संभल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार शाम मौलागढ़ गांव स्थित श्री वृंदावन धाम नामक घी निर्माण इकाई पर छापा मारा। शाम 7 बजे से रात 10:30 बजे तक चली कार्रवाई में अपमिश्रक और अज्ञात रसायन मिलने पर इकाई का लाइसेंस निलंबित कर उसे सील कर दिया गया। खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ चंदौसी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। रक्षाबंधन से पहले हुई कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग ने यह कार्रवाई आगामी रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए की। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य बाजार में लोगों को सुरक्षित और अच्छी गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना है। आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, लखनऊ और डीएम संभल अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापा मारा। घी के साथ कई सामान और रसायन मिले छापेमारी के दौरान टीम को मौके पर घी, रिफाइंड ऑयल, वनस्पति, एसेंस, रंग और कई तरह के अपमिश्रक मिले। इसके अलावा कुछ अज्ञात रसायन और खाद्य-अखाद्य पदार्थों के अलग-अलग लेबल भी बरामद किए गए। टीम ने कुल 11 नमूने लिए और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया। लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन मिला जांच के दौरान खाद्य कारोबारकर्ता द्वारा लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किया जाना सामने आया। अधिकारियों के अनुसार, परिसर में जनस्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक रसायन और अपमिश्रक रखना भी नियमों के खिलाफ है। इसी आधार पर लाइसेंस निलंबित कर इकाई को सील किया गया।्र FIR के लिए पुलिस को तहरीर सहायक आयुक्त खाद्य मानवेन्द्र सिंह ने बताया कि श्री वृंदावन धाम फर्म को घी बनाने का लाइसेंस मिला हुआ था। छापेमारी में रिफाइंड, डालडा, अपमिश्रक रसायन, एसेंस और कलर मिले, जिनका इस तरह इस्तेमाल या भंडारण नियमों के अनुसार गलत है। उन्होंने बताया कि संबंधित खाद्य कारोबारकर्ता के खिलाफ चंदौसी कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है। टीम में ये अधिकारी रहे शामिल कार्रवाई में सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय मानवेन्द्र सिंह, सीएफएसओ वीके राठी, खाद्य सुरक्षा अधिकारी गिरीश वर्मा, राजेश कुमार, रामजीत, राजीव कुमार और सुधीर कुमार समेत विभागीय टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने बताया कि प्रयोगशाला से नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।

