भारतीय यूजर्स को अब ChatGPT पर दिखेंगे विज्ञापन, 50 से ज्यादा ब्रांड से हो रही शुरुआत, क्या सुरक्षित रहेगा आपका डेटा?

भारतीय यूजर्स को अब ChatGPT पर दिखेंगे विज्ञापन, 50 से ज्यादा ब्रांड से हो रही शुरुआत, क्या सुरक्षित रहेगा आपका डेटा?

ChatGPT Start Ads In India: भारत में ChatGPT इस्तेमाल करने वाले लाखों यूजर्स को अब एआई चैटबॉट के साथ विज्ञापन भी दिखाई देंगे। लाइव मिंट की रिपोर्ट के मुताबिक OpenAI ने 27 अगस्त 2026 को आधिकारिक तौर पर भारत में ChatGPT Ads लॉन्च करने की घोषणा की है। OpenAI के वाइस प्रेसिडेंट और ग्लोबल एड्स सॉल्यूशंस के हेड डेव डुगन (Dave Dugan) ने कहा कि 18 साल से अधिक उम्र के Free और Go प्लान यूजर्स के लिए ChatGPT Ads शुरू किए जा रहे हैं। ये विज्ञापन AI के जवाब के नीचे दिखाई देंगे और इन्हें स्पॉनसर्ड के रूप में लेबल किया जाएगा। हालांकि, उनका कहना है कि विज्ञापन ChatGPT के जवाबों को प्रभावित नहीं करेंगे और यूजर्स की बातचीत विज्ञापनदाताओं के साथ शेयर नहीं की जाएगी।

भारत में 50 से ज्यादा ब्रांड से शुरुआत

OpenAI ने भारत में विज्ञापन शुरू करने के लिए WPP और Omnicom जैसी विज्ञापन एजेंसियों के साथ साझेदारी की है। कंपनी ने कहा कि इस सप्ताह देश में ChatGPT यूजर्स को 50 से ज्यादा ब्रांड के विज्ञापन दिखाए जाने शुरू होंगे। यह साझेदारी एक्सक्लूसिव नहीं है और कंपनी भविष्य में अन्य एजेंसियों के साथ भी काम करेगी।

4 सितंबर से खुद चला सकेंगे विज्ञापन

ChatGPT पर विज्ञापन देने वाले कारोबारियों के लिए OpenAI का सेल्फ-सर्व ऐड्स मैनेजर 4 सितंबर 2026 से उपलब्ध होगा। छोटे-बड़े सभी बिजनेस इसमें साइन अप कर सकेंगे और विज्ञापन के लिए रोजाना 725 रुपये से बजट शुरू कर सकेंगे।

जवाब के नीचे आएगा विज्ञापन

ChatGPT में विज्ञापन उस समय दिखाया जाएगा, जब किसी यूजर की बातचीत के हिसाब से कोई स्पॉनसर्ड प्रोडक्ट या सर्विस प्रासंगिक होगी। कंपनी के अनुसार, विज्ञापन को AI के जवाब से अलग रखा जाएगा और उस पर स्पॉनसर्ड का लेबल होगा। OpenAI का कहना है कि विज्ञापन आने के बावजूद ChatGPT के जवाब स्वतंत्र रहेंगे। यानी किसी विज्ञापनदाता के कारण AI के जवाब में बदलाव नहीं किया जाएगा।

Paid प्लान वालों को नहीं दिखेंगे ऐड

डेव डुगन के बयान के अनुसार, ChatGPT के Plus, Pro, Business, Enterprise और Education प्लान इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को विज्ञापन नहीं दिखेंगे। साथ ही, मानसिक स्वास्थ्य और राजनीति जैसे संवेदनशील या रेगुलेटेड विषयों से जुड़ी बातचीत के साथ भी विज्ञापन नहीं दिखाए जाएंगे। भारत ChatGPT का दूसरा सबसे बड़ा बाजार होने के कारण इस रोलआउट को खास महत्व दिया गया है।

यूजर्स की बातचीत रहेगी निजी

OpenAI ने कहा है कि वह यूजर्स का डेटा नहीं बेचेगी और उनकी ChatGPT बातचीत विज्ञापनदाताओं को नहीं दिखाई जाएगी। विज्ञापनदाताओं को यूजर की उम्र, लोकेशन या रुचियों जैसी व्यक्तिगत जानकारी भी नहीं दी जाएगी। हालांकि, विज्ञापनदाताओं को विज्ञापन कितनी बार देखा गया और उस पर कितने क्लिक हुए, इस तरह की जानकारी मिल सकेगी। यूजर्स विज्ञापन को हटा सकेंगे, उस पर फीडबैक दे सकेंगे और यह भी जान सकेंगे कि उन्हें वह विज्ञापन क्यों दिखाया गया। OpenAI के अनुसार, यूजर्स विज्ञापन के लिए इस्तेमाल होने वाले पर्सनलाइजेशन को बंद कर सकते हैं और उससे जुड़ा डेटा कभी भी हटा सकते हैं।

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