कैथल में सफाई कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल को 30 अगस्त तक बढ़ा दिया। हड़ताल के चलते शहर में सफाई का कार्य नहीं हो रहा, जिससे शहर में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। ऐसा कोई चौक चौराहा नहीं बचा है, जहां पर कचरे के बड़े बड़े ढेर न लगे हों। सड़कों पर कचरा फैला और बदबू के कारण बीमारियां फैलने की स्थिति पैदा हो गई है। सड़कों पर निकलने वाले लोग मुंह ढककर वहां से गुजर रहे हैं। शहर में डोरा गेट, प्रताप गेट, रेलवे गेट, छात्रावास रोड, माता गेट, राजकीय कन्या स्कूल कमेटी चौक, नरवानिया बिल्डिंग और अन्य जगहों पर लगे कचरे के ढेरों का उठान नहीं हो रहा। कर्मचारी कर रहे हड़ताल दूसरी ओर सफाई कर्मचारी नगर परिषद कार्यालय में अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे हैं। वहीं पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और आगामी रणनीति तैयार कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया किया जाता, तब तक वे हड़ताल पर रहेंगे। जरूरत पड़ी तो इसे आंदोलन का रूप देंगे। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य मुख्य संगठन कर्ता व एसकेएस के जिला सचिव शिवचरण व सचिव विक्की टांक का कहना है कि नगर पालिका व फायर के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर लम्बी हड़ताल की थी। उसके बाद 13 मई को हरियाणा भवन चंडीगढ में विभागीय मंत्री विपुल गोयल व मुख्य मंत्री के प्रधान सचिव आर के खुल्लर की अगुवाई में अन्य अधिकारियों ने संघ की राज्य कमेटी के साथ लगभग 6 घन्टे मीटिंग की और मांग पत्र में सभी मांगों को मानकर 20 जून तक परिपत्र जारी करने का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन आज तक मुख्य मांगों के परिपत्र जारी नहीं किए। सरकार पर वादा खिलाफी का आरोप उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार अपने वादो से पीछे हट कर वादा खिलाफी कर रही है। अपने 12 साल के कार्यकाल में आज तक एक भी सफाई, सीवर व फायर के कर्मचारी पक्का नहीं किया, जिससे भाजपा सरकार की दलित विरोधी मानसिकता साफ तौर पर झलकती है। कर्मचारी इन्हीं मांगों को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं।

