Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के नासिक में होने वाले सिंहस्थ कुंभ मेले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। उद्धव ठाकरे गुट के सांसद संजय राउत ने कुंभ मेले की तैयारियों और विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाया है। राउत ने दावा किया कि नासिक कुंभ मेले के लिए मंजूर 35 हजार करोड़ रुपये में से 25 हजार करोड़ कुंभ मेला मंत्री और अधिकारी मिलकर ‘गबन’ करने वाले हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इन आरोपों को कुंभ मेले को बदनाम करने का षड्यंत्र करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
‘नासिक के लोगों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का बहिष्कार किया’
संजय राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में शुक्रवार को नासिक में आयोजित ‘सिंहस्थ महाकुंभ भक्तिसंगम’ कार्यक्रम को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि नासिक के लोगों ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम और उनके भाषण का बहिष्कार किया। राउत ने कहा कि लोगों ने मुख्यमंत्री को गंभीरता से देखना तक बंद कर दिया है।
राउत ने सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि कुंभ मेले में कथित भ्रष्टाचार की चर्चा अब केवल विपक्ष ही नहीं, बल्कि साधु-संत भी खुले तौर पर करने लगे हैं।
राउत ने विकास कार्यों पर भी उठाए सवाल
संजय राउत ने नासिक में चल रहे विकास कार्यों की योजना पर सवाल उठाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि शहर में विकास कार्यों का कोई उचित नियोजन नजर नहीं आ रहा है। नासिक की सड़कों पर बने गड्ढों को लेकर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा।
राउत ने सवाल किया कि “क्या सरकार को नासिक के गड्ढे दिखाई नहीं देते? इन गड्ढों के कारण हुई मौतें भी दिखाई नहीं देतीं?”
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का काम सिर्फ निविदाएं निकालना और ठेकेदारों को काम देना रह गया है, जिसकी वजह से नासिक के लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
राउत ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए कहा कि करीब दस साल पहले उन्होंने नासिक को गोद लेने की बात कही थी, लेकिन अब वह इसे भूल गए हैं और शहर की स्थिति खराब हो गई है।
मेयर का पलटवार- राउत को आधी-अधूरी जानकारी है
संजय राउत के आरोपों पर नासिक की मेयर हिमगौरी आहेर-आडके ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राउत खुद कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे, इसलिए संभव है कि उन्हें गलत या अधूरी जानकारी दी गई हो।
मेयर के मुताबिक, ‘भक्तिसंगम’ कार्यक्रम सिंहस्थ प्राधिकरण का आयोजन था। इसमें साधु-संतों और चुनिंदा आमंत्रितों को ही बुलाया गया था। कार्यक्रम में प्रवेश के लिए पास भी जारी किए गए थे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम स्थल पर रखी गई अतिरिक्त कुर्सियां रात में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए थीं। इसलिए कार्यक्रम में भीड़ को लेकर संजय राउत का बयान अधूरी जानकारी पर आधारित है।
मेयर ने कुंभ मेले को लेकर इस तरह के बयान और सोशल मीडिया पोस्ट करने पर भी आपत्ति जताई। उन्होंने ठाकरे गुट से कुंभ मेले के कार्यक्रमों को बदनाम करने का कथित प्रयास बंद करने की अपील की।
CM फडणवीस बोले- नासिक का बदला चेहरा सामने आएगा
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी सिंहस्थ कुंभ मेले में कथित भ्रष्टाचार के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सिंहस्थ महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। फडणवीस ने विश्वास जताया कि यह कथित साजिश सफल नहीं होगी और आने वाले समय में नासिक का बदला हुआ और विकसित चेहरा सभी के सामने आएगा।

