मुंबई। दक्षिण मुंबई के माझगांव इलाके में गणपति प्रतिमा के जुलूस पर अंडे फेंके जाने के मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से तनाव बढ़ता है और सांप्रदायिक एकता एकतरफा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि अगर कोई हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करेगा या धार्मिक जुलूस पर अंडे फेंकेगा तो यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि समाज हर बार इसे सहन करता रहेगा।
इमारत से फेंका गया अंडा
आलोक कुमार ने कहा कि मुंबई में गणपति प्रतिमा को जुलूस के रूप में ले जाते समय पड़ोस की एक इमारत की ऊपरी मंजिल से प्रतिमा और उसे लेकर जा रहे लोगों पर अंडे फेंके गए। उन्होंने कहा कि अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार अंडा दूसरे धार्मिक समुदाय से जुड़े व्यक्ति ने फेंका था। उन्होंने कहा कि इस तरह की उत्तेजक घटनाओं के बाद जो परिणाम सामने आते हैं, उनकी जिम्मेदारी किसकी होगी, इस पर विचार करने की जरूरत है।
सदस्यों में नाराजगी
यह घटना दक्षिण मुंबई के माझगांव इलाके में गणेशोत्सव से पहले निकाले जा रहे गणपति जुलूस के दौरान हुई। गणपति प्रतिमा को इलाके में बनाए गए पंडाल तक ले जाया जा रहा था। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर इमारत की ऊपरी मंजिल से प्रतिमा की ओर अंडे फेंके। अंडा प्रतिमा पर गिरने के बाद जुलूस में शामिल मंडल के सदस्यों में नाराजगी फैल गई। शिकायत के अनुसार कॉन्टिनेंटल हाइट्स इमारत की ऊपरी मंजिल से जुलूस पर अंडा फेंका गया। पुलिस के अनुसार घटना के समय जुलूस में करीब 150 पुरुष और 200 महिलाएं मौजूद थीं।
इलाके में तनाव की स्थिति बनी
घटना के बाद कुछ समय के लिए जुलूस में शामिल लोग इमारत के बाहर जमा हो गए। इससे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मंडल के पदाधिकारियों और अन्य लोगों से बातचीत कर भीड़ को वहां से हटाया। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 299 और 196 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। धारा 299 जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण तरीके से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित है, जबकि धारा 196 विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले कृत्यों से जुड़ी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और इमारत से अंडे फेंकने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।

