बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने वार्षिक माध्यमिक-इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। बोर्ड के निर्देशानुसार अब बिना प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र और यूडीआई सत्यापन के किसी भी परीक्षार्थी का फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 अगस्त से शुरू हो चुका है, जो 16 सितंबर तक चलेगा। वहीं, शिक्षण संस्थानों को 15 सितंबर तक निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करना अनिवार्य है। निर्धारित समय-सीमा के बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और शुल्क जमा करने में लापरवाही से किसी छात्र के वंचित रहने पर पूरी जवाबदेही विद्यालय प्रशासन की होगी। मान्यता रद्द हो चुके स्कूलों से फॉर्म नहीं लिए जाएंगे
बोर्ड ने साफ किया है कि इंटर परीक्षा में शामिल होने वाले नियमित-स्वतंत्र कोटि के छात्रों के लिए स्कूल प्रधान की ओ से सत्यापित घोषणा-पत्र और यूडीआई सूचीकरण प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा। जिन छात्रों के दस्तावेज अपलोड नहीं होंगे, उन्हें न तो फॉर्म भरने की अनुमति मिलेगी और न ही उनका प्रवेश पत्र जारी होगा। मैट्रिक परीक्षा को लेकर भी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधान ही आवेदन भरेंगे। मान्यता रद्द हो चुके स्कूलों से फॉर्म नहीं लिए जाएंगे। साथ ही, फॉर्म में अधूरे, बनावटी या फर्जी नाम और गलत अंक दर्ज करने वाले संस्थानों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
शुल्क भी तय किया
इंटर परीक्षा 2027 के लिए विभिन्न कोटियों के अनुसार शुल्क संरचना भी निर्धारित कर दी गई है। सामान्य नियमित और स्वतंत्र परीक्षार्थियों के लिए कुल शुल्क 1430 रुपए तय किया गया है, जबकि सम्मुनत और क्वालिफाइंग परीक्षार्थियों को 1770 रुपए देने होंगे। व्यावसायिक पाठ्यक्रम के नियमित छात्रों के लिए 1830 रुपए और सम्मुनत परीक्षार्थियों के लिए अधिकतम 2170 रुपए शुल्क निर्धारित है। वहीं पूर्ववर्ती अनुत्तीर्ण कला, विज्ञान एवं वाणिज्य परीक्षार्थियों को 1090 रुपए, व्यावसायिक के पूर्ववर्ती छात्रों को 1490 रुपए और कम्पार्टमेंटल परीक्षार्थियों को 960 रुपए शुल्क देय होगा।
अधिक रुपए लेने पर कार्रवाई की जाएगी डीईओ हेमचंद्र ने बताया कि विभागीय आदेशानुसार इंटर परीक्षा के लिए मदवार शुल्क की विस्तृत तालिका जारी कर दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि तय राशि से अधिक शुल्क वसूलने वाले शिक्षण संस्थानों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने वार्षिक माध्यमिक-इंटरमीडिएट परीक्षा 2027 के लिए आवेदन प्रक्रिया में फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए कड़े नियम लागू किए हैं। बोर्ड के निर्देशानुसार अब बिना प्रधानाध्यापक के हस्ताक्षरित घोषणा-पत्र और यूडीआई सत्यापन के किसी भी परीक्षार्थी का फॉर्म स्वीकार नहीं किया जाएगा। परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 अगस्त से शुरू हो चुका है, जो 16 सितंबर तक चलेगा। वहीं, शिक्षण संस्थानों को 15 सितंबर तक निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करना अनिवार्य है। निर्धारित समय-सीमा के बाद किसी भी परिस्थिति में आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे और शुल्क जमा करने में लापरवाही से किसी छात्र के वंचित रहने पर पूरी जवाबदेही विद्यालय प्रशासन की होगी। मान्यता रद्द हो चुके स्कूलों से फॉर्म नहीं लिए जाएंगे
बोर्ड ने साफ किया है कि इंटर परीक्षा में शामिल होने वाले नियमित-स्वतंत्र कोटि के छात्रों के लिए स्कूल प्रधान की ओ से सत्यापित घोषणा-पत्र और यूडीआई सूचीकरण प्रमाण-पत्र पोर्टल पर अपलोड करना जरूरी होगा। जिन छात्रों के दस्तावेज अपलोड नहीं होंगे, उन्हें न तो फॉर्म भरने की अनुमति मिलेगी और न ही उनका प्रवेश पत्र जारी होगा। मैट्रिक परीक्षा को लेकर भी बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रधान ही आवेदन भरेंगे। मान्यता रद्द हो चुके स्कूलों से फॉर्म नहीं लिए जाएंगे। साथ ही, फॉर्म में अधूरे, बनावटी या फर्जी नाम और गलत अंक दर्ज करने वाले संस्थानों पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
शुल्क भी तय किया
इंटर परीक्षा 2027 के लिए विभिन्न कोटियों के अनुसार शुल्क संरचना भी निर्धारित कर दी गई है। सामान्य नियमित और स्वतंत्र परीक्षार्थियों के लिए कुल शुल्क 1430 रुपए तय किया गया है, जबकि सम्मुनत और क्वालिफाइंग परीक्षार्थियों को 1770 रुपए देने होंगे। व्यावसायिक पाठ्यक्रम के नियमित छात्रों के लिए 1830 रुपए और सम्मुनत परीक्षार्थियों के लिए अधिकतम 2170 रुपए शुल्क निर्धारित है। वहीं पूर्ववर्ती अनुत्तीर्ण कला, विज्ञान एवं वाणिज्य परीक्षार्थियों को 1090 रुपए, व्यावसायिक के पूर्ववर्ती छात्रों को 1490 रुपए और कम्पार्टमेंटल परीक्षार्थियों को 960 रुपए शुल्क देय होगा।
अधिक रुपए लेने पर कार्रवाई की जाएगी डीईओ हेमचंद्र ने बताया कि विभागीय आदेशानुसार इंटर परीक्षा के लिए मदवार शुल्क की विस्तृत तालिका जारी कर दी गई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि तय राशि से अधिक शुल्क वसूलने वाले शिक्षण संस्थानों के विरुद्ध कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

