थार से कुचलकर 40 वर्षीय कामगार की मौत:पटना-बक्सर NH पर 5 घंटे जाम, PNC कंपनी ने दिए 50 हजार रुपये; शेष राशि जल्द

थार से कुचलकर 40 वर्षीय कामगार की मौत:पटना-बक्सर NH पर 5 घंटे जाम, PNC कंपनी ने दिए 50 हजार रुपये; शेष राशि जल्द

पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार थार की चपेट में आने से एक कामगार की मौके पर मौत हो गई। घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक एनएच 922 को जाम रखा। बाद में पीएनसी कंपनी द्वारा मुआवजे की घोषणा के बाद जाम हटाया गया। मृतक की पहचान कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के बड़का ढकाईच गांव निवासी राम प्रवेश सिंह के 40 वर्षीय पुत्र दीनबंधु कुमार के रूप में हुई है। दीनबंधु पीएनसी कंपनी के तहत एनएच 922 के डिवाइडर पर लगी झाड़ियों की देखभाल करते थे। शनिवार दोपहर वह खाना खाकर ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी कृष्णाब्रह्म अंडरपास से लगभग 100 मीटर आगे एक तेज रफ्तार थार ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने शव रख सड़क जाम किया घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। कृष्णाब्रह्म के साथ नया भोजपुर और ब्रह्मपुर थाने की पुलिस टीम, तथा सर्किल इंस्पेक्टर ओमप्रकाश भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। परिजन और ग्रामीण दो लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। डेढ़ लाख रुपये और देने का आश्वासन शाम करीब पांच बजे पीएनसी कंपनी ने तत्काल 50 हजार रुपये का चेक दिया और शेष डेढ़ लाख रुपये एक सप्ताह में देने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम हटा लिया गया। जाम हटने के बाद कृष्णाब्रह्म पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कृष्णाब्रह्म के प्रभारी थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि अभी तक परिजनों द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन का पता लगाया जा रहा है। दो बच्चों के सिर से उठा बाप का साया जानकारी के अनुसार मृतक काफी गरीब परिवार से है तथा वह वर्ष 2013 से ही पीएनसी कंपनी में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उसे एक पुत्री सिमरन 20 वर्ष तथा एक पुत्र रितिक राज 15 वर्ष है। इस घटना से दोनों के सिर से बाप का साया उठ गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल इस घटना ने पीड़ित परिवार को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों की माने तो वहीं परिवार का एकमात्र सहारा था। इस हादसे ने परिवार के कमाउ पूत को छिनने के साथ ही दो वक्त की रोटी पर संकट खड़ा कर दिया है। यही कारण है कि घटना के बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था। पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार थार की चपेट में आने से एक कामगार की मौके पर मौत हो गई। घटना के विरोध में परिजनों और ग्रामीणों ने करीब पांच घंटे तक एनएच 922 को जाम रखा। बाद में पीएनसी कंपनी द्वारा मुआवजे की घोषणा के बाद जाम हटाया गया। मृतक की पहचान कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र के बड़का ढकाईच गांव निवासी राम प्रवेश सिंह के 40 वर्षीय पुत्र दीनबंधु कुमार के रूप में हुई है। दीनबंधु पीएनसी कंपनी के तहत एनएच 922 के डिवाइडर पर लगी झाड़ियों की देखभाल करते थे। शनिवार दोपहर वह खाना खाकर ड्यूटी पर जा रहे थे, तभी कृष्णाब्रह्म अंडरपास से लगभग 100 मीटर आगे एक तेज रफ्तार थार ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने शव रख सड़क जाम किया घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग मौके पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। कृष्णाब्रह्म के साथ नया भोजपुर और ब्रह्मपुर थाने की पुलिस टीम, तथा सर्किल इंस्पेक्टर ओमप्रकाश भी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। परिजन और ग्रामीण दो लाख रुपये मुआवजे की मांग पर अड़े रहे। डेढ़ लाख रुपये और देने का आश्वासन शाम करीब पांच बजे पीएनसी कंपनी ने तत्काल 50 हजार रुपये का चेक दिया और शेष डेढ़ लाख रुपये एक सप्ताह में देने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम हटा लिया गया। जाम हटने के बाद कृष्णाब्रह्म पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। कृष्णाब्रह्म के प्रभारी थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि अभी तक परिजनों द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले वाहन का पता लगाया जा रहा है। दो बच्चों के सिर से उठा बाप का साया जानकारी के अनुसार मृतक काफी गरीब परिवार से है तथा वह वर्ष 2013 से ही पीएनसी कंपनी में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करता है। उसे एक पुत्री सिमरन 20 वर्ष तथा एक पुत्र रितिक राज 15 वर्ष है। इस घटना से दोनों के सिर से बाप का साया उठ गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल इस घटना ने पीड़ित परिवार को झकझोर कर रख दिया है। ग्रामीणों की माने तो वहीं परिवार का एकमात्र सहारा था। इस हादसे ने परिवार के कमाउ पूत को छिनने के साथ ही दो वक्त की रोटी पर संकट खड़ा कर दिया है। यही कारण है कि घटना के बाद से पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल हो गया था।  

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