नेपाल में आई त्रासदी के बाद बिहार के कई जिलों में इसके असर को देखते हुए मुंगेर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज ने जिले के सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। पिछले पांच दिनों से मुंगेर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। बुधवार रात से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 50 मीटर नीचे आकर स्थिर हो गया है। आपदा विभाग के अनुसार, गुरुवार सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर से लगभग 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। धान की फसलें पानी में डूबी गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण मुंगेर जिले के सदर मुंगेर, बरियारपुर, जमालपुर, धरहरा, हवेली खड़गपुर और असरगंज प्रखंडों के निचले इलाकों में पानी घुस गया है। कई स्थानों पर घर पानी से घिर गए हैं और धान की फसलें भी डूब गई हैं। सदर प्रखंड की कुतलूपुर पंचायत की मुख्य सड़क भी गंगा के पानी में डूब गई है, जिससे इस पंचायत के लोग अब बेगूसराय जिले से होकर आवागमन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीता कुंड दी गांव में भी गंगा का पानी पहुंच गया है, क्योंकि यह गांव गंगा किनारे बसा हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में गोताखोर किए गए तैनात गंगा के जलस्तर में वृद्धि का सर्वाधिक प्रभाव बरियारपुर और सदर प्रखंड क्षेत्रों में देखा गया है। जिला प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में गोताखोर तैनात किए हैं और आपदा विभाग के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नेपाल में आई त्रासदी के बाद बिहार के कई जिलों में इसके असर को देखते हुए मुंगेर प्रशासन भी सतर्क हो गया है। मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज ने जिले के सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने का निर्देश दिया है। पिछले पांच दिनों से मुंगेर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा था। बुधवार रात से गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से महज 50 मीटर नीचे आकर स्थिर हो गया है। आपदा विभाग के अनुसार, गुरुवार सुबह 10 बजे मुंगेर में गंगा का जलस्तर 38.83 मीटर दर्ज किया गया। यह चेतावनी स्तर से लगभग 50 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। धान की फसलें पानी में डूबी गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण मुंगेर जिले के सदर मुंगेर, बरियारपुर, जमालपुर, धरहरा, हवेली खड़गपुर और असरगंज प्रखंडों के निचले इलाकों में पानी घुस गया है। कई स्थानों पर घर पानी से घिर गए हैं और धान की फसलें भी डूब गई हैं। सदर प्रखंड की कुतलूपुर पंचायत की मुख्य सड़क भी गंगा के पानी में डूब गई है, जिससे इस पंचायत के लोग अब बेगूसराय जिले से होकर आवागमन कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नौवागढ़ी उत्तरी पंचायत के सीता कुंड दी गांव में भी गंगा का पानी पहुंच गया है, क्योंकि यह गांव गंगा किनारे बसा हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में गोताखोर किए गए तैनात गंगा के जलस्तर में वृद्धि का सर्वाधिक प्रभाव बरियारपुर और सदर प्रखंड क्षेत्रों में देखा गया है। जिला प्रशासन ने सभी प्रभावित क्षेत्रों में गोताखोर तैनात किए हैं और आपदा विभाग के अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

