सुपौल से सटे पड़ोसी देश नेपाल में हो रही बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। शनिवार शाम 6 बजे कोसी बराज से स्थिर क्रम में 1,70,535 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया। वहीं, बराह क्षेत्र से घटते क्रम में 1,15,000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। पानी बढ़ने के कारण कोसी तटबंध के भीतरी और निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। हालांकि, जिले में अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं और लोगों को तत्काल खतरे की स्थिति नहीं है। देखें, मौके से आई तस्वीर… नदी के उतार-चढ़ाव पर लोगों की नजर कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद तटबंध के अंदर बसे गांवों और निचले इलाकों में पानी का फैलाव बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में पहले से ही नदी के उतार-चढ़ाव पर लोगों की नजर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर में वृद्धि के बावजूद फिलहाल पानी का स्तर ऐसे खतरे के निशान पर नहीं पहुंचा है, जिससे बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति बने। 5 प्रखंड बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शामिल सुपौल जिले के निर्मली, सरायगढ़-भपटियाही, किशनपुर, मरौना और सुपौल सदर प्रखंड बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। इन प्रखंडों के तटबंध के अंदर और निचले इलाकों में पानी का असर अधिक दिखाई देता है। हालांकि, फिलहाल इन इलाकों में पानी कम रहने के कारण बाढ़ से कोई तत्काल खतरा नहीं है। डीएम के नेतृत्व में लगातार मॉनिटरिंग जलस्तर में बदलाव को देखते हुए डीएम सावन कुमार के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित इलाकों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डीएम ने संबंधित अभियंताओं, अंचलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को जलस्तर, तटबंध और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके। सुपौल से सटे पड़ोसी देश नेपाल में हो रही बारिश के कारण कोसी नदी के जलस्तर में एक बार फिर बढ़ोतरी हुई है। शनिवार शाम 6 बजे कोसी बराज से स्थिर क्रम में 1,70,535 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज दर्ज किया गया। वहीं, बराह क्षेत्र से घटते क्रम में 1,15,000 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ। पानी बढ़ने के कारण कोसी तटबंध के भीतरी और निचले इलाकों में पानी फैलने लगा है। हालांकि, जिले में अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं और लोगों को तत्काल खतरे की स्थिति नहीं है। देखें, मौके से आई तस्वीर… नदी के उतार-चढ़ाव पर लोगों की नजर कोसी नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद तटबंध के अंदर बसे गांवों और निचले इलाकों में पानी का फैलाव बढ़ रहा है। इन क्षेत्रों में पहले से ही नदी के उतार-चढ़ाव पर लोगों की नजर बनी हुई है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जलस्तर में वृद्धि के बावजूद फिलहाल पानी का स्तर ऐसे खतरे के निशान पर नहीं पहुंचा है, जिससे बड़े पैमाने पर बाढ़ की स्थिति बने। 5 प्रखंड बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में शामिल सुपौल जिले के निर्मली, सरायगढ़-भपटियाही, किशनपुर, मरौना और सुपौल सदर प्रखंड बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं। इन प्रखंडों के तटबंध के अंदर और निचले इलाकों में पानी का असर अधिक दिखाई देता है। हालांकि, फिलहाल इन इलाकों में पानी कम रहने के कारण बाढ़ से कोई तत्काल खतरा नहीं है। डीएम के नेतृत्व में लगातार मॉनिटरिंग जलस्तर में बदलाव को देखते हुए डीएम सावन कुमार के नेतृत्व में बाढ़ प्रभावित इलाकों की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। डीएम ने संबंधित अभियंताओं, अंचलाधिकारियों और आपदा प्रबंधन से जुड़े कर्मियों को अलर्ट मोड में रहने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को जलस्तर, तटबंध और निचले इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया जा सके।

