अयोध्या में चंपत राय भगवान श्रीराम को सावन मेले में झूला झुलाते नजर आए। झूलन की डोर पकड़कर वे भावुक हो उठे। करीब 15 मिनट वे इसी अवस्था में झूलन में विराजमान भगवान श्रीसीताराम को निहारते रहे।प्रसिद्ध वैष्णव पीठ श्रीरामवल्लभाकुंज में उन्होंने न केवल झूले पर विराजमान भगवान का दर्शन किया। आश्रम के प्रमुख और श्रीराममंदिर धार्मिक समिति के सदस्य स्वामी राजकुमार दास ने चंपत राय को करीब 18 फिट ऊंचे चांदी के झूलन पर उस पर विराजमान भगवान श्रीसीताराम के मनमोहक स्वरूप की जानकारी दी।बताया कि इस मंदिर का झूलन उत्सव इतना प्रसिद्ध किसलिए हैं। बताते चले कि चंपत राय अपने चतुर्मास व्रत के दौरान रोज शाम को मंदिरों में दर्शन करने के साथ संतों-महंतों से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं।वे दिगंबर अखाड़ा, हनुमत निवास,कंचन भवन और कबीर मंदिर आदि के कार्यक्रमों में शामिल हो चुके हैं। स्वामी राजकुमार दास ने कहा कि रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद राममंदिर के कार्यों में बेइद व्यस्तता के कारण चंपत राय बेहद थक गए थे।अयोध्या के अन्य मंदिरों से उनका संपर्क कम हो गया था। जबकि उनको अयोध्या और संतों से बेहद लगाव है। समय मलने पर वे श्रीराम के प्रति अपनी लगन को सावन मेले में समर्पित करते दिखाई दे रहे हैं। इससे पहले स्वामी राजकुमार दास ने चंपत राय,विधायक वेद गुप्त, मंत्री रामकेश निषाद,अयोध्या के प्रथम मेयर ऋषिकेश उपाध्याय, मणिराम दास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमलनयन दास,जगदगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामदिनेशाचार्य,जगदगुरु वल्लभाचार्य,अर्जुन द्वाराचार्य जगदगुरु कृपालु रामभूषण देवाचार्य,राम कचेहरी के महंत शशिकांत दास,पत्थर मंदिर के महंत मनीष दास,महंत आलोक दास चित्रकूट,महंत रामकलन दास प्रयागराज अदि का रामानाम और पुष्पहार से स्वागत किया। समारोह में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल,वरिष्ठ नेता परमानंद मिश्र आदि भी मौजूद रहे।

