बांका में दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के अध्यक्षों और सचिवों की एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विमूल के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। यह समागम सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सुधा डेयरी, बांका द्वारा गठित समितियों के लिए था। बैठक को संबोधित करते हुए, जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने किसानों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। योजनाओं का बेहतर लाभ दिलाना उद्देश्य उन्होंने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। डीएम ने दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें अधिक सक्रिय, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य दुग्ध उत्पादक किसानों को सरकार और डेयरी की योजनाओं का बेहतर लाभ दिलाना है। कार्यक्रम के दौरान, विमूल के प्रबंध निदेशक ने सरकार और डेयरी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। स्कीम का अधिकतम फायदा उठाने की अपील इनमें बायोगैस योजना, सुधा सखी (पशु सखी), जीविका दीदियों के माध्यम से सुधा बिक्री केंद्र और पशु जन औषधि केंद्र जैसी योजनाएं शामिल थीं। उन्होंने किसानों और समितियों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। विमूल के अध्यक्ष और निदेशक मंडल की सदस्या ने समितियों के संचालन और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए तथा अध्यक्षों और सचिवों को आवश्यक सुझाव दिए। बैठक में प्रभारी संग्रहण, विमूल, प्रभारी बांका डेयरी सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी भी उपस्थित थे। बांका में दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों के अध्यक्षों और सचिवों की एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई, जिसमें विमूल के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। यह समागम सात निश्चय पार्ट-3 के तहत सुधा डेयरी, बांका द्वारा गठित समितियों के लिए था। बैठक को संबोधित करते हुए, जिला पदाधिकारी अंशुल अग्रवाल ने किसानों को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताया। योजनाओं का बेहतर लाभ दिलाना उद्देश्य उन्होंने कहा कि कृषि के साथ पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है। डीएम ने दुग्ध उत्पादक सहयोग समितियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें अधिक सक्रिय, पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर जोर दिया। इसका उद्देश्य दुग्ध उत्पादक किसानों को सरकार और डेयरी की योजनाओं का बेहतर लाभ दिलाना है। कार्यक्रम के दौरान, विमूल के प्रबंध निदेशक ने सरकार और डेयरी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। स्कीम का अधिकतम फायदा उठाने की अपील इनमें बायोगैस योजना, सुधा सखी (पशु सखी), जीविका दीदियों के माध्यम से सुधा बिक्री केंद्र और पशु जन औषधि केंद्र जैसी योजनाएं शामिल थीं। उन्होंने किसानों और समितियों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। विमूल के अध्यक्ष और निदेशक मंडल की सदस्या ने समितियों के संचालन और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने के लिए अपने अनुभव साझा किए तथा अध्यक्षों और सचिवों को आवश्यक सुझाव दिए। बैठक में प्रभारी संग्रहण, विमूल, प्रभारी बांका डेयरी सहित अन्य पदाधिकारी और कर्मी भी उपस्थित थे।

