भदोही में पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही और पद के दुरुपयोग के मामलों में बड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने तीन उपनिरीक्षकों समेत पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। इनमें एक दरोगा पर किशोरी से छेड़खानी की शिकायत पर कार्रवाई में शिथिलता बरतने के साथ पीड़िता और उसकी मां से अपशब्द कहने का आरोप भी सही पाया गया है। सदर कोतवाली के उपनिरीक्षक श्याम नारायण यादव पर गांव की किशोरी से छेड़खानी के मामले में लिखित शिकायत मिलने के बाद भी प्रभावी कार्रवाई न करने का आरोप था। जांच के दौरान पीड़िता और उसकी मां से अपशब्द कहने की बात भी सामने आई। शिकायत की जांच में आरोप सही पाए जाने पर एसपी ने उन्हें तत्काल निलंबित कर दिया। इसी तरह औराई कोतवाली के उपनिरीक्षक विष्णुकांत मिश्रा पर विवेचनाओं के निस्तारण और लंबित मामलों को लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप था। चौरी थाने के उपनिरीक्षक महेंद्र राम भी एक मुकदमे में अपहृता की तलाश और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाए। जांच में दोनों की कार्यप्रणाली में लापरवाही सामने आने पर कार्रवाई की गई। छेड़खानी की शिकायत पर पीड़िता की मां से भी अभद्रता सदर कोतवाली में तैनात श्याम नारायण यादव के खिलाफ किशोरी से छेड़खानी की शिकायत मिली थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद उन्होंने मामले में अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। जांच के दौरान पीड़िता और उसकी मां से कथित तौर पर अपशब्द कहने की बात भी सामने आई। एसपी ने जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया। विवेचनाओं में लापरवाही पर दो दरोगा निलंबित औराई कोतवाली के उपनिरीक्षक विष्णुकांत मिश्रा पर लंबित विवेचनाओं के निस्तारण को लेकर दिए गए निर्देशों की अनदेखी का आरोप था। वहीं चौरी थाने के महेंद्र राम पर अपहृता की तलाश और आरोपी की गिरफ्तारी में प्रभावी विवेचनात्मक कार्रवाई नहीं करने की बात सामने आई। जांच में लापरवाही मिलने पर दोनों पर कार्रवाई की गई। ऊंज थाने के मुख्य आरक्षी नगेंद्र कुमार गौतम और आरक्षी सुनील कुमार का एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हुआ था। इसमें दोनों पर जमीन से जुड़े एक मामले में अवैध तरीके से हस्तक्षेप करने का आरोप लगा। जांच में दोनों की संलिप्तता सामने आने पर एसपी ने उन्हें भी निलंबित कर दिया। लापरवाही पर अब निलंबन के साथ FIR की चेतावनी एसपी ने सभी थानाध्यक्षों को अपने अधीनस्थ पुलिसकर्मियों के कामकाज पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में लापरवाही, उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अवहेलना, विवेचना में शिथिलता या पद का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में निलंबन के साथ प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाएगी।

