लखनऊ में वजीरगंज के गौसगंज निवासी प्रॉपर्टी डीलर मोहम्मद खतीब से पार्टनरशिप के नाम पर आठ लोगों ने 75 लाख रुपए ऐंठ लिए। रकम वापस मांगने पर आरोपियों ने कचहरी के बाहर उनके साथ मारपीट की। पीड़ित का आरोप है कि प्लॉटिंग का काम दोबारा शुरू करने के लिए आरोपियों ने उनसे 50 लाख रुपए की रंगदारी भी मांगी। डीसीपी पश्चिमी कमलेश दीक्षित के आदेश पर वजीरगंज पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 2018 में हुआ था जमीन को लेकर अनुबंध मोहम्मद खतीब ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उन्होंने साल 2018 में बख्शी का तालाब के पल्हरी में नौ बीघा जमीन खरीदी थी। यहां वह प्लॉटिंग करा रहे थे। इसी दौरान आईआईएम रोड निवासी अमोल कुमार यादव और उसके परिवार के राम अवध, हरीलाल, राजेश, अमित और रवि के साथ उनके साथी आसिफ और अर्सलान गौरी ने अपनी 5.76 बीघा जमीन उनकी साइट में शामिल कर कारोबार करने का प्रस्ताव दिया। दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद 15 अक्टूबर 2018 को वजीरगंज कचहरी में अनुबंध हुआ। इसमें तय हुआ कि साइट में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी मोहम्मद खतीब की होगी। इसके एवज में उन्होंने अमोल, उसके भाई अमित और रवि के खातों में 50 लाख रुपए ट्रांसफर किए। वहीं अर्सलान को 25 लाख रुपए दिए। अनुबंध पत्र भी अर्सलान ने अपने पास रख लिया। साइट बेचने के बाद भी नहीं दी हिस्सेदारी आरोप है कि सभी आरोपियों ने मिलकर पूरी साइट बेच दी, लेकिन मोहम्मद खतीब को उनकी हिस्सेदारी नहीं दी। उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालमटोल करने लगे। पीड़ित का आरोप है कि उनकी 25 लाख रुपए की रकम भी हड़प ली गई। कचहरी के बाहर सड़क पर पटककर पीटा मोहम्मद खतीब ने पुलिस को बताया कि 15 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 11 बजे वह एक दोस्त के साथ वजीरगंज कचहरी के बाहर पहुंचे थे। तभी सभी आरोपी वहां आ गए और गाली-गलौज करने लगे। रकम मांगने पर आरोपियों ने उन्हें सड़क पर पटककर पीटा। आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने दोबारा काम शुरू करने के लिए उनसे 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी। घटना के बाद खतीब काफी डर गए। कुछ महीने बाद उन्होंने हिम्मत जुटाकर डीसीपी पश्चिमी से शिकायत की। इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पीड़ित से जमीन और लेनदेन से संबंधित दस्तावेज मांगे गए हैं।

