गयाजी- छात्राओं ने पीएम मोदी को भेजी तिरंगे वाली राखी:सैनिकों के लिए भी बनाईं 1000 से अधिक राखियां, बोलीं- एक सप्ताह में तैयार किया

गयाजी- छात्राओं ने पीएम मोदी को भेजी तिरंगे वाली राखी:सैनिकों के लिए भी बनाईं 1000 से अधिक राखियां, बोलीं- एक सप्ताह में तैयार किया

गयाजी की पटवा टोली की छात्राओं ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के जवानों के लिए विशेष राखियां तैयार की हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही इन छात्राओं ने प्रधानमंत्री मोदी को तिरंगे के रंगों से सजी एक राखी भेजी है। भेजी गई यह राखी देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बताई जा रही है। छात्राओं ने बताया कि यह केवल एक धागा नहीं, बल्कि देश के प्रति उनकी गहरी भावना का प्रदर्शन है। इसके अलावा, छात्राओं ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों के लिए सेना के प्रतीक चिन्ह (एंबलम) वाली एक हजार से अधिक राखियां भी बनाई हैं। इन राखियों को विभिन्न आर्मी कैंपों में डाक के माध्यम से भेजा जाएगा, ताकि जवानों तक बहनों का स्नेह और सम्मान पहुंच सके। छात्राएं बोलीं- एक सप्ताह से राखी बनाने में जुटी थीं पटवा टोली की छात्राएं पिछले लगभग एक सप्ताह से इन खास राखियों को बनाने में जुटी थीं। आईआईटी, जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, उन्होंने समय निकालकर इन राखियों को अपने हाथों से तैयार किया। राखियों को आकर्षक बनाने के लिए मोतियों, सितारों, नग और रंग-बिरंगे कांच के मोतियों का उपयोग किया गया है। छात्राओं ने बताया कि जहां रक्षाबंधन पर अधिकांश बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, वहीं भारतीय सेना के जवान देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात रहते हैं। वे अपने परिवार से दूर रहकर राष्ट्र की रक्षा का दायित्व निभाते हैं। इसी भावना के साथ, छात्राओं ने राखी के माध्यम से सैनिक भाइयों तक अपना प्यार, शुभकामनाएं और सम्मान पहुंचाने का निर्णय लिया। छात्रा श्वेता केसरी ने कहा कि सैनिक देश की रक्षा के लिए त्योहारों पर भी अपने घर नहीं जा पाते। ऐसे में उनके लिए राखी बनाना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना गर्व की बात है। छात्राओं का मानना है कि उनकी बनाई राखियां जवानों को यह एहसास कराएंगी कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। ‘राखियों में हम लोगों ने प्यार और सम्मान पिरोया है’ छात्रा रौशनी कुमारी ने कहा कि सैनिकों के लिए बनाई गई राखियों में उन्होंने अपना प्यार और सम्मान पिरोया है। रक्षाबंधन पर भले ही वे खुद जवानों की कलाई पर राखी नहीं बांध सकतीं, लेकिन डाक के जरिए भेजी गई राखियों के माध्यम से उनका स्नेह जरूर उन तक पहुंचेगा। पटवा टोली में निशुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाली ‘द बृक्ष’ संस्था के फाउंडर चंद्रकांत पटवारी ने बताया कि छात्राएं पूरे उत्साह और लगन के साथ राखियां तैयार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ इस तरह की पहल छात्राओं के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करती है। छात्राओं की मेहनत से तैयार की गई ये राखियां अपने आप में एक भावनात्मक संदेश हैं। गयाजी की पटवा टोली की बेटियों की यह पहल रक्षाबंधन के त्योहार को एक व्यापक संदेश दे रही है। प्रधानमंत्री को भेजी गई तिरंगे वाली राखी हो या जवानों के लिए तैयार की गईं एक हजार से अधिक राखियां—हर राखी में देशप्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना दिखाई दे रही है। इन बेटियों ने साबित किया है कि सरहद पर खड़े जवानों तक बहन का प्यार पहुंचाने के लिए दूरी कोई मायने नहीं रखती। गयाजी की पटवा टोली की छात्राओं ने रक्षाबंधन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश के जवानों के लिए विशेष राखियां तैयार की हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही इन छात्राओं ने प्रधानमंत्री मोदी को तिरंगे के रंगों से सजी एक राखी भेजी है। भेजी गई यह राखी देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का प्रतीक बताई जा रही है। छात्राओं ने बताया कि यह केवल एक धागा नहीं, बल्कि देश के प्रति उनकी गहरी भावना का प्रदर्शन है। इसके अलावा, छात्राओं ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिक भाइयों के लिए सेना के प्रतीक चिन्ह (एंबलम) वाली एक हजार से अधिक राखियां भी बनाई हैं। इन राखियों को विभिन्न आर्मी कैंपों में डाक के माध्यम से भेजा जाएगा, ताकि जवानों तक बहनों का स्नेह और सम्मान पहुंच सके। छात्राएं बोलीं- एक सप्ताह से राखी बनाने में जुटी थीं पटवा टोली की छात्राएं पिछले लगभग एक सप्ताह से इन खास राखियों को बनाने में जुटी थीं। आईआईटी, जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, उन्होंने समय निकालकर इन राखियों को अपने हाथों से तैयार किया। राखियों को आकर्षक बनाने के लिए मोतियों, सितारों, नग और रंग-बिरंगे कांच के मोतियों का उपयोग किया गया है। छात्राओं ने बताया कि जहां रक्षाबंधन पर अधिकांश बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं, वहीं भारतीय सेना के जवान देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर तैनात रहते हैं। वे अपने परिवार से दूर रहकर राष्ट्र की रक्षा का दायित्व निभाते हैं। इसी भावना के साथ, छात्राओं ने राखी के माध्यम से सैनिक भाइयों तक अपना प्यार, शुभकामनाएं और सम्मान पहुंचाने का निर्णय लिया। छात्रा श्वेता केसरी ने कहा कि सैनिक देश की रक्षा के लिए त्योहारों पर भी अपने घर नहीं जा पाते। ऐसे में उनके लिए राखी बनाना और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करना गर्व की बात है। छात्राओं का मानना है कि उनकी बनाई राखियां जवानों को यह एहसास कराएंगी कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। ‘राखियों में हम लोगों ने प्यार और सम्मान पिरोया है’ छात्रा रौशनी कुमारी ने कहा कि सैनिकों के लिए बनाई गई राखियों में उन्होंने अपना प्यार और सम्मान पिरोया है। रक्षाबंधन पर भले ही वे खुद जवानों की कलाई पर राखी नहीं बांध सकतीं, लेकिन डाक के जरिए भेजी गई राखियों के माध्यम से उनका स्नेह जरूर उन तक पहुंचेगा। पटवा टोली में निशुल्क प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कराने वाली ‘द बृक्ष’ संस्था के फाउंडर चंद्रकांत पटवारी ने बताया कि छात्राएं पूरे उत्साह और लगन के साथ राखियां तैयार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ इस तरह की पहल छात्राओं के भीतर सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करती है। छात्राओं की मेहनत से तैयार की गई ये राखियां अपने आप में एक भावनात्मक संदेश हैं। गयाजी की पटवा टोली की बेटियों की यह पहल रक्षाबंधन के त्योहार को एक व्यापक संदेश दे रही है। प्रधानमंत्री को भेजी गई तिरंगे वाली राखी हो या जवानों के लिए तैयार की गईं एक हजार से अधिक राखियां—हर राखी में देशप्रेम, सम्मान और भाईचारे की भावना दिखाई दे रही है। इन बेटियों ने साबित किया है कि सरहद पर खड़े जवानों तक बहन का प्यार पहुंचाने के लिए दूरी कोई मायने नहीं रखती।  

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