कलकत्ता उच्च न्यायालय ने कृष्णानगर की एक अदालत की ओर से तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट की तामील पर सोमवार को रोक लगा दी। कृष्णानगर के तृतीय न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने और नफरती भाषण देने के आरोप में दाखिल मामले में पेशी में नाकाम रहने पर महुआ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। न्यायमूर्ति देबांग्सु बसाक और न्यायमूर्ति आर्यक दत्त की खंडपीठ ने निर्देश दिया कि इस मामले पर 27 अगस्त को फिर से सुनवाई की जाए, जब नादिया जिला अदालत में विचाराधीन उस मामले में शिकायतकर्ता की दलीलें सुनी जाएंगी, जिसमें महुआ पर महिलाओं के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करने और नफरती भाषण देने का आरोप लगाया गया है।
खंडपीठ ने महुआ के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट की तामील पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। महुआ के वकील अर्को कुमार नाग ने उच्च न्यायालय से कहा कि चूंकि कथित भाषण और उन्हें लेकर शिकायतें दायर किए जाने की घटनाएं उनके (महुआ) सांसद रहते हुए हुई थीं, इसलिए मामले की सुनवाई साल्ट लेक में सांसदों/विधायकों से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित अदालत में होनी चाहिए। नाग ने दलील की कि आरोप फर्जी एवं बेबुनियाद हैं और शिकायत में कही गई बातें किसी आपराधिक अपराध के दायरे में नहीं आतीं।
महुआ के खिलाफ महिलाओं का अपमान करने और नफरत फैलाने वाले भाषण देने का आरोप लगाते हुए एक मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद कृष्णानगर की अदालत ने उन्हें समन जारी किया था। तृतीय न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने समन की बार-बार अनदेखी किए जाने पर तृणमूल सांसद के खिलाफ 19 अगस्त को गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि गिरफ्तारी वारंट पर तामील होने के संबंध में रिपोर्ट 28 अगस्त को पेश की जाए।

