इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में 1,200 बेड वाले नए मल्टी-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। सात मंजिला इस अत्याधुनिक अस्पताल भवन का लगभग 60% काम पूरा हो चुका है। इसे अगले तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अस्पताल के दिसंबर 2026 तक मरीजों के लिए शुरू होने की उम्मीद है। IGIMS के उप निदेशक प्रोफेसर डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा के अनुसार, भवन का निर्माण पूरा होने के बाद इसमें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ेगी और गंभीर बीमारियों के इलाज का विस्तार होगा। इस नए मल्टी-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण पर लगभग 405.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के अनुसार, अस्पताल की इमारत को भूकंपरोधी बनाया जा रहा है। देखें तस्वीरें… लगभग 11 लाख वर्गफीट क्षेत्र में फैलेगी यह सात मंजिला इमारत लगभग 11 लाख वर्गफीट क्षेत्र में फैलेगी। अस्पताल में मरीजों के इलाज से लेकर जांच और ऑपरेशन तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है। नए अस्पताल में लगभग 30 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) बनाए जाएंगे। यहां IGIMS के विभिन्न विभागों की OPD सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त, पैथोलॉजिकल लैब और रेडियोलॉजिकल जांच की सुविधाएं भी अस्पताल में मौजूद होंगी। अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बेहतर और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। प्रमुख सुविधाओं में रोबोटिक सर्जरी, अत्याधुनिक ICU और अन्य गहन चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। अस्पताल में एक बड़ी आपातकालीन इकाई विकसित करने की भी योजना है। इसके शुरू होने के बाद, गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने की क्षमता में वृद्धि होगी। राज्यभर के मरीजों को मिलेगा फायदा IGIMS में नए 1,200 बेड जुड़ने से बिहार के अलग-अलग जिलों से इलाज के लिए पटना आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नए अस्पताल के शुरू होने के बाद मरीजों को ज्यादा बेड, ऑपरेशन थिएटर, जांच और गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधाएं मिलेंगी। इससे IGIMS की इलाज क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा। 3 महीने की डेडलाइन, दिसंबर तक शुरू करने का लक्ष्य अस्पताल का करीब 60 निर्माण पूरा होने के बाद अब शेष काम को तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और एजेंसी को अगले 3 महीने में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण पूरा होने के बाद अस्पताल में आधुनिक उपकरण लगाने और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक अस्पताल को मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाए। अस्पताल के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर 164 बेड की अत्याधुनिक आपातकालीन इकाई और 6 ऑपरेशन थिएटर होंगे। यहां गंभीर रोगियों के आपातकालीन उपचार और तुरंत सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सेंट्रल स्टरलाइजेशन सर्विस डिपार्टमेंट (CSSD) भी भूतल पर ही स्थापित होगा। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) में 1,200 बेड वाले नए मल्टी-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण कार्य तेजी से जारी है। सात मंजिला इस अत्याधुनिक अस्पताल भवन का लगभग 60% काम पूरा हो चुका है। इसे अगले तीन महीने में पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अस्पताल के दिसंबर 2026 तक मरीजों के लिए शुरू होने की उम्मीद है। IGIMS के उप निदेशक प्रोफेसर डॉ. विभूति प्रसन्न सिन्हा के अनुसार, भवन का निर्माण पूरा होने के बाद इसमें आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ेगी और गंभीर बीमारियों के इलाज का विस्तार होगा। इस नए मल्टी-सुपर-स्पेशियलिटी अस्पताल के निर्माण पर लगभग 405.10 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (BMSICL) के अनुसार, अस्पताल की इमारत को भूकंपरोधी बनाया जा रहा है। देखें तस्वीरें… लगभग 11 लाख वर्गफीट क्षेत्र में फैलेगी यह सात मंजिला इमारत लगभग 11 लाख वर्गफीट क्षेत्र में फैलेगी। अस्पताल में मरीजों के इलाज से लेकर जांच और ऑपरेशन तक की सभी सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराने की योजना है। नए अस्पताल में लगभग 30 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (OT) बनाए जाएंगे। यहां IGIMS के विभिन्न विभागों की OPD सुविधा भी उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त, पैथोलॉजिकल लैब और रेडियोलॉजिकल जांच की सुविधाएं भी अस्पताल में मौजूद होंगी। अस्पताल को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों से सुसज्जित किया जाएगा, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बेहतर और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मिल सकेंगी। प्रमुख सुविधाओं में रोबोटिक सर्जरी, अत्याधुनिक ICU और अन्य गहन चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार शामिल है। अस्पताल में एक बड़ी आपातकालीन इकाई विकसित करने की भी योजना है। इसके शुरू होने के बाद, गंभीर स्थिति में आने वाले मरीजों को तत्काल इलाज उपलब्ध कराने की क्षमता में वृद्धि होगी। राज्यभर के मरीजों को मिलेगा फायदा IGIMS में नए 1,200 बेड जुड़ने से बिहार के अलग-अलग जिलों से इलाज के लिए पटना आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। नए अस्पताल के शुरू होने के बाद मरीजों को ज्यादा बेड, ऑपरेशन थिएटर, जांच और गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधाएं मिलेंगी। इससे IGIMS की इलाज क्षमता में भी बड़ा इजाफा होगा। 3 महीने की डेडलाइन, दिसंबर तक शुरू करने का लक्ष्य अस्पताल का करीब 60 निर्माण पूरा होने के बाद अब शेष काम को तय समय सीमा में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और एजेंसी को अगले 3 महीने में काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्माण पूरा होने के बाद अस्पताल में आधुनिक उपकरण लगाने और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जाएगा। लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक अस्पताल को मरीजों के लिए शुरू कर दिया जाए। अस्पताल के भूतल (ग्राउंड फ्लोर) पर 164 बेड की अत्याधुनिक आपातकालीन इकाई और 6 ऑपरेशन थिएटर होंगे। यहां गंभीर रोगियों के आपातकालीन उपचार और तुरंत सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। सेंट्रल स्टरलाइजेशन सर्विस डिपार्टमेंट (CSSD) भी भूतल पर ही स्थापित होगा।

