मोतिहारी में सोमवार को दंपति ने अपने ही नवजात बच्चे को दलालों के जरिए बेच दिया। नगर थाना की पुलिस ने नवजात बच्चे को सकुशल रेस्क्यू कर लिया है। पुलिस ने बच्चे के माता-पिता, सौदा कराने वाली बिचौलिया, आशा कार्यकर्ता और बच्चा खरीदने वाली महिला समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने माता-पिता के पास से सौदे के मिले 1.50 लाख रुपए भी बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में हरसिद्धि थाना क्षेत्र के कोबरा पकड़िया टोला निवासी नवजात के माता-पिता प्रमोद साहनी और हिंदू देवी शामिल हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में नगर थाना क्षेत्र के बलुआ गोपालपुर निवासी तान्या खातून उर्फ कुरैशा खातून (खरीदने वाली महिला), घोड़ासहन थाना क्षेत्र के बगहा निवासी आशा कार्यकर्ता शोभा सिंह (कथित बिचौलिया) और लाइन बसवरिया निवासी चिंता देवी शामिल हैं। 10 हजार के लिए हुआ था विवाद पुलिस के अनुसार, बच्चे का जन्म 8 अगस्त को मोतिहारी के एक निजी अस्पताल में हुआ था। 9 अगस्त को एक महिला बच्चे को आईसीयू में रखने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गई। इसके बाद दलाल तान्या खातून उर्फ कुरैशा खातून ने बच्चे को एक निसंतान महिला को बेचने का सौदा कराया। इसमें आशा कार्यकर्ता शोभा सिंह ने भी उसका साथ दिया। दलालों ने नवजात शिशु को घोड़ासहन की चिंता देवी को 4.50 लाख रुपए में बेच दिया। दलालों ने नवजात के माता-पिता को तय रकम में से 1.60 लाख रुपए दिए। माता-पिता को तय रकम में से 10 हजार रुपए मिलना बाकी रह गया था। 10 हजार रुपए के बकाये को लेकर 23 अगस्त की शाम सदर अस्पताल के सामने विवाद हुआ। पैसों को लेकर सड़क पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और मौके पर भीड़ जमा हो गई। विवाद की गुप्त सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस तीन महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई। आरोपियों से मिली जानकारी पर नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में पुलिस ने फौरन छापेमारी की। पुलिस की टीम ने निसंतान महिला चिंता देवी के पास से नवजात बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद बच्चे के माता-पिता, दलाल तान्या खातून, आशा कार्यकर्ता शोभा सिंह और खरीदार चिंता देवी समेत पांचों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, पुलिस ने नवजात के माता-पिता के पास से सौदे के मिले 1.50 लाख रुपए जब्त कर लिए। दंपति को पहले से हैं छह बच्चे पुलिस जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार आरोपी दंपति प्रमोद साहनी और इंदु देवी के पहले से ही छह बच्चे हैं। दंपती ने सातवें बच्चे के जन्म लेते ही ममता का गला घोंट दिया और चंद रुपयों के लालच में नवजात का सौदा कर डाला। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। मोतिहारी में सोमवार को दंपति ने अपने ही नवजात बच्चे को दलालों के जरिए बेच दिया। नगर थाना की पुलिस ने नवजात बच्चे को सकुशल रेस्क्यू कर लिया है। पुलिस ने बच्चे के माता-पिता, सौदा कराने वाली बिचौलिया, आशा कार्यकर्ता और बच्चा खरीदने वाली महिला समेत 5 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने माता-पिता के पास से सौदे के मिले 1.50 लाख रुपए भी बरामद कर लिए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में हरसिद्धि थाना क्षेत्र के कोबरा पकड़िया टोला निवासी नवजात के माता-पिता प्रमोद साहनी और हिंदू देवी शामिल हैं। अन्य गिरफ्तार आरोपियों में नगर थाना क्षेत्र के बलुआ गोपालपुर निवासी तान्या खातून उर्फ कुरैशा खातून (खरीदने वाली महिला), घोड़ासहन थाना क्षेत्र के बगहा निवासी आशा कार्यकर्ता शोभा सिंह (कथित बिचौलिया) और लाइन बसवरिया निवासी चिंता देवी शामिल हैं। 10 हजार के लिए हुआ था विवाद पुलिस के अनुसार, बच्चे का जन्म 8 अगस्त को मोतिहारी के एक निजी अस्पताल में हुआ था। 9 अगस्त को एक महिला बच्चे को आईसीयू में रखने का बहाना बनाकर अपने साथ ले गई। इसके बाद दलाल तान्या खातून उर्फ कुरैशा खातून ने बच्चे को एक निसंतान महिला को बेचने का सौदा कराया। इसमें आशा कार्यकर्ता शोभा सिंह ने भी उसका साथ दिया। दलालों ने नवजात शिशु को घोड़ासहन की चिंता देवी को 4.50 लाख रुपए में बेच दिया। दलालों ने नवजात के माता-पिता को तय रकम में से 1.60 लाख रुपए दिए। माता-पिता को तय रकम में से 10 हजार रुपए मिलना बाकी रह गया था। 10 हजार रुपए के बकाये को लेकर 23 अगस्त की शाम सदर अस्पताल के सामने विवाद हुआ। पैसों को लेकर सड़क पर दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और मौके पर भीड़ जमा हो गई। विवाद की गुप्त सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस तीन महिलाओं और एक पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए थाने ले गई। आरोपियों से मिली जानकारी पर नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन के नेतृत्व में पुलिस ने फौरन छापेमारी की। पुलिस की टीम ने निसंतान महिला चिंता देवी के पास से नवजात बच्चे को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। इसके बाद बच्चे के माता-पिता, दलाल तान्या खातून, आशा कार्यकर्ता शोभा सिंह और खरीदार चिंता देवी समेत पांचों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही, पुलिस ने नवजात के माता-पिता के पास से सौदे के मिले 1.50 लाख रुपए जब्त कर लिए। दंपति को पहले से हैं छह बच्चे पुलिस जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार आरोपी दंपति प्रमोद साहनी और इंदु देवी के पहले से ही छह बच्चे हैं। दंपती ने सातवें बच्चे के जन्म लेते ही ममता का गला घोंट दिया और चंद रुपयों के लालच में नवजात का सौदा कर डाला। नगर थानाध्यक्ष राजीव रंजन ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है।

