बिहार सरकार ने 23 IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी है। इनमें 2022 और 2023 बैच के अधिकारियों के साथ 2024 बैच के ट्रेनी ऑफिसर भी शामिल हैं। श्रेया श्री से लेकर कशिश बख्शी तक 8 महिला अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। आकांक्षा ने YouTube से पढ़कर UPSC की परीक्षा में सफलता पाई। गरिमा 16 साल की थी तब उनके पिता का निधन हो गया। तमाम चुनौतियों के बाद इन महिलाओं ने IAS बनने का सपना पूरा किया है। वहीं, सीवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान AK-47 से गोली चलने के बाद सरकार ने यहां के DM विवेक रंजन मैत्रेय और SP पूरन कुमार झा को बदला था। दोनों अधिकारी नई पोस्टिंग के इंतजार में हैं। सम्राट सरकार ने जिन महिला IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी वे कौन हैं? इनकी सफलता की क्या कहानी है? पढ़िए रिपोर्ट..। IAS श्रेया श्री: सरकारी स्कूल में पढ़ीं, बिना कोचिंग बनीं अधिकारी 2022 बैच की IAS अधिकारी श्रेया श्री सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने के बाद वेटिंग में थीं। अब उन्हें खगड़िया जिला परिषद का DDC बनाया गया है। मूल रूप से बिहार के वैशाली जिला के सुल्तानपुर के मंगूरही गांव की रहने वाली श्रेया के पिता दिनेश चौधरी इंडियन एयरफोर्स में अधिकारी थे। श्रेया के पति निखिल महाजन 2021 बैच के IFS ऑफिसर हैं। श्रेया ने सिंगरौली के सरकारी स्कूल में 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद IIT कानपुर से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इन्हें विदेश में नौकरी का ऑफर मिला था, लेकिन उसे मंजूर नहीं किया। आकांक्षा आनंद: YouTube से पढ़कर बनीं IAS अधिकारी 2023 बैच की IAS अधिकारी आकांक्षा आनंद मूल रूप से पटना की हैं। उन्हें मुजफ्फरपुर पश्चिम के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर रोहतास जिला के सासाराम जिला परिषद की उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है। आकांक्षा के पिता स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क थे। उनकी मां शिक्षक हैं। उन्होंने कॉलेज में पढ़ते समय ही UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए कोई कोचिंग नहीं ली। घर में ही पढ़ाई की। YouTube के वीडियो से मदद ली। गरिमा लोहिया: पिता का सपना पूरा करने के लिए बनीं IAS अधिकारी 2023 बैच की IAS अधिकारी गरिमा लोहिया को पटना जिला के बाढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर दरभंगा की नगर आयुक्त बनाया गया है। मूल रूप से बक्सर की रहने वाली गरिमा के पिता कपड़ों के थोक व्यापारी थे। 2015 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। वह बेटी को IAS अफसर बनाना चाहते थे। उस समय गरिमा की उम्र करीब 16 साल थी। गरिमा ने पिता के सपने को पूरा करने के लिए UPSC की तैयारी की और सफलता हासिल किया। उन्होंने स्कूली शिक्षा बक्सर के वुडस्टॉक स्कूल से ली। इसके बाद 12वीं की पढ़ाई भगवानपुर के सनबीम से की। दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रहीं थी। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन लगा तो बक्सर चली आईं। घर में रहकर तैयारी की। अंजली शर्मा: पहले ही प्रयास में पाई थी सफलता 2023 बैच की IAS अधिकारी अंजली शर्मा को पूर्वी चंपारण की एसडीओ की जिम्मेदारी से हटाकर समाज कल्याण विभाग में शक्तता निदेशक बनाया गया है। अंजली मूल रूप से समस्तीपुर जिला के मोरवा प्रखंड के व्यासपुर गांव की रहने वाली हैं। पहले ही प्रयास में 450वां रैंक लाकर IAS अधिकारी बनीं। UPSC की परीक्षा पास करने से पहले अंजली BPSC की परीक्षा पास कर आरडीओ बन गईं थीं। डॉ. नेहा कुमारी: पहले ही प्रयास में लाई थीं 916वां रैंक 2023 बैच की IAS अधिकारी डॉ. नेहा कुमारी मूल रूप से मधेपुरा की रहने वाली हैं। उन्हें रोहतास के सासाराम की एसडीओ पद से हटाकर कटिहार जिला परिषद की उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है। नेहा ने मधेपुरा के मनहरा स्थित नवोदय विद्यालय से स्कूली शिक्षा ली। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। गोल्ड मेडलिस्ट नेहा ने PHD के बाद UPSC की तैयारी शुरू की। पहली ही कोशिश में 916वां रैंक लाकर अधिकारी बनीं। प्रिया रानी: नौकरी छोड़ की थी UPSC तैयारी 2024 बैच की IAS अधिकारी प्रिया रानी को रोहतास जिले के सासाराम की अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है। प्रिया पटना के फुलवारी शरीफ के कुरकुरी गांव की रहने वाली हैं। इनके पिता किसान और मां गृहिणी हैं। प्रिया बचपन से पढ़ने में तेज थी। गांव के लोग पढ़ाई के लिए टोकते थे, स्कूल जाने से रोकते थे। पैसे की तंगी के बाद भी पिता और दादा ने इन्हें पढ़ने के लिए पटना भेजा। पटना में रहकर इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए तैयारी की। रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद बेंगलुरु के एक प्राइवेट कंपनी में जॉब लग गई। अच्छी पैकेज वाली नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की। चौथे प्रयास में 2023 में ऑल इंडिया 69वीं रैंक हासिल किया। कशिश बख्शी बनीं अनुमंडल पदाधिकारी 2024 बैच की आईएएस अधिकारी कशिश बख्शी पटना सिटी की अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) बनी हैं। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद यह पहली फील्ड जिम्मेदारी संभाली है। चौधरी शिप्रा विजय कुमार को भेजा गया जमुई 2023 बैच की IAS अधिकारी चौधरी शिप्रा विजयकुमार आरा सदर की एसडीओ थीं। उन्हें जमुई जिला परिषद में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है। वेटिंग फॉर पोस्टिंग हैं विवेक रंजन मैत्रेय 2017 बैच के IAS अधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय के डीएम रहते पिछले महीने सीवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने AK-47 से गोली चलाई। इसके बाद 17 अगस्त को सम्राट सरकार ने उनका तबादला कर दिया। विवेक को सामान्य प्रशासन विभाग में वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखा गया है। 2016 बैच के IAS अधिकारी विजय प्रकाश मीणा को सीवान का डीएम बनाया गया है। सीवान के SP पूरन कुमार झा का भी तबादला किया गया था। उनकी जगह भारत सोनी को सीवान का नया SP बनाया गया है। 2019 बैच के IPS अधिकारी भारत सोनी पहले नालंदा में तैनात थे। पूरन कुमार झा को फिलहाल नई पोस्टिंग का इंतजार है। 2023 बैच के इन IAS अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी अनिरुद्ध पांडेय: पटना के दानापुर के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर पूर्णिया नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है। तुषार कुमार: पहले पूर्णिया के अनुमंडल पदाधिकारी थे। अब मधुबनी जिला परिषद में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी पद की जिम्मेदारी दी गई है। प्रद्युम्न सिंह यादव: कटिहार के अनुमंडल पदाधिकारी थे। अब खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय का निदेशक बनाया गया है। रोहित कर्दम: भागलपुर के नौगछिया में एसडीओ थे। इन्हें उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद कैमूर, भभुआ बनाया गया है। कृष्ण चन्द्र गुप्ता: पहले भागलपुर के कहलगांव के एसडीओ थे। इन्हें बिहार सरकार के निबंधन, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में महानिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। 2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग इस तबादले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दी गई है। इन अधिकारियों का 20 अगस्त 2026 से लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी से ट्रेनिंग खत्म हुई है। बिहार सरकार ने 23 IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी है। इनमें 2022 और 2023 बैच के अधिकारियों के साथ 2024 बैच के ट्रेनी ऑफिसर भी शामिल हैं। श्रेया श्री से लेकर कशिश बख्शी तक 8 महिला अधिकारियों को बड़ी जिम्मेदारी दी गई है। आकांक्षा ने YouTube से पढ़कर UPSC की परीक्षा में सफलता पाई। गरिमा 16 साल की थी तब उनके पिता का निधन हो गया। तमाम चुनौतियों के बाद इन महिलाओं ने IAS बनने का सपना पूरा किया है। वहीं, सीवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान AK-47 से गोली चलने के बाद सरकार ने यहां के DM विवेक रंजन मैत्रेय और SP पूरन कुमार झा को बदला था। दोनों अधिकारी नई पोस्टिंग के इंतजार में हैं। सम्राट सरकार ने जिन महिला IAS अधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी वे कौन हैं? इनकी सफलता की क्या कहानी है? पढ़िए रिपोर्ट..। IAS श्रेया श्री: सरकारी स्कूल में पढ़ीं, बिना कोचिंग बनीं अधिकारी 2022 बैच की IAS अधिकारी श्रेया श्री सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देने के बाद वेटिंग में थीं। अब उन्हें खगड़िया जिला परिषद का DDC बनाया गया है। मूल रूप से बिहार के वैशाली जिला के सुल्तानपुर के मंगूरही गांव की रहने वाली श्रेया के पिता दिनेश चौधरी इंडियन एयरफोर्स में अधिकारी थे। श्रेया के पति निखिल महाजन 2021 बैच के IFS ऑफिसर हैं। श्रेया ने सिंगरौली के सरकारी स्कूल में 12वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद IIT कानपुर से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इन्हें विदेश में नौकरी का ऑफर मिला था, लेकिन उसे मंजूर नहीं किया। आकांक्षा आनंद: YouTube से पढ़कर बनीं IAS अधिकारी 2023 बैच की IAS अधिकारी आकांक्षा आनंद मूल रूप से पटना की हैं। उन्हें मुजफ्फरपुर पश्चिम के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर रोहतास जिला के सासाराम जिला परिषद की उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है। आकांक्षा के पिता स्वास्थ्य विभाग में क्लर्क थे। उनकी मां शिक्षक हैं। उन्होंने कॉलेज में पढ़ते समय ही UPSC की तैयारी शुरू कर दी थी। इसके लिए कोई कोचिंग नहीं ली। घर में ही पढ़ाई की। YouTube के वीडियो से मदद ली। गरिमा लोहिया: पिता का सपना पूरा करने के लिए बनीं IAS अधिकारी 2023 बैच की IAS अधिकारी गरिमा लोहिया को पटना जिला के बाढ़ के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर दरभंगा की नगर आयुक्त बनाया गया है। मूल रूप से बक्सर की रहने वाली गरिमा के पिता कपड़ों के थोक व्यापारी थे। 2015 में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। वह बेटी को IAS अफसर बनाना चाहते थे। उस समय गरिमा की उम्र करीब 16 साल थी। गरिमा ने पिता के सपने को पूरा करने के लिए UPSC की तैयारी की और सफलता हासिल किया। उन्होंने स्कूली शिक्षा बक्सर के वुडस्टॉक स्कूल से ली। इसके बाद 12वीं की पढ़ाई भगवानपुर के सनबीम से की। दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। दिल्ली में रहकर UPSC की तैयारी कर रहीं थी। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन लगा तो बक्सर चली आईं। घर में रहकर तैयारी की। अंजली शर्मा: पहले ही प्रयास में पाई थी सफलता 2023 बैच की IAS अधिकारी अंजली शर्मा को पूर्वी चंपारण की एसडीओ की जिम्मेदारी से हटाकर समाज कल्याण विभाग में शक्तता निदेशक बनाया गया है। अंजली मूल रूप से समस्तीपुर जिला के मोरवा प्रखंड के व्यासपुर गांव की रहने वाली हैं। पहले ही प्रयास में 450वां रैंक लाकर IAS अधिकारी बनीं। UPSC की परीक्षा पास करने से पहले अंजली BPSC की परीक्षा पास कर आरडीओ बन गईं थीं। डॉ. नेहा कुमारी: पहले ही प्रयास में लाई थीं 916वां रैंक 2023 बैच की IAS अधिकारी डॉ. नेहा कुमारी मूल रूप से मधेपुरा की रहने वाली हैं। उन्हें रोहतास के सासाराम की एसडीओ पद से हटाकर कटिहार जिला परिषद की उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है। नेहा ने मधेपुरा के मनहरा स्थित नवोदय विद्यालय से स्कूली शिक्षा ली। बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। गोल्ड मेडलिस्ट नेहा ने PHD के बाद UPSC की तैयारी शुरू की। पहली ही कोशिश में 916वां रैंक लाकर अधिकारी बनीं। प्रिया रानी: नौकरी छोड़ की थी UPSC तैयारी 2024 बैच की IAS अधिकारी प्रिया रानी को रोहतास जिले के सासाराम की अनुमंडल पदाधिकारी बनाया गया है। प्रिया पटना के फुलवारी शरीफ के कुरकुरी गांव की रहने वाली हैं। इनके पिता किसान और मां गृहिणी हैं। प्रिया बचपन से पढ़ने में तेज थी। गांव के लोग पढ़ाई के लिए टोकते थे, स्कूल जाने से रोकते थे। पैसे की तंगी के बाद भी पिता और दादा ने इन्हें पढ़ने के लिए पटना भेजा। पटना में रहकर इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए तैयारी की। रांची स्थित बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी मेसरा से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक किया। इसके बाद बेंगलुरु के एक प्राइवेट कंपनी में जॉब लग गई। अच्छी पैकेज वाली नौकरी छोड़कर UPSC की तैयारी की। चौथे प्रयास में 2023 में ऑल इंडिया 69वीं रैंक हासिल किया। कशिश बख्शी बनीं अनुमंडल पदाधिकारी 2024 बैच की आईएएस अधिकारी कशिश बख्शी पटना सिटी की अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) बनी हैं। उन्होंने अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद यह पहली फील्ड जिम्मेदारी संभाली है। चौधरी शिप्रा विजय कुमार को भेजा गया जमुई 2023 बैच की IAS अधिकारी चौधरी शिप्रा विजयकुमार आरा सदर की एसडीओ थीं। उन्हें जमुई जिला परिषद में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी बनाया गया है। वेटिंग फॉर पोस्टिंग हैं विवेक रंजन मैत्रेय 2017 बैच के IAS अधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय के डीएम रहते पिछले महीने सीवान में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने AK-47 से गोली चलाई। इसके बाद 17 अगस्त को सम्राट सरकार ने उनका तबादला कर दिया। विवेक को सामान्य प्रशासन विभाग में वेटिंग फॉर पोस्टिंग रखा गया है। 2016 बैच के IAS अधिकारी विजय प्रकाश मीणा को सीवान का डीएम बनाया गया है। सीवान के SP पूरन कुमार झा का भी तबादला किया गया था। उनकी जगह भारत सोनी को सीवान का नया SP बनाया गया है। 2019 बैच के IPS अधिकारी भारत सोनी पहले नालंदा में तैनात थे। पूरन कुमार झा को फिलहाल नई पोस्टिंग का इंतजार है। 2023 बैच के इन IAS अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी अनिरुद्ध पांडेय: पटना के दानापुर के अनुमंडल पदाधिकारी पद से हटाकर पूर्णिया नगर निगम का नगर आयुक्त बनाया गया है। तुषार कुमार: पहले पूर्णिया के अनुमंडल पदाधिकारी थे। अब मधुबनी जिला परिषद में उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी पद की जिम्मेदारी दी गई है। प्रद्युम्न सिंह यादव: कटिहार के अनुमंडल पदाधिकारी थे। अब खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय का निदेशक बनाया गया है। रोहित कर्दम: भागलपुर के नौगछिया में एसडीओ थे। इन्हें उप विकास आयुक्त-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद कैमूर, भभुआ बनाया गया है। कृष्ण चन्द्र गुप्ता: पहले भागलपुर के कहलगांव के एसडीओ थे। इन्हें बिहार सरकार के निबंधन, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग में महानिरीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। 2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग इस तबादले की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 2024 बैच के 12 IAS अधिकारियों को फील्ड पोस्टिंग दी गई है। इन अधिकारियों का 20 अगस्त 2026 से लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी से ट्रेनिंग खत्म हुई है।

