बिहार शरीफ में रक्षाबंधन के अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कारगिल पार्क में महोगनी के पौधे को रक्षा सूत्र बांधा। उन्होंने पर्यावरण को बचाने और हरित बिहार के निर्माण के लिए हर नागरिक से आगे आने की अपील की। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जैसे बहन भाई की रक्षा की कामना करती है, ठीक उसी प्रकार आज हम सभी को पेड़-पौधों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए, यही सच्चा रक्षाबंधन है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण ही जीवन है और एक पेड़ एक जिंदगी के समान है, जो हमें ऑक्सीजन, छाया और फल देता है। इसकी रक्षा करना हम सबका धर्म है। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक यह पौधा विशाल वृक्ष नहीं बन जाता, तब तक वे और उनका परिवार इसकी पूरी देखभाल करेंगे। हरित आवरण 7 से 19 प्रतिशत हुआ मंत्री ने राज्य में पर्यावरण सुधार के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की बागडोर संभाली थी, तब बिहार का हरित आवरण मात्र 7 प्रतिशत था, जो निरंतर प्रयासों से बढ़कर अब 19 प्रतिशत हो चुका है। अब हमारा लक्ष्य इसे देश के औसत 33 प्रतिशत तक पहुंचाना है, जिसमें जन-सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समाज को प्लास्टिक मुक्त, नशा मुक्त और ‘पेड़-युक्त’ बनाने पर जोर दिया। विशेष अवसरों पर पौधा लगाने की अपील जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से भावी पीढ़ी को बचाने के लिए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने, माता-पिता और बच्चों के जन्मदिन जैसे अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लें। इस अवसर पर जदयू प्रदेश सचिव गुलरेज अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष धनंजय प्रसाद कुशवाहा, जिला प्रवक्ता डॉ. धनंजय कुमार देव, मुन्ना मांझी, ध्रुव प्रसाद, प्रो. आनंद वर्मा, संजय प्रसाद कुशवाहा, पुरुषोत्तम कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय समाजसेवी उपस्थित रहे। बिहार शरीफ में रक्षाबंधन के अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कारगिल पार्क में महोगनी के पौधे को रक्षा सूत्र बांधा। उन्होंने पर्यावरण को बचाने और हरित बिहार के निर्माण के लिए हर नागरिक से आगे आने की अपील की। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि जैसे बहन भाई की रक्षा की कामना करती है, ठीक उसी प्रकार आज हम सभी को पेड़-पौधों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए, यही सच्चा रक्षाबंधन है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण ही जीवन है और एक पेड़ एक जिंदगी के समान है, जो हमें ऑक्सीजन, छाया और फल देता है। इसकी रक्षा करना हम सबका धर्म है। उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक यह पौधा विशाल वृक्ष नहीं बन जाता, तब तक वे और उनका परिवार इसकी पूरी देखभाल करेंगे। हरित आवरण 7 से 19 प्रतिशत हुआ मंत्री ने राज्य में पर्यावरण सुधार के आंकड़ों को साझा करते हुए कहा कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य की बागडोर संभाली थी, तब बिहार का हरित आवरण मात्र 7 प्रतिशत था, जो निरंतर प्रयासों से बढ़कर अब 19 प्रतिशत हो चुका है। अब हमारा लक्ष्य इसे देश के औसत 33 प्रतिशत तक पहुंचाना है, जिसमें जन-सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने समाज को प्लास्टिक मुक्त, नशा मुक्त और ‘पेड़-युक्त’ बनाने पर जोर दिया। विशेष अवसरों पर पौधा लगाने की अपील जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से भावी पीढ़ी को बचाने के लिए उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने, माता-पिता और बच्चों के जन्मदिन जैसे अवसरों पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसके संरक्षण की जिम्मेदारी लें। इस अवसर पर जदयू प्रदेश सचिव गुलरेज अंसारी, प्रखंड अध्यक्ष धनंजय प्रसाद कुशवाहा, जिला प्रवक्ता डॉ. धनंजय कुमार देव, मुन्ना मांझी, ध्रुव प्रसाद, प्रो. आनंद वर्मा, संजय प्रसाद कुशवाहा, पुरुषोत्तम कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय समाजसेवी उपस्थित रहे।

