बस्ती के लालगंज थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष मनमोहन त्रिपाठी के बहनोई मनीष पांडेय (26) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना महसो गांव में पुरानी रंजिश और उलाहना देने को लेकर हुए विवाद के बाद रविवार रात करीब 11 बजे हुई।
आरोपियों ने पहले ईंट से हमला किया, फिर लकड़ी की पाटी से मनीष के सिर पर कई वार किए। गंभीर रूप से घायल मनीष को जिला अस्पताल से गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि मनीष के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उनके ब्रेन के दोनों हिस्से फट गए थे, जिससे उनकी मृत्यु हुई।
घटना के बाद, मृतक के परिजनों और राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष मनमोहन त्रिपाठी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने महसो चौकी का घेराव किया। उन्होंने पुलिसकर्मियों के निलंबन की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। लगभग एक घंटे बाद, सीओ द्वारा कार्रवाई के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी शांत हुए और वापस लौट गए।
मृतक के बड़े भाई की तहरीर पर पुलिस ने अमरीश पांडेय, श्याम उर्फ छोटू, अंजनी, रोशन, आशा देवी और अभिषेक गौंड सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। सीओ कुलदीप यादव ने बताया कि नामजद छह आरोपियों में से अमरीश पांडेय (पुत्र अंजनी), आशा देवी (पत्नी अंजनी) और अभिषेक गौंड (पुत्र अमरनाथ गौंड) को गिरफ्तार कर लिया गया है। शेष तीन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
महसो ग्राम पंचायत के पूरब टोला निवासी विश्वनाथ पांडेय ईंट-भट्ठे पर मुंशी का काम करते हैं। उनके तीन बेटों में से सबसे बड़े सुशील पांडेय उर्फ नवीन पशु चिकित्सक हैं, जिनकी शादी राष्ट्रीय बजरंग दल जिलाध्यक्ष मनमोहन त्रिपाठी की बहन पुनीता से हुई है। मृतक मनीष उनका दूसरा बेटा था और आरटीओ कार्यालय में संविदा पर कार्यरत था। सबसे छोटा बेटा आयुष प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहा है। Note to the Editor परिजनों के मुताबिक रविवार रात मनीष धान के खेत की सिंचाई कर करीब 11 बजे घर लौटा था। इसी दौरान अमरीश के भाई श्याम उर्फ छोटू का पड़ोसी शरदचंद्र पांडेय से विवाद हो रहा था। आरोप है कि विवाद के दौरान श्याम ने मनीष को भी अपशब्द कहे। मनीष इसका उलाहना देने उसके घर पहुंचा। पुलिस के अनुसार इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोपी पक्ष ने पहले ईंट फेंकी, फिर लकड़ी की पाटी से हमला कर दिया। मारपीट में मनीष गंभीर रूप से घायल होकर नाली के पास गिर पड़ा। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां से हालत गंभीर होने पर गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। परिजन निजी वाहन से उसे गोरखपुर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में उसकी मौत हो गई।
घटना की सूचना पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सीओ कुलदीप यादव का कहना है कि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है और मामले में दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है।

