CM Yogi Directives Misleading Videos FIR: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूलों और कॉलेजों के बारे में भ्रामक वीडियो बनाकर गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शनिवार को राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और फील्ड में तैनात अधिकारियों की बैठक में कहा कि ऐसे लोगों पर एफआईआर दर्ज की जाए जो जानबूझकर अफवाह फैलाकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।
अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई
हाल ही में प्रदेश के कुछ सरकारी स्कूलों में खराब गुणवत्ता वाले मिड-डे मील परोसे जाने और सुविधाओं की कमी को लेकर कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इन वीडियो के बाद ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान भी चर्चा में रहा। कुछ जनपदों से स्कूल-कॉलेजों की स्थिति को लेकर भ्रामक सामग्री प्रसारित होने की शिकायतें सामने आईं। मुख्यमंत्री ने इस पर कड़ी नाराजगी जताई।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मिड-डे मील की व्यवस्था, बालक-बालिकाओं के लिए बने शौचालयों की हालत, कक्षाओं की स्थिति और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मौके पर जाकर जांच की जाए। उन्होंने जिलाधिकारियों से स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने को कहा ताकि छात्रों को बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई-लिखाई का अच्छा माहौल मिल सके।
सीएम योगी का एफआईआर दर्ज करने का आदेश
मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहे वीडियो और सूचनाओं की जांच कराई जाए। अगर कोई व्यक्ति गलत जानकारी फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहा है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही स्कूलों की वास्तविक स्थिति भी सामने लाई जाए।
यूट्यूबर्स और बाहरी लोगों के स्कूल प्रवेश पर रोक
इससे पहले जिला शिक्षा अधिकारियों ने सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में बाहरी लोगों, जिनमें यूट्यूबर्स शामिल हैं, के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए थे। इसका उद्देश्य शिक्षण-अधिगम गतिविधियों को सुचारू रखना था। एक मामले में स्कूल में घुसकर वीडियो बनाने वाले व्यक्ति पर पहले ही एफआईआर दर्ज हो चुकी है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पारदर्शी व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था में सुधार और गलत सूचनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में उठाया गया है। अधिकारियों को शिकायतों की त्वरित जांच और दोषियों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
इस निर्देश के बाद अब जिला प्रशासन स्कूलों की स्थलीय जांच तेज करेगा। भ्रामक सामग्री फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र को लेकर अफवाहों पर लगाम लगाने की कोशिश जारी है।

