राजकीय समारोह में याद किए गए पूर्व मंत्री:106वीं जयंती पर जनप्रितिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि, प्रतिमा पर नेताओं ने चढ़ाए फूल

राजकीय समारोह में याद किए गए पूर्व मंत्री:106वीं जयंती पर जनप्रितिनिधियों ने दी श्रद्धांजलि, प्रतिमा पर नेताओं ने चढ़ाए फूल

गयाजी में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और समाजसेवी लोकरत्न स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा की 106वीं जयंती रविवार को राजकीय समारोह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर के दिग्घी तालाब के पास उनकी प्रतिमा पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जयंती समारोह में कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसके माध्यम से स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा के व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों को याद किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। इस मौके पर स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा की बहू और विधान परिषद सदस्य कुमुद वर्मा ने कहा कि हम सभी उनके 106वें जन्मदिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहे हैं। स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि समाजसेवी-शिक्षाविद भी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में समाज के कमजोर, गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता को प्राथमिकता दी। ‘कई लोगों को राजनीति में बढ़ने का अवसर दिया’ कहा कि स्व. वर्मा का राजनीतिक और सामाजिक जीवन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने अनेक लोगों को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर दिया और कई लोगों को विधायक-सांसद बनने में भी सहयोग किया। यही कारण है कि आज भी समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करते हैं। कुमुद वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उन्हें हमेशा सम्मान देते थे। लोगों के मन में उनके प्रति आज भी वही सम्मान और आत्मीयता कायम है।
राजनीति के क्षेत्र में उनके योगदान को याद रखा जाएगा कार्यक्रम में राजद विधायक अजय दांगी, पूर्व विधायक विनय यादव, पूर्व सांसद अरुण कुमार, पूर्व विधायक कृष्णानंद यादव, युवा नेता आरएस नागमणि, वार्ड पार्षद सारिका वर्मा, सुनील बंबईया, विनोद कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा को नमन किया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की आवाज बनने का काम किया। शिक्षा, समाजसेवा और राजनीति के क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि उनके विचार और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। जयंती कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों की भी भागीदारी रही। जयंती समारोह में उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम करने का संकल्प लिया। गयाजी में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और समाजसेवी लोकरत्न स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा की 106वीं जयंती रविवार को राजकीय समारोह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर शहर के दिग्घी तालाब के पास उनकी प्रतिमा पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और लोगों ने माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जयंती समारोह में कलाकारों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए, जिसके माध्यम से स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा के व्यक्तित्व और सामाजिक सरोकारों को याद किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी उपस्थित रहे। इस मौके पर स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा की बहू और विधान परिषद सदस्य कुमुद वर्मा ने कहा कि हम सभी उनके 106वें जन्मदिवस पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद कर रहे हैं। स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि समाजसेवी-शिक्षाविद भी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवनकाल में समाज के कमजोर, गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता को प्राथमिकता दी। ‘कई लोगों को राजनीति में बढ़ने का अवसर दिया’ कहा कि स्व. वर्मा का राजनीतिक और सामाजिक जीवन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने अनेक लोगों को राजनीति में आगे बढ़ने का अवसर दिया और कई लोगों को विधायक-सांसद बनने में भी सहयोग किया। यही कारण है कि आज भी समाज के विभिन्न वर्गों के लोग उन्हें सम्मान और श्रद्धा के साथ याद करते हैं। कुमुद वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उन्हें हमेशा सम्मान देते थे। लोगों के मन में उनके प्रति आज भी वही सम्मान और आत्मीयता कायम है।
राजनीति के क्षेत्र में उनके योगदान को याद रखा जाएगा कार्यक्रम में राजद विधायक अजय दांगी, पूर्व विधायक विनय यादव, पूर्व सांसद अरुण कुमार, पूर्व विधायक कृष्णानंद यादव, युवा नेता आरएस नागमणि, वार्ड पार्षद सारिका वर्मा, सुनील बंबईया, विनोद कुमार समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा को नमन किया। समारोह के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्व. उपेंद्र नाथ वर्मा ने अपने सार्वजनिक जीवन में समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की आवाज बनने का काम किया। शिक्षा, समाजसेवा और राजनीति के क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि उनके विचार और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। जयंती कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों की भी भागीदारी रही। जयंती समारोह में उपस्थित लोगों ने उनके बताए मार्ग पर चलने और समाज के कमजोर वर्गों के लिए काम करने का संकल्प लिया।  

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