औरंगाबाद में बारुण थाना क्षेत्र में एनएच-19 पर बुधवार की मध्यरात्रि पर्यटकों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। सीरीस के समीप हुए हादसे में बस सवार 12 पर्यटकों समेत 13 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू होने से बड़ी घटना टल गई। किसी की मौत नहीं हुई है। बस में सवार सभी पर्यटक पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सोनामुखी के रहने वाले हैं। कोलकाता से आगरा घूमने जा रहे थे। सीरीस के समीप पहुंचने के दौरान चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई। इससे बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में बारुण थाना पुलिस और डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य चलाकर सभी घायलों को बस से बाहर निकाला। 13 घायलों का सदर अस्पताल में हुआ इलाज, सभी खतरे से बाहर हादसे में घायल रीता सूतोधर (50), दिलीप बुंडू (60), हीरा बुंडू (58), शेफाली भुई (60), झाना बाबरी (60), नेमाई शिष्ट (68), रौतन मंडल (60), सोनामुखी (55), मालवती घोष (50), महाबली उरांव (60), चांद सूतोधर (50), मुराली कारक (62) और बस खलासी शेख अशरफ (45) को इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद लाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी घायलों का उपचार किया। हादसे में घायल अधिकांश यात्री उम्रदराज बताए गए हैं। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए एनएच-19 पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। छानबीन में जुटी पुलिस बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद की झपकी आना हादसे का कारण सामने आया है। चालक के अचानक झपकी लेने के कारण बस अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना में घायल सभी लोगों की स्थिति खतरे से बाहर है। इलाज के बाद यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। औरंगाबाद में बारुण थाना क्षेत्र में एनएच-19 पर बुधवार की मध्यरात्रि पर्यटकों से भरी बस अनियंत्रित होकर पलट गई। सीरीस के समीप हुए हादसे में बस सवार 12 पर्यटकों समेत 13 लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, समय रहते राहत और बचाव कार्य शुरू होने से बड़ी घटना टल गई। किसी की मौत नहीं हुई है। बस में सवार सभी पर्यटक पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के सोनामुखी के रहने वाले हैं। कोलकाता से आगरा घूमने जा रहे थे। सीरीस के समीप पहुंचने के दौरान चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई। इससे बस अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। बस पलटते ही यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में बारुण थाना पुलिस और डायल-112 की टीम भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस और स्थानीय लोगों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य चलाकर सभी घायलों को बस से बाहर निकाला। 13 घायलों का सदर अस्पताल में हुआ इलाज, सभी खतरे से बाहर हादसे में घायल रीता सूतोधर (50), दिलीप बुंडू (60), हीरा बुंडू (58), शेफाली भुई (60), झाना बाबरी (60), नेमाई शिष्ट (68), रौतन मंडल (60), सोनामुखी (55), मालवती घोष (50), महाबली उरांव (60), चांद सूतोधर (50), मुराली कारक (62) और बस खलासी शेख अशरफ (45) को इलाज के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद लाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने सभी घायलों का उपचार किया। हादसे में घायल अधिकांश यात्री उम्रदराज बताए गए हैं। दुर्घटना के बाद कुछ समय के लिए एनएच-19 पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटवाकर यातायात सामान्य कराया। छानबीन में जुटी पुलिस बारुण थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद की झपकी आना हादसे का कारण सामने आया है। चालक के अचानक झपकी लेने के कारण बस अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना में घायल सभी लोगों की स्थिति खतरे से बाहर है। इलाज के बाद यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

