भोजपुर के जवईनियां गांव में गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटाव से एक बार फिर दहशत का माहौल है। करोड़ों रुपए खर्च कर कराए गए बोल्डर पिचिंग और पार्को पाइन के काम के बावजूद कटाव नहीं रूका। रविवार को आरा सांसद सुदामा प्रसाद गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जलस्तर, कटाव और कराए गए कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, कटाव और बाढ़ से सुरक्षा की समस्या सांसद के सामने रखी। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे गंगा में डूबकर जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा आप लोगों ने हमें इसलिए भेजा है कि समस्या का निराकरण हो। हम चिट्ठी लिख रहे हैं और लगातार मांग कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि विधायक और सांसद बनने से पहले भी कार्यकर्ता के रूप में उनका इस गांव से लगाव रहा है। इसलिए जवईनियां की समस्या को लेकर वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे। ‘करोड़ों खर्च के बाद भी ग्रामीण सुरक्षित नहीं’ सांसद ने करीब 45 करोड़ 84 लाख 73 हजार 207 रुपए की लागत से कराए गए बोल्डर पिचिंग और पार्को पाइन के कार्य का निरीक्षण किया। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण पार्को पाइन के डूबने और बोल्डर पिचिंग के बाद भी हो रहे कटाव को लेकर उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी ग्रामीण सुरक्षित नहीं हैं और कटाव लगातार जारी है, तो काम की गुणवत्ता और स्थायित्व पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल आई बाढ़ के दौरान कटाव इतना भयावह था कि करीब 250 घर गंगा में समा गए थे। इसके अलावा हाईस्कूल, मंदिर और आंगनबाड़ी केंद्र भी गंगा की धारा में चले गए। इस साल भी गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ग्रामीणों को दोबारा वही खतरा सताने लगा है। गांव में आने-जाने के लिए सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण खुद मिट्टी भरकर रास्ता तैयार कर रहे हैं। सीएम से पहल करने की मांग सांसद ने कहा कि जवईनियां समेत आसपास के गांवों को स्थायी रूप से बाढ़ और कटाव से बचाने के लिए कोईलवर से बक्सर तक पक्का बांध बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस गंभीर समस्या को संसद में भी उठा रहे हैं और केंद्र सरकार को क्षेत्र की स्थिति से अवगत करा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी तत्काल पहल की मांग की। सांसद ने कहा कि 15 जून को मसाढ़ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आए थे और दीघा से बक्सर तक मरीन ड्राइव बनाने की बात कही थी। सरकार मरीन ड्राइव बनाए, लेकिन जवईनियां के लोगों की तत्काल समस्या का भी समाधान किया जाना चाहिए। सांसद ने ग्रामीणों ने दिलाया भरोसा आरा सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते कटाव और बाढ़ की समस्या पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पानी दामोदरपुर से बिहिया चौरस्ता तक पहुंच सकता है। उन्होंने बांध को ऊंचा करने, कटाव रोकने और कराए गए बोल्डर पिचिंग की गुणवत्ता की निगरानी की मांग की। कहा कि गंगा पुर के पास बोल्डर पिचिंग के बावजूद कटाव जारी है, इसलिए सिर्फ काम पूरा कराना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और स्थायित्व सुनिश्चित करना भी जरूरी है। सांसद ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जवईनियां की समस्या को वे संबंधित अधिकारियों, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के स्तर पर लगातार उठाते रहेंगे और स्थायी समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। भोजपुर के जवईनियां गांव में गंगा के बढ़ते जलस्तर और कटाव से एक बार फिर दहशत का माहौल है। करोड़ों रुपए खर्च कर कराए गए बोल्डर पिचिंग और पार्को पाइन के काम के बावजूद कटाव नहीं रूका। रविवार को आरा सांसद सुदामा प्रसाद गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जलस्तर, कटाव और कराए गए कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीणों ने सड़क, कटाव और बाढ़ से सुरक्षा की समस्या सांसद के सामने रखी। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो वे गंगा में डूबकर जान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा आप लोगों ने हमें इसलिए भेजा है कि समस्या का निराकरण हो। हम चिट्ठी लिख रहे हैं और लगातार मांग कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि विधायक और सांसद बनने से पहले भी कार्यकर्ता के रूप में उनका इस गांव से लगाव रहा है। इसलिए जवईनियां की समस्या को लेकर वे लगातार आवाज उठाते रहेंगे। ‘करोड़ों खर्च के बाद भी ग्रामीण सुरक्षित नहीं’ सांसद ने करीब 45 करोड़ 84 लाख 73 हजार 207 रुपए की लागत से कराए गए बोल्डर पिचिंग और पार्को पाइन के कार्य का निरीक्षण किया। गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण पार्को पाइन के डूबने और बोल्डर पिचिंग के बाद भी हो रहे कटाव को लेकर उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जब करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी ग्रामीण सुरक्षित नहीं हैं और कटाव लगातार जारी है, तो काम की गुणवत्ता और स्थायित्व पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले साल आई बाढ़ के दौरान कटाव इतना भयावह था कि करीब 250 घर गंगा में समा गए थे। इसके अलावा हाईस्कूल, मंदिर और आंगनबाड़ी केंद्र भी गंगा की धारा में चले गए। इस साल भी गंगा का जलस्तर बढ़ने के साथ ग्रामीणों को दोबारा वही खतरा सताने लगा है। गांव में आने-जाने के लिए सड़क की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण खुद मिट्टी भरकर रास्ता तैयार कर रहे हैं। सीएम से पहल करने की मांग सांसद ने कहा कि जवईनियां समेत आसपास के गांवों को स्थायी रूप से बाढ़ और कटाव से बचाने के लिए कोईलवर से बक्सर तक पक्का बांध बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस गंभीर समस्या को संसद में भी उठा रहे हैं और केंद्र सरकार को क्षेत्र की स्थिति से अवगत करा रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से भी तत्काल पहल की मांग की। सांसद ने कहा कि 15 जून को मसाढ़ में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आए थे और दीघा से बक्सर तक मरीन ड्राइव बनाने की बात कही थी। सरकार मरीन ड्राइव बनाए, लेकिन जवईनियां के लोगों की तत्काल समस्या का भी समाधान किया जाना चाहिए। सांसद ने ग्रामीणों ने दिलाया भरोसा आरा सांसद ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते कटाव और बाढ़ की समस्या पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो पानी दामोदरपुर से बिहिया चौरस्ता तक पहुंच सकता है। उन्होंने बांध को ऊंचा करने, कटाव रोकने और कराए गए बोल्डर पिचिंग की गुणवत्ता की निगरानी की मांग की। कहा कि गंगा पुर के पास बोल्डर पिचिंग के बावजूद कटाव जारी है, इसलिए सिर्फ काम पूरा कराना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसकी गुणवत्ता और स्थायित्व सुनिश्चित करना भी जरूरी है। सांसद ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जवईनियां की समस्या को वे संबंधित अधिकारियों, राज्य सरकार और केंद्र सरकार के स्तर पर लगातार उठाते रहेंगे और स्थायी समाधान के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।

