पठानकोट में बच्चों को मिलेगी तकनीकी शिक्षा:राज्यपाल के दखल से संभव हो पाया सपना; 1 सितंबर से ITI की होगी शुरूआत

पठानकोट में बच्चों को मिलेगी तकनीकी शिक्षा:राज्यपाल के दखल से संभव हो पाया सपना; 1 सितंबर से ITI की होगी शुरूआत

पठानकोट के नीम पहाड़ी क्षेत्र धारकलां के बच्चे अपने घर के पास ही तकनीकी शिक्षा ले सकेंगे। नियाड़ी में 1 सितंबर से सरकारी आईटीआई की औपचारिक शुरूआत होने जा रही है। इसके चलते बच्चों को अब 70 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर कर पठानकोट नहीं आना पड़ेगा। इससे समय और आर्थिक खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही तकनीकी शिक्षा हासिल करने के बाद क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के बेहतर अवसर भी पैदा हो सकेंगे। विद्यार्थियों और अभिभावकों की मांग है कि संस्थान में नियमित कक्षाओं के साथ सभी जरूरी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएं ताकि आईटीआई खोलने का उद्देश्य पूरा हो सके। वहीं, अब लड़कियों के लिए कोर्स शुरू करने की मांग तेज हो गई है। धारकलां सरपंच यूनियन के प्रधान दीपक सिंह विक्की ठाकुर का कहना है कि ये पिछले कई दशक से यहां के लोग इस क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी शिक्षा दिलवाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। ये सपना राज्यपाल की दखल के बाद पूरा हो पाया है। राज्यपाल का दौरा हुआ रद बता दें, 25 अगस्त को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया खुद यहां आकर आईटीआई का उद्धाटन करने वाले थे। लेकिन, बिल्डिंग का काम पूरा ना होने और किन्हीं अन्य कारणों से वे पठानकोट नहीं आ पाए। हालांकि औद्योगिक शिक्षा विभाग के डायरेक्टर के आदेश पर अधिकारियों ने रस्मी तौर पर बच्चों को पठानकोट से नियाड़ी शिफ्ट कर दिया। ताकि, युवाओं पर से आर्थिक बोझ कम हो सके और उनका समय भी बच सके। अभी आईटीआई में 8 तरह की ट्रेड (कोर्स) शुरू होने जा रहे हैं। स्टाफ की भर्ती सहित अन्य औपचारिकताएं मुकम्मल हो चुकी हैं। 10 साल में 3 बार हुआ उद्घाटन बता दें कि इस आईटीआई का नींव पत्थर 2017 में रखा गया। इसके बाद तीन सरकारें बदलीं। सबसे पहले भाजपा के दिनेश सिंह बब्बू ने इसका उद्घाटन किया। फिर कांग्रेस से सांसद बने सुनील जाखड़ ने उद्धाटन किया और फिर 2 साल पहले आम आदमी पार्टी के अमित मंटू ने इस आईटीआई का उद्धाटन किया। लेकिन, ये आईटीआई नहीं शुरू हुई। बिल्डिंग बनकर तैयार थी, लेकिन, किसी सरकार में इस ओर ध्यान नहीं दिया। राज्यपाल के सामने लोगों ने सुनाया था दुखड़ा पंजाब के राज्यपाल मई में पठानकोट पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने शहर के साथ-साथ गांवों में जाकर विलेज डिफेंस कमेटियों और कई पंचायतों के प्रतिनिधियों से वार्ता की। इस दौरान धारकलां सरपंच युनियन के प्रधान दीपक सिंह विक्की ठाकुर ने ये सारा मसला राज्यपाल के समक्ष रखा और लोगों की जरूरत के बारे में अवगत करवाया। जिस पर राज्यपाल ने इस आईटीआई को जीवंत करने के लिए काम किया और अधिकारियों को जल्द से जल्द इमारत को दरुस्त करने के आदेश दिए। 10-12 दिन में पूरी तरह तैयार होगी इमारत आईटीआई के प्रिंसिपल कृपाल सिंह ने बताया कि बाकी सारा काम हो चुका है। पेंट और थोड़ा रेनोवेशन का काम जारी है। जो 10 से 12 दिन में खत्म हो जाएगा। आज से ही सारे बच्चों को पठानकोट की बजाए यहीं से पढ़ाई करवाई जाएगी। ताकि, उनका समय और पैसा बर्बाद न हो। अब 1 सितंबर से ही औपचारिक तौर पर कक्षाएं लगेंगी, फिल्हाल 8 तरह के कोर्स करवाए जाएंगे। लेकिन, युवाओं और ग्रामीणों के रुझान के अनुसार अन्य कोर्स शुरू करवाने के प्रयास किए जाएंगे। लड़कियों के लिए शुरू किए जाएं कोर्स धारकलां सरपंच यूनियन के प्रधान दीपक सिंह विक्की ठाकुर ने कहा कि वे लंबे समय से धार के लोगों की आवाज उठा रहे थे। उनका सपना आखिरकार साकार हो गया। जिसमें राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया का सहयोग मिला। उन्होंने कहा कि सरकार से उनकी यही मांग है कि लड़कों के लिए सारी ट्रेड यहां पर हैं। लेकिन, यहां की लड़कियों के लिए कोई कोर्स नहीं है। इसी आईटीआई में ब्यूटी पार्लर, सिलाई कढ़ाई, कम्प्यूटर और फैशन डिजाइनिंग जैसे कोर्स यहां शुरू किए जाएं। ताकि, कम खर्चे में यहां की बेटियां आत्मनिर्भर बन सकें।

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