सावन की अंतिम सोमवारी पर सभी शिवालयों में उमड़ी भीड़:महेंद्रनाथ और सोहगरा धाम में जाम और सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैयारी की

सावन की अंतिम सोमवारी पर सभी शिवालयों में उमड़ी भीड़:महेंद्रनाथ और सोहगरा धाम में जाम और सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैयारी की

सावन की अंतिम सोमवारी पर सीवान के प्रसिद्ध महेंद्रनाथ धाम, मेंहदार और गुठनी के सोहगरा धाम में आस्था का महासैलाब उमड़ने की उम्मीद है। अंतिम सोमवारी को लेकर रविवार से ही दूर-दराज से शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। ब्रह्म मुहूर्त से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में पहुंचने लगे हैं। महेंद्रनाथ धाम में करीब 1 से 1.5 लाख, जबकि सोहगरा धाम में करीब 1 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर जिले में नवपदस्थापित डीएम विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी ने रविवार देर रात महेंद्रनाथ मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्था का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम और एसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अंतिम सोमवारी पर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, कतार व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी अंतिम सोमवारी को लेकर महेंद्रनाथ और सोहगरा धाम में रात करीब 12:30 बजे ही मंदिर का कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया, जिसके बाद जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के अंदर जलाभिषेक के बजाय बाहर अरघा की व्यवस्था की गई है। वहीं, पहली सोमवारी में मेंहदार जाने वाले रास्ते पर लगे भीषण जाम को देखते हुए प्रशासन ने अंतिम सोमवारी पर भी यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने के लिए ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। रसूलपुर बाजार से चैनपुर बाजार और चैनपुर बाजार से रसूलपुर बाजार की ओर बड़े वाहनों के परिचालन पर निर्धारित अवधि में रोक रहेगी। अंतिम सोमवारी पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना हालांकि एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन, शव वाहन, न्यायिक कार्य से जुड़े वाहनों और अन्य आपातकालीन वाहनों को छूट दी गई है। महेंद्रनाथ धाम के साथ गुठनी के सोहगरा धाम और जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी अंतिम सोमवारी पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सावन की अंतिम सोमवारी पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच प्रशासन की तैयारियां कितनी कारगर साबित होती हैं और पहली सोमवारी में सामने आई जाम की समस्या से इस बार प्रशासन किस हद तक निपट पाता है। सावन की अंतिम सोमवारी पर सीवान के प्रसिद्ध महेंद्रनाथ धाम, मेंहदार और गुठनी के सोहगरा धाम में आस्था का महासैलाब उमड़ने की उम्मीद है। अंतिम सोमवारी को लेकर रविवार से ही दूर-दराज से शिवभक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। ब्रह्म मुहूर्त से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए मंदिर परिसर में पहुंचने लगे हैं। महेंद्रनाथ धाम में करीब 1 से 1.5 लाख, जबकि सोहगरा धाम में करीब 1 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। अंतिम सोमवारी पर श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर जिले में नवपदस्थापित डीएम विजय प्रकाश मीणा और एसपी भारत सोनी ने रविवार देर रात महेंद्रनाथ मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने मंदिर परिसर और आसपास की व्यवस्था का निरीक्षण किया और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम और एसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अंतिम सोमवारी पर मंदिर पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, कतार व्यवस्था, यातायात और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है। यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी अंतिम सोमवारी को लेकर महेंद्रनाथ और सोहगरा धाम में रात करीब 12:30 बजे ही मंदिर का कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया, जिसके बाद जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की कतार लगनी शुरू हो गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर के अंदर जलाभिषेक के बजाय बाहर अरघा की व्यवस्था की गई है। वहीं, पहली सोमवारी में मेंहदार जाने वाले रास्ते पर लगे भीषण जाम को देखते हुए प्रशासन ने अंतिम सोमवारी पर भी यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी की है। मंदिर की ओर जाने वाले मार्गों पर वाहनों का दबाव कम करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारु रखने के लिए ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। रसूलपुर बाजार से चैनपुर बाजार और चैनपुर बाजार से रसूलपुर बाजार की ओर बड़े वाहनों के परिचालन पर निर्धारित अवधि में रोक रहेगी। अंतिम सोमवारी पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना हालांकि एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन, शव वाहन, न्यायिक कार्य से जुड़े वाहनों और अन्य आपातकालीन वाहनों को छूट दी गई है। महेंद्रनाथ धाम के साथ गुठनी के सोहगरा धाम और जिले के अन्य प्रमुख शिवालयों में भी अंतिम सोमवारी पर भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि सावन की अंतिम सोमवारी पर उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच प्रशासन की तैयारियां कितनी कारगर साबित होती हैं और पहली सोमवारी में सामने आई जाम की समस्या से इस बार प्रशासन किस हद तक निपट पाता है।  

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