खगड़िया में विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं अन्य समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान के लिए शिक्षा विभाग ने पहल तेज कर दी है। बिहार सरकार द्वारा संचालित विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार गोंड के निर्देश पर विद्यार्थियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली, पंजीकरण और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार गोंड ने बताया कि विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एक महत्वपूर्ण माध्यम है। 30 दिनों में समाधान सुनिश्चित करने का टारगेट कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के साथ-साथ छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। विद्यार्थी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराने के बाद अपनी समस्या ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पोर्टल पर समस्या दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा उसके समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विद्यार्थियों की समस्याओं का अधिकतम 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने की अपील की हालांकि, विभाग का प्रयास रहेगा कि समस्याओं का निपटारा निर्धारित समय से पहले, संभव हो तो 10 दिनों के भीतर ही कर दिया जाए। DEO ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना और उनकी शिकायतों का पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करना है। उन्होंने खगड़िया के विद्यार्थियों और अभिभावकों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। पोर्टल का उपयोग करने का आग्रह उन्होंने विशेष रूप से कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं और जेएनकेटी छात्रावास के विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की शैक्षणिक या संबंधित समस्या होने पर उसे विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराएं। साथ ही बेलदौर और अलौली क्षेत्र के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों से भी पोर्टल का उपयोग करने का आग्रह किया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से छात्रों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध होगी। खगड़िया में विद्यार्थियों की शैक्षणिक एवं अन्य समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान के लिए शिक्षा विभाग ने पहल तेज कर दी है। बिहार सरकार द्वारा संचालित विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के प्रति छात्र-छात्राओं को जागरूक किया जा रहा है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार गोंड के निर्देश पर विद्यार्थियों को पोर्टल की कार्यप्रणाली, पंजीकरण और शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेन्द्र कुमार गोंड ने बताया कि विद्यार्थियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एक महत्वपूर्ण माध्यम है। 30 दिनों में समाधान सुनिश्चित करने का टारगेट कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के साथ-साथ छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को भी इस सुविधा का लाभ मिल सकेगा। विद्यार्थी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराने के बाद अपनी समस्या ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक माह के चौथे मंगलवार को संस्थानों में विद्यार्थी सहयोग पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। पोर्टल पर समस्या दर्ज होने के बाद संबंधित विभाग द्वारा उसके समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। विद्यार्थियों की समस्याओं का अधिकतम 30 दिनों के भीतर समाधान सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है। ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने की अपील की हालांकि, विभाग का प्रयास रहेगा कि समस्याओं का निपटारा निर्धारित समय से पहले, संभव हो तो 10 दिनों के भीतर ही कर दिया जाए। DEO ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाना और उनकी शिकायतों का पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करना है। उन्होंने खगड़िया के विद्यार्थियों और अभिभावकों से इस सुविधा का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की। पोर्टल का उपयोग करने का आग्रह उन्होंने विशेष रूप से कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों, छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की छात्राओं और जेएनकेटी छात्रावास के विद्यार्थियों से अपील की कि किसी भी प्रकार की शैक्षणिक या संबंधित समस्या होने पर उसे विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से दर्ज कराएं। साथ ही बेलदौर और अलौली क्षेत्र के पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों से भी पोर्टल का उपयोग करने का आग्रह किया गया है। शिक्षा विभाग का मानना है कि विद्यार्थी सहयोग पोर्टल के माध्यम से छात्रों की समस्याओं के समाधान की प्रक्रिया अधिक सुगम, पारदर्शी और समयबद्ध होगी।

