कैमूर में ई-रिक्शा रूट प्लान फाइलों में अटका:शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ी, लोग परेशान

कैमूर में ई-रिक्शा रूट प्लान फाइलों में अटका:शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ी, लोग परेशान

कैमूर शहर में ई-रिक्शा और ऑटो के सुचारु संचालन के लिए अनुमंडल प्रशासन द्वारा दो महीने पहले बनाई गई योजना ठप पड़ गई है। रूट निर्धारण, कलर कोड और पार्किंग स्थल तय करने की कवायद प्रशासनिक सुस्ती के कारण फाइलों में ही सिमट कर रह गई है। नियम लागू न होने से शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का मनमाना परिचालन जारी है। मुख्य चौराहों, विशेषकर एकता चौक पर वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े किए जा रहे हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया अब तक इससे आम शहरवासी और ग्रामीण परेशान हैं, साथ ही हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। तत्कालीन जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर अनुमंडल प्रशासन को चालकों का रूट चार्ट, ड्रेस कोड, पार्किंग स्थल और वाहनों पर कलर कोड स्टिकर और QR कोड लगाने की योजना तैयार करनी थी। अलग-अलग जोन के अनुसार रूट तय कर गाड़ियों को संबंधित नगर निकाय और पुलिस थानों से टैग किया जाना था, ताकि यातायात व्यवस्था पारदर्शी रहे। जल्द रूट प्लान लागू करने की मांग इसके बावजूद, अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। न तो रूटों की टैगिंग हुई है और न ही कलर कोड की व्यवस्था शुरू हो सकी है। प्रशासन, नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस की उदासीनता के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द रूट प्लान लागू करने की मांग की है। कैमूर शहर में ई-रिक्शा और ऑटो के सुचारु संचालन के लिए अनुमंडल प्रशासन द्वारा दो महीने पहले बनाई गई योजना ठप पड़ गई है। रूट निर्धारण, कलर कोड और पार्किंग स्थल तय करने की कवायद प्रशासनिक सुस्ती के कारण फाइलों में ही सिमट कर रह गई है। नियम लागू न होने से शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का मनमाना परिचालन जारी है। मुख्य चौराहों, विशेषकर एकता चौक पर वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े किए जा रहे हैं, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया अब तक इससे आम शहरवासी और ग्रामीण परेशान हैं, साथ ही हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। तत्कालीन जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर अनुमंडल प्रशासन को चालकों का रूट चार्ट, ड्रेस कोड, पार्किंग स्थल और वाहनों पर कलर कोड स्टिकर और QR कोड लगाने की योजना तैयार करनी थी। अलग-अलग जोन के अनुसार रूट तय कर गाड़ियों को संबंधित नगर निकाय और पुलिस थानों से टैग किया जाना था, ताकि यातायात व्यवस्था पारदर्शी रहे। जल्द रूट प्लान लागू करने की मांग इसके बावजूद, अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा सका है। न तो रूटों की टैगिंग हुई है और न ही कलर कोड की व्यवस्था शुरू हो सकी है। प्रशासन, नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस की उदासीनता के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय लोगों ने जल्द से जल्द रूट प्लान लागू करने की मांग की है।  

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