रिलायंस ने सुभाष चंद्रा के आरोपों को गलत बताया:कहा- मीडिया का इस्तेमाल किसी पर हमले के लिए नहीं किया

रिलायंस ने सुभाष चंद्रा के आरोपों को गलत बताया:कहा- मीडिया का इस्तेमाल किसी पर हमले के लिए नहीं किया

एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन सुभाष चंद्रा की ओर से मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल करने के आरोपों को रिलायंस ने बयान जारी कर गलत बताया है। रिलायंस प्रवक्ता ने कहा कि वह आरोपों से निराश है। उनके मीडिया बिजनेस का इस्तेमाल किसी पर हमला करने के लिए नहीं हुआ और न आगे होगा। वह सुभाष चंद्रा का सम्मान करती है। दिवालिया केस को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि कर्ज देने वाले बैंकों को ₹22,000 करोड़ से अधिक के दावों पर 99.97% का नुकसान (हेयरकट) झेलना पड़ रहा है। सुभाष चंद्रा और ₹22,006 करोड़ का विवाद NCLT ने सेटलमेंट में क्या-क्या मंजूरी दी है? दिल्ली बेंच के NCLT में पहले इस मामले पर दो जजों का अलग-अलग फैसला आया था, जिसके बाद इसे न्यायिक सदस्य नीलेश शर्मा के पास भेजा गया। उन्होंने इंसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्ट्सी कोड (IBC) के सेक्शन 114 के तहत इस समझौते को मंजूरी दी। ट्रिब्यूनल ने जांच अधिकारी (रेजोल्यूशन प्रोफेशनल) की उस रिपोर्ट को सही माना, जिसमें कहा गया था कि सुभाष चंद्रा के पास दावा की गई रकम के मुकाबले बेहद कम निजी संपत्ति बची है। कोर्ट का यह भी मानना था कि अगर चंद्रा को जबरन दिवालिया घोषित किया जाता है, तो बैंकों को मिलने वाली रिकवरी और भी कम हो सकती है। इसी वजह से इस समझौते को मंजूरी दी गई, जिसके तहत सुभाष चंद्रा अपनी जेब से ₹6.25 करोड़ देंगे, जबकि कर्जदार कंपनियों से करीब ₹1,494 करोड़ मिलने की उम्मीद है। इस पूरे प्लान को कर्ज देने वाले 80.81% वोटिंग शेयर वाले क्रेडिटर्स का समर्थन मिला हुआ है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… ₹22,000 करोड़ के कर्ज का सिर्फ ₹6.5 करोड़ में निपटारा:NCLT ने सुभाष चंद्रा के रीपेमेंट प्लान को मंजूरी दी; माल्या बोले- दोहरा रवैया NCLT ने जी ग्रुप के फाउंडर सुभाष चंद्रा को ₹22 हजार करोड़ के कर्ज को महज ₹6.5 करोड़ में निपटाने के प्लान को मंजूरी दी है। इससे कर्ज देने वाले बैंकों और वित्तीय संस्थानों को अपने 99.97% बकाए पैसे का नुकसान सहना पड़ेगा। चंद्रा को NCLT से मिली राहत पर भगोड़े कारोबारी विजय माल्या ने इसे दोहरा रवैया बताया। माल्या ने X पर पोस्ट कर कहा ये भारतीय इंसाफ का असली मजाक है। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *