मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को महादेव का अलौकिक महाश्रृंगार किया गया। शाम होते ही बाबा गरीबनाथ ने बर्फानी स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। करीब 251 बर्फ की सिल्लियों से बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया। बाबा के बर्फानी स्वरूप के दर्शन के दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ बाबा का दर्शन-पूजन कर सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। बाबा के इस दिव्य और मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में जुटी रही। सुबह अर्धनारीश्वर, शाम को बर्फानी स्वरूप रक्षाबंधन और श्रावणी पूर्णिमा के विशेष अवसर पर बाबा गरीबनाथ का श्रृंगार दो अलग-अलग स्वरूपों में किया गया। सुबह बाबा अर्धनारीश्वर स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए, जबकि शाम को मंदिर में 251 बर्फ की सिल्लियों से महाश्रृंगार कर बाबा को बर्फानी स्वरूप दिया गया। श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य बेहद आकर्षक और भक्तिमय रहा। बाबा के दर्शन के लिए लगातार लोग मंदिर पहुंचते रहे। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ विशेष रूप से इस श्रृंगार को देखने पहुंचे थे। हर सोमवारी अलग-अलग वस्तुओं से होता है बाबा का महाश्रृंगार श्रावण महीने में बाबा गरीबनाथ के विशेष महाश्रृंगार की अपनी अलग परंपरा है। प्रत्येक सोमवारी को अलग-अलग वस्तुओं से बाबा का महाश्रृंगार किया जाता है। पहली सोमवारी पर विदेशी फूलों से पुष्प श्रृंगार, दूसरी सोमवारी पर फलों से श्रृंगार, तीसरी सोमवारी पर अनाज से श्रृंगार और चौथी सोमवारी पर पान के पत्तों से श्रृंगार किया गया था। श्रावण माह के दौरान बाबा गरीबनाथ के कई विशेष स्वरूप श्रद्धालुओं ने देखे। इससे पहले बाबा का महाकाल स्वरूप भी भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा था। अब श्रावणी पूर्णिमा पर अर्धनारीश्वर और फिर बर्फानी स्वरूप में दर्शन ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। शहर के अन्य शिवालयों में भी विशेष आयोजन श्रावणी पूर्णिमा पर शहर के कई अन्य शिवालयों में भी भगवान शिव का विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना हुई। भजन-कीर्तन और आरती से माहौल भक्तिमय बना रहा। लेकिन 251 बर्फ की सिल्लियों से सजे बाबा गरीबनाथ के बर्फानी स्वरूप ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया और देर रात तक मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। मुजफ्फरपुर के प्रसिद्ध बाबा गरीबनाथ मंदिर में श्रावणी पूर्णिमा के अवसर पर शुक्रवार को महादेव का अलौकिक महाश्रृंगार किया गया। शाम होते ही बाबा गरीबनाथ ने बर्फानी स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए। करीब 251 बर्फ की सिल्लियों से बाबा का भव्य श्रृंगार किया गया। बाबा के बर्फानी स्वरूप के दर्शन के दौरान पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ बाबा का दर्शन-पूजन कर सुख, शांति, समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की। बाबा के इस दिव्य और मनमोहक स्वरूप के दर्शन के लिए देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में जुटी रही। सुबह अर्धनारीश्वर, शाम को बर्फानी स्वरूप रक्षाबंधन और श्रावणी पूर्णिमा के विशेष अवसर पर बाबा गरीबनाथ का श्रृंगार दो अलग-अलग स्वरूपों में किया गया। सुबह बाबा अर्धनारीश्वर स्वरूप में भक्तों को दर्शन दिए, जबकि शाम को मंदिर में 251 बर्फ की सिल्लियों से महाश्रृंगार कर बाबा को बर्फानी स्वरूप दिया गया। श्रद्धालुओं के लिए यह दृश्य बेहद आकर्षक और भक्तिमय रहा। बाबा के दर्शन के लिए लगातार लोग मंदिर पहुंचते रहे। कई श्रद्धालु अपने परिवार के साथ विशेष रूप से इस श्रृंगार को देखने पहुंचे थे। हर सोमवारी अलग-अलग वस्तुओं से होता है बाबा का महाश्रृंगार श्रावण महीने में बाबा गरीबनाथ के विशेष महाश्रृंगार की अपनी अलग परंपरा है। प्रत्येक सोमवारी को अलग-अलग वस्तुओं से बाबा का महाश्रृंगार किया जाता है। पहली सोमवारी पर विदेशी फूलों से पुष्प श्रृंगार, दूसरी सोमवारी पर फलों से श्रृंगार, तीसरी सोमवारी पर अनाज से श्रृंगार और चौथी सोमवारी पर पान के पत्तों से श्रृंगार किया गया था। श्रावण माह के दौरान बाबा गरीबनाथ के कई विशेष स्वरूप श्रद्धालुओं ने देखे। इससे पहले बाबा का महाकाल स्वरूप भी भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र रहा था। अब श्रावणी पूर्णिमा पर अर्धनारीश्वर और फिर बर्फानी स्वरूप में दर्शन ने भक्तों को भावविभोर कर दिया। शहर के अन्य शिवालयों में भी विशेष आयोजन श्रावणी पूर्णिमा पर शहर के कई अन्य शिवालयों में भी भगवान शिव का विशेष श्रृंगार और पूजा-अर्चना हुई। भजन-कीर्तन और आरती से माहौल भक्तिमय बना रहा। लेकिन 251 बर्फ की सिल्लियों से सजे बाबा गरीबनाथ के बर्फानी स्वरूप ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया और देर रात तक मंदिर में दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा।

