नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तर बिहार के 18 जिलों में फैले समस्तीपुर रेल मंडल में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। रेलवे कर्मियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। संवेदनशील रेलवे पुलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर हर घंटे जलस्तर की जानकारी ली जा रही है। पानी बढ़ने की स्थिति में कटाव को रोकने के लिए रेल मंडल के 20 अलग-अलग स्थानों पर बोगियों में बोल्डर और डस्ट लोड कर सुरक्षित रखा गया है। साथ ही इन बोगियों में इंजन भी लगाकर रखा गया है, ताकि आपात स्थिति उत्पन्न होने पर ट्रेन को तुरंत रवाना कर कटाव स्थल तक बोल्डर और डस्ट पहुंचाया जा सके। नेपाल से सटे इलाकों में फैला हुआ है समस्तीपुर रेल मंडल समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बताया कि समस्तीपुर रेल मंडल नेपाल से सटे इलाकों तक फैला हुआ है। नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए वहां से आने वाले पानी का असर रेल मंडल के क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। गंडक नदी के साथ ही कोसी नदी भी रेल मंडल के क्षेत्र से होकर गुजरती है। इन नदियों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है और इनके ऊपर कई रेलवे पुल बने हुए हैं। इसे देखते हुए रेलवे की ओर से सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन की टीम भी एक्टिव मोड में तैनात उधर, नेपाल में आई बाढ़ का समस्तीपुर से गुजरने वाली नदियों पर असर पड़ने की फिलहाल संभावना नहीं है। इसके बावजूद समस्तीपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। बूढ़ी गंडक नदी के विभिन्न स्थानों पर बोगियों में बालू भरकर सुरक्षित रखा गया है, ताकि कहीं पानी बढ़ने और कटाव की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल उसे नियंत्रित किया जा सके। बूढ़ी गंडक नदी के जितवारपुर स्थित गंडक प्रोजेक्ट के सामने, शहर के चीनी मिल चौक समेत अन्य स्थानों पर बालू से भरी बोरियां सुरक्षित रखी गई हैं। जल संसाधन विभाग की ओर से नदी के जलस्तर की हर घंटे निगरानी की जा रही है। नेपाल में बाढ़ के बाद उत्तर बिहार के 18 जिलों में फैले समस्तीपुर रेल मंडल में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। रेलवे कर्मियों की सभी छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। संवेदनशील रेलवे पुलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। संबंधित जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर हर घंटे जलस्तर की जानकारी ली जा रही है। पानी बढ़ने की स्थिति में कटाव को रोकने के लिए रेल मंडल के 20 अलग-अलग स्थानों पर बोगियों में बोल्डर और डस्ट लोड कर सुरक्षित रखा गया है। साथ ही इन बोगियों में इंजन भी लगाकर रखा गया है, ताकि आपात स्थिति उत्पन्न होने पर ट्रेन को तुरंत रवाना कर कटाव स्थल तक बोल्डर और डस्ट पहुंचाया जा सके। नेपाल से सटे इलाकों में फैला हुआ है समस्तीपुर रेल मंडल समस्तीपुर रेल मंडल के डीआरएम ज्योति प्रकाश मिश्रा ने बताया कि समस्तीपुर रेल मंडल नेपाल से सटे इलाकों तक फैला हुआ है। नेपाल में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए वहां से आने वाले पानी का असर रेल मंडल के क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। गंडक नदी के साथ ही कोसी नदी भी रेल मंडल के क्षेत्र से होकर गुजरती है। इन नदियों में जलस्तर बढ़ने की संभावना है और इनके ऊपर कई रेलवे पुल बने हुए हैं। इसे देखते हुए रेलवे की ओर से सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन की टीम भी एक्टिव मोड में तैनात उधर, नेपाल में आई बाढ़ का समस्तीपुर से गुजरने वाली नदियों पर असर पड़ने की फिलहाल संभावना नहीं है। इसके बावजूद समस्तीपुर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। बूढ़ी गंडक नदी के विभिन्न स्थानों पर बोगियों में बालू भरकर सुरक्षित रखा गया है, ताकि कहीं पानी बढ़ने और कटाव की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल उसे नियंत्रित किया जा सके। बूढ़ी गंडक नदी के जितवारपुर स्थित गंडक प्रोजेक्ट के सामने, शहर के चीनी मिल चौक समेत अन्य स्थानों पर बालू से भरी बोरियां सुरक्षित रखी गई हैं। जल संसाधन विभाग की ओर से नदी के जलस्तर की हर घंटे निगरानी की जा रही है।

