अतीक खत्म, सोशल मीडिया पर साम्राज्य जिंदा:उमर-अली के वीडियो- डायलॉग वाली रीलों की भरमार, पैरोल बाद अचानक बढ़े पोस्ट

अतीक खत्म, सोशल मीडिया पर साम्राज्य जिंदा:उमर-अली के वीडियो- डायलॉग वाली रीलों की भरमार, पैरोल बाद अचानक बढ़े पोस्ट

माफिया अतीक अहमद भले ही खत्म हो चुका है, लेकिन सोशल मीडिया पर उसका नाम अब भी लगातार जिंदा है। इंस्टाग्राम समेत दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अतीक, उसके बेटों उमर और अली व परिवार की तस्वीरों और वीडियो के साथ लगातार पोस्ट और रीलें अपलोड की जा रही हैं। इनमें अतीक और अली के चर्चित डायलॉग को बैकग्राउंड में लगाकर वीडियो बनाने का सिलसिला भी जारी है। सोशल मीडिया पर नजर रखने वाले जानकारों के मुताबिक, अकेले इंस्टाग्राम पर ऐसे 50 से ज्यादा अकाउंट सक्रिय हैं। खास बात यह है कि इनमें कुछ अकाउंट सीधे उमर और अली के नाम से बनाए गए हैं। ऐसे अकाउंट पर लगातार परिवार से जुड़ी तस्वीरें और पुराने वीडियो पोस्ट किए जा रहे हैं। हालांकि इन अकाउंट को वास्तव में कौन संचालित कर रहा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
अली के नाम से अकाउंट, मिलादुन्नबी के जुलूस का वीडियो पोस्ट
इंस्टाग्राम पर ‘अली अतीक अहमद’ नाम से चल रहे एक अकाउंट पर अली और उसके परिवार की तस्वीरें लगातार पोस्ट की जा रही हैं। एक दिन पहले इसी अकाउंट से झारखंड में निकले मिलादुन्नबी के जुलूस का वीडियो पोस्ट किया गया। वीडियो में कुछ वाहनों के पीछे के शीशों पर उमर की वह तस्वीर लगी दिखाई दे रही है, जो उसे कस्टडी पैरोल पर प्रयागराज लाए जाने के दौरान सामने आई थी। इसी तरह ‘उमर अतीक 786’ नाम से भी एक अकाउंट सक्रिय है। इस पर उमर और उसके परिवार की तस्वीरों के साथ वीडियो लगातार पोस्ट किए जा रहे हैं। वहीं ‘अतीक अहमद एमपी’ नाम के अकाउंट से एक दिन पहले उमर का पुराना वीडियो पोस्ट किया गया। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उस दौर का है, जब शाइस्ता परवीन बसपा में शामिल हो चुकी थीं और उमर उनके लिए चुनाव प्रचार कर रहा था। अतीक अहमद के नाम से भी कई सोशल मीडिया अकाउंट चल रहे हैं, जिनसे लगातार उसकी तस्वीरें, पुराने वीडियो और डायलॉग वाली रीलें पोस्ट की जा रही हैं। पहले हुई थी कार्रवाई, फिर ठंडा पड़ गया मामला
अतीक अहमद की हत्या के बाद भी सोशल मीडिया पर उसके नाम और तस्वीरों के इस्तेमाल का सिलसिला तेज हुआ था। उस समय पुलिस अफसरों ने इसका संज्ञान लेते हुए कुछ अकाउंट संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की थी। कार्रवाई के बाद कुछ समय के लिए ऐसी गतिविधियां कम हुईं, लेकिन अब एक बार फिर बड़ी संख्या में अकाउंट सक्रिय नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया से जुड़े जानकारों का कहना है कि उमर और अली को कस्टडी पैरोल पर प्रयागराज लाए जाने के बाद ऐसे पोस्ट की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। अतीक और उसके बेटों के नाम से चल रहे अकाउंट को अलग कर दें तो भी कई दूसरे अकाउंट से उनके पुराने वीडियो और तस्वीरें लगातार साझा की जा रही हैं। सोशल मीडिया पर माहौल बनाने का मकसद क्या?
प्रयागराज का लंबा प्रशासनिक अनुभव रखने वाले सेवानिवृत्त आईजी लालजी शुक्ला कहते हैं कि सोशल मीडिया पर किसी माफिया या उससे जुड़े व्यक्ति के बारे में लगातार पोस्ट किए जाने का मकसद समाज में उसके प्रभाव या प्रभुत्व को जिंदा रखना हो सकता है। उनका कहना है कि अतीक या उसके बेटों के डायलॉग के साथ रील बनाना और बार-बार उनकी तस्वीरें पोस्ट करना प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उस नाम और प्रभाव को पुनर्स्थापित करने की कोशिश हो सकती है। यदि किसी पोस्ट के जरिए समाज में डर, तनाव या विद्वेष फैलाने का प्रयास किया जा रहा है तो पुलिस को ऐसे अकाउंट की निगरानी कर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया सेल का गठन इसी उद्देश्य से किया गया है कि भड़काऊ और असामाजिक पोस्ट पर नजर रखी जा सके। क्या चुनावी जमीन तैयार करने की कोशिश?
सोशल मीडिया पर अतीक परिवार की बढ़ती सक्रियता को लेकर राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक विश्लेषक और वरिष्ठ पत्रकार सुनील शुक्ला का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में अगर अतीक का बेटा चुनाव लड़ता है तो इसे पूरी तरह अप्रत्याशित नहीं माना जा सकता। उनके मुताबिक उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक और उसके परिवार की जो राजनीतिक बहिष्कार जैसी स्थिति दिखाई दे रही थी, वह अब पहले जैसी नहीं है। हाल में अतीक के बेटे से मिलने सपा के साथ दूसरे दलों के विधायक भी पहुंचे हैं। ऐसे में चुनाव लड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि उनका कहना है कि इसका यह मतलब नहीं है कि पूरा मुस्लिम समाज अतीक परिवार के पक्ष में वोट करेगा। मुस्लिम मतदाताओं के लिए प्राथमिकता वह राजनीतिक दल हो सकता है, जो भाजपा को चुनौती देने की स्थिति में हो। सुनील शुक्ला के मुताबिक, सोशल मीडिया पर अतीक परिवार से जुड़े पोस्ट की बढ़ती संख्या को उनके समर्थकों की ओर से जनाधार और राजनीतिक माहौल तैयार करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा सकता है। प्रयागराज के डीसीपी क्राइम मनीष कुमार शांडिल्य बोले, सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी की जा रही है। किसी भी अकाउंट से अगर माहौल बिगाड़ने, दहशत फैलाने, भड़काऊ या एंटी सोशल पोस्ट किए जाने की बात सामने आती है तो उनके संचालकों के खिलाफ संबंधित विधिक कार्रवाई की जाएगी।

​ 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *