आणंद की खुशी चार साल से सैनिकों को भेज रही हैं राखियां

आणंद की खुशी चार साल से सैनिकों को भेज रही हैं राखियां

‘एक राखी फौजी के नाम’ अभियान में हर साल पहुंचाती हैं करीब 6 हजार राखियां

आणंद. देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले भारतीय सेना के जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए आणंद तहसील के मोगरी गांव की छात्रा खुशी वैद्य (18) पिछले चार वर्षों से ‘एक राखी फौजी के नाम’ अभियान चला रही हैं। अभियान के तहत खुशी विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों से राखियां, व्यक्तिगत संदेश और राखी कार्ड एकत्र कर भारतीय सेना के जवानों तक पहुंचाती हैं।
वल्लभ विद्यानगर में प्रथम वर्ष की कॉलेज छात्रा खुशी ने बताया कि सियाचीन ग्लेशियर की प्रेरणादायक यात्रा के दौरान उन्हें भारतीय सैनिकों के साहस, शौर्य और बलिदान को करीब से समझने का अवसर मिला। सियाचीन में तैनात सैनिकों के चुनौतीपूर्ण जीवन और परिस्थितियों को समझाने वाली पुस्तकों तथा सियाचीन जागरूकता अभियान से प्रेरित होकर उन्होंने अभियान की शुरुआत की।
अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को भारतीय सैनिकों के साथ भावनात्मक रूप से जोड़ना तथा देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए सैनिकों द्वारा किए जा रहे समर्पण और बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करना है।
अभियान के तहत चार वर्षों के दौरान खुशी ने विभिन्न स्कूल-कॉलेजों का दौरा कर कक्षा 1 से 12वीं तक के विद्यार्थियों और कॉलेज के छात्रों को सैनिकों के लिए राखियां तथा व्यक्तिगत संदेश तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया। विद्यार्थियों से राखियां, व्यक्तिगत संदेश और राखी कार्ड एकत्र किए। इसके बाद इन राखियों और संदेशों को भारतीय सेना के जवानों तक पहुंचाया। खुशी के अनुसार, हर साल करीब 6 हजार राखियां सैनिकों को भेजी जाती हैं। इस वर्ष भी रक्षाबंधन के पर्व के अवसर पर करीब 6 हजार राखियां भारतीय सैनिकों के लिए भेजी हैं।

इस वर्ष भद्रा रहित रक्षाबंधन पर्व पर दिनभर बांध सकेंगे राखी

अहमदाबाद. इस वर्ष विक्रम संवत 2082 में श्रावण पूर्णिमा पर शुक्रवार को भद्रा रहित रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा। बहनें अपने भाइयों को, गुरु अपने शिष्य को और पुरोहित अपने यजमानों को पूरे दिन राखी बांध सकेंगे।
पंडित बालकृष्ण दवे ने बताया कि प्रति वर्ष भद्रा (विष्टि) के कारण रक्षाबंधन के शुभ मुहूर्त को लेकर असमंजस की स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन इस बार रक्षाबंधन का दिन पूरी तरह से स्पष्ट यानी भद्रा रहित है। सूर्योदय से सुबह 9:49 बजे तक श्रेष्ठ समय रहेगा। इसके बाद भी पूरे दिन रक्षा सूत्र बांधने के लिए योग्य है। इस दिन खंडग्रास चंद्रग्रहण भी है, लेकिन यह भारत में दिखाई नहीं देगा। इसका कोई दोष नहीं लगेगा और स्नान सूतक का भी कोई दोष नहीं रहेगा।

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