त्रिशूली नदी का बांध टूटा, गंडक नदी में जलस्तर बढ़ा:बेतिया में जिला प्रशासन अलर्ट, अधिकारियों को मिला तटबंधों की मॉनिटरिंग का जिम्मा

त्रिशूली नदी का बांध टूटा, गंडक नदी में जलस्तर बढ़ा:बेतिया में जिला प्रशासन अलर्ट, अधिकारियों को मिला तटबंधों की मॉनिटरिंग का जिम्मा

नेपाल में त्रिशूली नदी का बांध टूटने के बाद गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित बाढ़ के खतरे के मद्देनजर प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गंडक नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। बढ़ते जलस्तर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने के साथ ही तटबंधों की स्थिति की नियमित जांच करने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील प्रशासन ने गंडक नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्हें नदी के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों से यह भी अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन ने बताया कि गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने पर तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ सकता है। राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी पूरी ऐसे में लोगों को नदी, तटबंध और उसके आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे जाने से रोकने की सलाह दी गई है। वर्तमान में प्रशासन, जल संसाधन विभाग और संबंधित अधिकारियों की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी जुटाई जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील दोहराई है। नेपाल में त्रिशूली नदी का बांध टूटने के बाद गंडक नदी में जलस्तर बढ़ने की आशंका है। इसे देखते हुए पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित बाढ़ के खतरे के मद्देनजर प्रशासन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। गंडक नदी के जलस्तर में हो रहे उतार-चढ़ाव पर लगातार नजर रखी जा रही है। बढ़ते जलस्तर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को तटबंधों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने के साथ ही तटबंधों की स्थिति की नियमित जांच करने को कहा गया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील प्रशासन ने गंडक नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्हें नदी के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति में सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर चले जाने की सलाह दी गई है। ग्रामीणों से यह भी अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जिला प्रशासन ने बताया कि गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने पर तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ सकता है। राहत और बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी पूरी ऐसे में लोगों को नदी, तटबंध और उसके आसपास के क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए। विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे जाने से रोकने की सलाह दी गई है। वर्तमान में प्रशासन, जल संसाधन विभाग और संबंधित अधिकारियों की टीमें स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जलस्तर में होने वाले बदलाव की जानकारी जुटाई जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की तैयारी भी पूरी कर ली गई है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन को सूचना देने की अपील दोहराई है।  

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