अररिया शहर के बाजारों में रक्षाबंधन पर्व को लेकर शुक्रवार सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह लगभग 6 बजे से ही राखियों और मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की चहल-पहल शुरू हो गई। बाजार में मिठाइयों की मांग तेज है, खासकर पारंपरिक मिठाइयों की खरीदारी लगातार जारी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मिठाइयों के दामों में वृद्धि हुई है। बाजार में रसकदम लगभग 400 रुपए, चमचम 360 रुपए, बर्फी 500 रुपए और काजू कतली करीब 1200 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद लोग अपनी पसंद की मिठाइयां खरीदने में पीछे नहीं हट रहे हैं। दुकानदारों को कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद मिठाई कारोबार से जुड़े स्थानीय दुकानदार मोहन कुमार, विष्णु साह और अजय साह के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन मिठाई की बिक्री में काफी इजाफा होता है। उन्होंने बताया कि त्योहार के मौके पर प्रत्येक दुकानदार की दुकानदारी लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुंच जाती है। सुबह से दिख रही ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए इस बार भी कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है। इस बार बाजार में एक खास बदलाव भी देखने को मिल रहा है। ग्राहक रेडीमेड और पहले से पैक मिठाइयों की तुलना में कारीगरों द्वारा ताजा तैयार की गई मिठाइयों को अधिक पसंद कर रहे हैं। दुकानों पर कारीगर लगातार विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाने में व्यस्त देखे जा रहे हैं। शहर के विभिन्न बाजारों में रसगुल्ला, चमचम, रसकदम, बर्फी और काजू कतली सहित कई प्रकार की मिठाइयां सजी हुई हैं। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में बढ़ी भीड़ से कारोबारियों के चेहरों पर भी खुशी है और त्योहार के दौरान मिठाई की बिक्री और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। छोटे गुंडे वाली राखियां बनी आकर्षण का केंद्र वहीं प्रमुख बाजारों में राखियों की अलग-अलग डिजाइन और कीमत वाली कई किस्में उपलब्ध हैं। दुकानदारों ने बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंद को ध्यान में रखते हुए स्टॉक तैयार किया है। बच्चों के लिए लाइट वाली राखियां, डोरेमोन राखी और छोटे गुंडे वाली राखियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक डिजाइन वाली राखियों की विस्तृत श्रृंखला मौजूद है। पारंपरिक से लेकर डिजाइनर राखियों की कई किस्में बड़े भाई-बहनों के लिए भी उपलब्ध हैं। राखियों की कीमत 10 रुपये से शुरू होकर 250 रुपए तक है, जिससे ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर सकें। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में बढ़ी भीड़ से दुकानदार भी उत्साहित दिखे। सुबह से ही लगातार ग्राहकों के आने से राखी की दुकानों पर रौनक बनी रही। पर्व के कारण शहर के बाजारों में उत्सव जैसा माहौल है। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपना स्नेह व्यक्त करते हैं। इसी कारण अररिया के बाजारों में राखी की खरीदारी को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है। अररिया शहर के बाजारों में रक्षाबंधन पर्व को लेकर शुक्रवार सुबह से ही भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह लगभग 6 बजे से ही राखियों और मिठाइयों की दुकानों पर ग्राहकों की चहल-पहल शुरू हो गई। बाजार में मिठाइयों की मांग तेज है, खासकर पारंपरिक मिठाइयों की खरीदारी लगातार जारी है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार मिठाइयों के दामों में वृद्धि हुई है। बाजार में रसकदम लगभग 400 रुपए, चमचम 360 रुपए, बर्फी 500 रुपए और काजू कतली करीब 1200 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद लोग अपनी पसंद की मिठाइयां खरीदने में पीछे नहीं हट रहे हैं। दुकानदारों को कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद मिठाई कारोबार से जुड़े स्थानीय दुकानदार मोहन कुमार, विष्णु साह और अजय साह के अनुसार, रक्षाबंधन के दिन मिठाई की बिक्री में काफी इजाफा होता है। उन्होंने बताया कि त्योहार के मौके पर प्रत्येक दुकानदार की दुकानदारी लगभग डेढ़ से दो लाख रुपये तक पहुंच जाती है। सुबह से दिख रही ग्राहकों की भीड़ को देखते हुए इस बार भी कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है। इस बार बाजार में एक खास बदलाव भी देखने को मिल रहा है। ग्राहक रेडीमेड और पहले से पैक मिठाइयों की तुलना में कारीगरों द्वारा ताजा तैयार की गई मिठाइयों को अधिक पसंद कर रहे हैं। दुकानों पर कारीगर लगातार विभिन्न प्रकार की मिठाइयां बनाने में व्यस्त देखे जा रहे हैं। शहर के विभिन्न बाजारों में रसगुल्ला, चमचम, रसकदम, बर्फी और काजू कतली सहित कई प्रकार की मिठाइयां सजी हुई हैं। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में बढ़ी भीड़ से कारोबारियों के चेहरों पर भी खुशी है और त्योहार के दौरान मिठाई की बिक्री और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। छोटे गुंडे वाली राखियां बनी आकर्षण का केंद्र वहीं प्रमुख बाजारों में राखियों की अलग-अलग डिजाइन और कीमत वाली कई किस्में उपलब्ध हैं। दुकानदारों ने बच्चों से लेकर बड़ों तक की पसंद को ध्यान में रखते हुए स्टॉक तैयार किया है। बच्चों के लिए लाइट वाली राखियां, डोरेमोन राखी और छोटे गुंडे वाली राखियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। दुकानों पर रंग-बिरंगी और आकर्षक डिजाइन वाली राखियों की विस्तृत श्रृंखला मौजूद है। पारंपरिक से लेकर डिजाइनर राखियों की कई किस्में बड़े भाई-बहनों के लिए भी उपलब्ध हैं। राखियों की कीमत 10 रुपये से शुरू होकर 250 रुपए तक है, जिससे ग्राहक अपनी पसंद और बजट के अनुसार खरीदारी कर सकें। रक्षाबंधन को लेकर बाजार में बढ़ी भीड़ से दुकानदार भी उत्साहित दिखे। सुबह से ही लगातार ग्राहकों के आने से राखी की दुकानों पर रौनक बनी रही। पर्व के कारण शहर के बाजारों में उत्सव जैसा माहौल है। रक्षाबंधन के अवसर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी सुख-समृद्धि और लंबी उम्र की कामना करती हैं। भाई भी बहनों को उपहार देकर उनके प्रति अपना स्नेह व्यक्त करते हैं। इसी कारण अररिया के बाजारों में राखी की खरीदारी को लेकर लोगों में विशेष उत्साह है।

