Forest Fire in Algeria: अल्जीरिया के जंगलों में लगी भीषण आग, 12 लोगों की गई जान, 54 झुलसे

Forest Fire in Algeria: अल्जीरिया के जंगलों में लगी भीषण आग, 12 लोगों की गई जान, 54 झुलसे

Wildfire in Algeria: अल्जीरिया के उत्तर-पूर्वी हिस्से में जंगलों में लगी भीषण आग में 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 54 लोग झुलस गए हैं। यह जानकारी अल्जीरिया के गृहमंत्री सईद सऊद और सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी के अधिकारियों ने दी है। गृहमंत्री सईद सऊद ने स्थानीय टीवी चैनल से बातचीत में बताया कि जिजेल प्रांत में पांच, बेजाया में चार और तिजी ओजु प्रांत में तीन लोगों की मौत हुई है। आग की चपेट में आने से झुलसे 54 लोगों का इलाज बेजाया के एक अस्पताल में चल रहा है। इनमें छह लोगों की हालत गंभीर बनी हुई है। स्थानीय रेडियो के मुताबिक, बेजाया में मृतकों में एक आठ वर्षीय बच्चा और 22 वर्षीय महिला भी शामिल हैं।

गृहमंत्री सईद सऊद और स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद सिद्दीक ऐत मेसाउदेन बेजाया पहुंचे। दोनों मंत्रियों ने मौके पर जारी आग बुझाने के अभियान और घायलों की स्थिति का जायजा लिया। सिविल प्रोटेक्शन एजेंसी के मुताबिक, बेजाया और जिजेल के कई इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। देशभर में दमकलकर्मी 69 जगहों पर लगी आग बुझाने में जुटे हुए थे।

हवाओं के कारण तेजी से फैल रही आग

आग के कारण देश के पूर्वी हिस्से को जोड़ने वाले तीन प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों को बेजाया, जिजेल और सेतीफ शहरों के पास बंद कर दिया गया है। नागरिक सुरक्षा एजेंसी ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए बड़े पैमाने पर संसाधन लगाए गए हैं। तेज हवाओं के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे राहत और बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं।

गर्मियों में जंगल में आग लगना आम बात

उत्तरी अल्जीरिया में गर्मियों के दौरान जंगलों में आग लगना आम है। हालांकि, जलवायु परिवर्तन के कारण सूखे और अत्यधिक गर्मी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिससे जंगल की आग का प्रभाव भी गंभीर होता जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, इस साल जुलाई में पूरे अल्जीरिया में करीब 2,000 आग की घटनाएं दर्ज की गईं। जुलाई के अंत में उत्तर-पूर्वी प्रांत अन्नाबा में आग के कारण 100 से अधिक लोगों को अस्थायी रूप से अपने घर छोड़ने पड़े थे, जबकि करीब 150 मकानों को नुकसान पहुंचा था।

जुलाई 2023 में बेजाया के आसपास के इलाकों में लगी आग में 30 से अधिक लोगों की मौत हुई थी। उस दौरान हजारों हेक्टेयर जंगल और कृषि भूमि के साथ सैकड़ों घर भी प्रभावित हुए थे।

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