पूर्वी चंपारण में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और ग्लेशियर क्षेत्र में जलसैलाब के बाद करीब 4.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। इसके कारण गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने और जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जिलाधिकारी ने तैयारियों का जायजा लिया जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन, अंचल प्रशासन समेत सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने और आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने का निर्देश दिया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश डीएम ने बताया कि संभावित बाढ़ का असर अरेराज, संग्रामपुर और केसरिया प्रखंडों समेत गंडक नदी से सटे इलाकों में पड़ सकता है। उन्होंने निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों की तैनाती की जा रही है। तटबंधों और बाढ़ निरोधी कार्यों का निरीक्षण जिलाधिकारी ने संग्रामपुर, अरेराज और केसरिया क्षेत्रों का दौरा कर तटबंधों और बाढ़ निरोधी कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने और किसी भी तरह की क्षति की सूचना तत्काल देने का निर्देश दिया। जलस्रोतों के किनारे नहीं जाने की अपील प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए गंडक नदी और अन्य जलस्रोतों के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। बच्चों और बुजुर्गों को नदी के पास नहीं जाने देने तथा निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया है। डीएम बोले- अफवाहों पर ध्यान नहीं दें डीएम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव संसाधन तैयार रखे गए हैं। पूर्वी चंपारण में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और ग्लेशियर क्षेत्र में जलसैलाब के बाद करीब 4.5 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। इसके कारण गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि होने और जिले के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका जताई जा रही है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… जिलाधिकारी ने तैयारियों का जायजा लिया जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर बाढ़ से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन, अंचल प्रशासन समेत सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने और आवश्यक संसाधनों को तैयार रखने का निर्देश दिया। लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश डीएम ने बताया कि संभावित बाढ़ का असर अरेराज, संग्रामपुर और केसरिया प्रखंडों समेत गंडक नदी से सटे इलाकों में पड़ सकता है। उन्होंने निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित करने को कहा। संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों की तैनाती की जा रही है। तटबंधों और बाढ़ निरोधी कार्यों का निरीक्षण जिलाधिकारी ने संग्रामपुर, अरेराज और केसरिया क्षेत्रों का दौरा कर तटबंधों और बाढ़ निरोधी कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने और किसी भी तरह की क्षति की सूचना तत्काल देने का निर्देश दिया। जलस्रोतों के किनारे नहीं जाने की अपील प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए गंडक नदी और अन्य जलस्रोतों के किनारे अनावश्यक रूप से नहीं जाने की अपील की है। बच्चों और बुजुर्गों को नदी के पास नहीं जाने देने तथा निचले इलाकों में रहने वाले परिवारों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने को कहा गया है। डीएम बोले- अफवाहों पर ध्यान नहीं दें डीएम ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत एवं बचाव संसाधन तैयार रखे गए हैं।

