बेगूसराय में करीब 30 मीटर तक टूटा जमींदारी बांध:तीन पंचायत के 10 हजार लोग प्रभावित, घरों में घुसा पानी; सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न

बेगूसराय में करीब 30 मीटर तक टूटा जमींदारी बांध:तीन पंचायत के 10 हजार लोग प्रभावित, घरों में घुसा पानी; सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न

बेगूसराय में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच सोमवार अहले सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र स्थित जमींदारी बांध करीब 30 मीटर तक टूट गया। बांध टूटते ही तेज धार के साथ पानी रानी पंचायत-1, रानी-2 एवं रानी-3 की ओर फैलने लगा। देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई और कई जगहों पर बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। इससे इलाके में अफरातफरी मच गई। सुबह में लोगों की नजर पड़ी तो हड़कंप मच गया। बांध टूटने की सूचना मिलते ही सीओ प्रीतम कुमार गौतम, बीडीओ डॉ. अमित कुमार, जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। अधिकारियों की देखरेख में बांध की मरम्मत और पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया गया। विभाग की टीम मौके पर लगातार निगरानी कर रही है। जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि रात करीब 12 से एक बजे के बीच विभागीय टीम ने बांध की पेट्रोलिंग की थी। इसके बाद करीब तीन बजे बांध कमजोर होने और पानी का दबाव बढ़ने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारी और कर्मी मौके पर पहुंचे तथा टूटे हिस्से को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया। सुरक्षित स्थान पर जा रहे लोग मुखिया अमरजीत राय ने बताया कि बांध टूटने से रानी-1 पंचायत की बड़ी मात्रा में कृषि भूमि में लगी फसलें पानी में डूब गईं। रानी-2 पंचायत के खेत भी जलमग्न हो गए। वहीं रानी-3 पंचायत में स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। कई स्थानों पर पानी घरों तक पहुंचने से ग्रामीण अपने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पानी का बहाव काफी तेज है और लगातार नए टोले-मोहल्लों की ओर बढ़ रहा है। इससे रानी-3 समेत आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर जलजमाव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण बांध की जल्द मरम्मत कर पानी का बहाव रोकने की मांग कर रहे हैं। राहत कार्य में टीम जुटी हुई है एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि टूटे बांध की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। विभाग की ओर से एक से दो घंटे के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन लगाए जाएंगे। इधर, बांध टूटने के बाद प्रभावित पंचायतों में ग्रामीणों के बीच भय का माहौल है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है। बेगूसराय में गंगा के बढ़ते जलस्तर के बीच सोमवार अहले सुबह करीब तीन से चार बजे के बीच बछवाड़ा प्रखंड क्षेत्र स्थित जमींदारी बांध करीब 30 मीटर तक टूट गया। बांध टूटते ही तेज धार के साथ पानी रानी पंचायत-1, रानी-2 एवं रानी-3 की ओर फैलने लगा। देखते ही देखते सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई और कई जगहों पर बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया। इससे इलाके में अफरातफरी मच गई। सुबह में लोगों की नजर पड़ी तो हड़कंप मच गया। बांध टूटने की सूचना मिलते ही सीओ प्रीतम कुमार गौतम, बीडीओ डॉ. अमित कुमार, जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। करीब 10 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। अधिकारियों की देखरेख में बांध की मरम्मत और पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया गया। विभाग की टीम मौके पर लगातार निगरानी कर रही है। जानकारी मिलते ही टीम मौके पर पहुंची जल संसाधन विभाग के एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि रात करीब 12 से एक बजे के बीच विभागीय टीम ने बांध की पेट्रोलिंग की थी। इसके बाद करीब तीन बजे बांध कमजोर होने और पानी का दबाव बढ़ने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही विभागीय अधिकारी और कर्मी मौके पर पहुंचे तथा टूटे हिस्से को दुरुस्त करने का काम शुरू किया गया। सुरक्षित स्थान पर जा रहे लोग मुखिया अमरजीत राय ने बताया कि बांध टूटने से रानी-1 पंचायत की बड़ी मात्रा में कृषि भूमि में लगी फसलें पानी में डूब गईं। रानी-2 पंचायत के खेत भी जलमग्न हो गए। वहीं रानी-3 पंचायत में स्थिति अधिक गंभीर बताई जा रही है। कई स्थानों पर पानी घरों तक पहुंचने से ग्रामीण अपने मवेशियों और जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार पानी का बहाव काफी तेज है और लगातार नए टोले-मोहल्लों की ओर बढ़ रहा है। इससे रानी-3 समेत आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर जलजमाव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण बांध की जल्द मरम्मत कर पानी का बहाव रोकने की मांग कर रहे हैं। राहत कार्य में टीम जुटी हुई है एसडीओ मनीष कुमार ने बताया कि टूटे बांध की मरम्मत का कार्य तेजी से कराया जा रहा है। विभाग की ओर से एक से दो घंटे के भीतर मरम्मत कार्य पूरा कर पानी के बहाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार अतिरिक्त संसाधन लगाए जाएंगे। इधर, बांध टूटने के बाद प्रभावित पंचायतों में ग्रामीणों के बीच भय का माहौल है। प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर कैंप कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों को सुरक्षित रहने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को सूचना देने की अपील की गई है।  

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