बक्सर के बनारपुर गांव में चार दिनों से लापता अधेड़ मजदूर का सड़ा-गला शव मंगलवार सुबह बैंगन के खेत से बरामद हुआ। शव की पहचान कपड़ों के आधार पर गांव निवासी केदार चौधरी(55) के रूप में हुई। शव खेत में बैंगन के पौधों के बीच पड़ा था। उसकी स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि चेहरे से पहचान करना मुश्किल था। बाद में परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। मंगलवार सुबह गांव का एक युवक खेत के पास सब्जी तोड़ने गया था, तभी उसकी नजर बैंगन के पौधों के बीच पड़े शव पर पड़ी। युवक ने तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई और परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। घूमने के लिए निकले थे घर से मृतक के बेटे धन्नू चौधरी ने बताया कि उनके पिता लगभग एक सप्ताह पहले बाबा धाम से घर लौटे थे। शुक्रवार शाम को वह घर से घूमने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। चार दिनों तक रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया गया और गांव व आसपास के इलाकों में भी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला था। पुलिस का कहना है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी हर बिंदु पर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। धन्नू चौधरी ने बताया कि मंगलवार की सुबह गांव में घर से करीब पांच सौ मीटर दूर खेत में शव मिलने की सूचना मिली। परिजन मौके पर पहुंचे तो शव की स्थिति बेहद खराब थी। चेहरा पूरी तरह बिगड़ चुका था, लेकिन कपड़ों से पहचान हो गई। परिजनों ने जताई हत्या की आशंका मृतक के बेटे धन्नू चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके पिता की हत्या कर शव को खेत में लाकर फेंका गया है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता की किसी से कोई बड़ी दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते थे और चार दिन पहले ईंट भट्ठा पर काम करने के बाद करीब नौ से दस हजार रुपए लेकर घर आए थे। वह शराब का सेवन भी करते थे। परिजनों के अनुसार परिवार में चार भाई और दो बहन हैं। एक बहन की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी बहन की शादी होनी बाकी है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य शव मिलने की सूचना पर मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। बक्सर डीएसपी गौरव पाण्डेय ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने खेत और आसपास के स्थानों की जांच कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पॉकेट से साढ़े सात हजार रुपए बरामद डीएसपी गौरव पाण्डेय ने बताया कि शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है। शव देखने से प्रथम दृष्टया करीब चार दिन पुराना प्रतीत हो रहा है और शव में कीड़े भी लग गए हैं। मृतक चार दिनों से लापता था। उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और मौत का कारण क्या है, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शव के पॉकेट से साढ़े सात हजार रुपए भी बरामद हुए है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मृतक के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। परिजनों के आरोप और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बक्सर के बनारपुर गांव में चार दिनों से लापता अधेड़ मजदूर का सड़ा-गला शव मंगलवार सुबह बैंगन के खेत से बरामद हुआ। शव की पहचान कपड़ों के आधार पर गांव निवासी केदार चौधरी(55) के रूप में हुई। शव खेत में बैंगन के पौधों के बीच पड़ा था। उसकी स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि चेहरे से पहचान करना मुश्किल था। बाद में परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान की। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। मंगलवार सुबह गांव का एक युवक खेत के पास सब्जी तोड़ने गया था, तभी उसकी नजर बैंगन के पौधों के बीच पड़े शव पर पड़ी। युवक ने तुरंत ग्रामीणों को इसकी सूचना दी, जिसके बाद मौके पर भीड़ जुट गई और परिजन भी घटनास्थल पर पहुंचे। घूमने के लिए निकले थे घर से मृतक के बेटे धन्नू चौधरी ने बताया कि उनके पिता लगभग एक सप्ताह पहले बाबा धाम से घर लौटे थे। शुक्रवार शाम को वह घर से घूमने के लिए निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिवार के सदस्यों ने उनकी तलाश शुरू की। चार दिनों तक रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया गया और गांव व आसपास के इलाकों में भी खोजबीन की गई, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला था। पुलिस का कहना है कि मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी हर बिंदु पर जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। धन्नू चौधरी ने बताया कि मंगलवार की सुबह गांव में घर से करीब पांच सौ मीटर दूर खेत में शव मिलने की सूचना मिली। परिजन मौके पर पहुंचे तो शव की स्थिति बेहद खराब थी। चेहरा पूरी तरह बिगड़ चुका था, लेकिन कपड़ों से पहचान हो गई। परिजनों ने जताई हत्या की आशंका मृतक के बेटे धन्नू चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके पिता की हत्या कर शव को खेत में लाकर फेंका गया है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि उनके पिता की किसी से कोई बड़ी दुश्मनी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उनके पिता मजदूरी करते थे और चार दिन पहले ईंट भट्ठा पर काम करने के बाद करीब नौ से दस हजार रुपए लेकर घर आए थे। वह शराब का सेवन भी करते थे। परिजनों के अनुसार परिवार में चार भाई और दो बहन हैं। एक बहन की शादी हो चुकी है, जबकि दूसरी बहन की शादी होनी बाकी है। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य शव मिलने की सूचना पर मुफस्सिल थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ फॉरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और मौके से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। बक्सर डीएसपी गौरव पाण्डेय ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने खेत और आसपास के स्थानों की जांच कर जरूरी साक्ष्य एकत्र किए हैं। पॉकेट से साढ़े सात हजार रुपए बरामद डीएसपी गौरव पाण्डेय ने बताया कि शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है। शव देखने से प्रथम दृष्टया करीब चार दिन पुराना प्रतीत हो रहा है और शव में कीड़े भी लग गए हैं। मृतक चार दिनों से लापता था। उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई और मौत का कारण क्या है, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शव के पॉकेट से साढ़े सात हजार रुपए भी बरामद हुए है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पुलिस मृतक के लापता होने से लेकर शव मिलने तक की पूरी घटना की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। परिजनों के आरोप और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

