कार्ड और बैंक दस्तावेज मिले पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 स्मार्टफोन, अलग-अलग नाम के 8 पैन कार्ड और आधार कार्ड, विभिन्न बैंकों की 8 पासबुक, कई चेक लीफ और चेकबुक, अलग-अलग बैंकों के 10 डेबिट कार्ड और डिजिटल एप के 6 स्कैनर बरामद किए। कपड़े दिलाने के बहाने मजदूर को साथ लाए राजू रैगर ने पुलिस को बताया कि गांव के अंकित खटीक ने उसे रक्षाबंधन पर भीलवाड़ा से कपड़े दिलाने की बात कही थी। राजू ने रुपए नहीं होने की बात कही तो अंकित ने पूरा खर्च खुद उठाने की बात कही। इसके बाद पांसल चौराहे पर अंकित का साथी कुलदीप टेलर मिला। कुलदीप ने कॉल करने के बहाने राजू का मोबाइल लिया और उसमें रखे पैन कार्ड की फोटो खींच ली। इसके बाद प्लास्टिक कार्ड पर उसका प्रिंट निकाल लिया। एक खाते के 1500 रुपए देने का लालच आरोपी राजू को मानसरोवर झील लेकर पहुंचे। वहां उन्होंने कहा कि उसके नाम से तीन खाते खुलवाने हैं और प्रत्येक खाते के बदले 1500 रुपए दिए जाएंगे। राजू ने इनकार किया तो आरोपियों ने उसे लोन दिलाने की बात कही। इसके बाद आरोपी एप के जरिए वर्चुअल बैंक खाता खोलने की कोशिश करने लगे। इसी दौरान पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पकड़ लिया। साइबर फ्रॉड की रकम खपाने में करते थे इस्तेमाल थानाधिकारी सुनील ताड़ा के अनुसार दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर म्यूल बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग से हासिल रकम को खपाने के लिए किया जाता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य साइबर अपराधियों की तलाश कर रही है।

