लखीसराय में सावन की चौथी सोमवारी पर प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर पूरी तरह से प्रशासनिक निगरानी में रहेगा। तीसरी सोमवारी को मंदिर परिसर में हुई भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मौत और दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के दौरान किसी भी परेशानी से बचाना है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम जिला प्रशासन ने सभी दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण की रणनीति तैयार की है। अशोक धाम हाल्ट से मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। हाल्ट के समीप भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित मंदिर तक पहुंचाने के लिए जिक-जैक व्यवस्था बनाई गई है। परिसर और आसपास मेडिकल कैंप तथा कंट्रोल रूम इसके अतिरिक्त, अशोक धाम परिसर और आसपास मेडिकल कैंप तथा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मी और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दूसरे जिलों से भी वरीय अधिकारियों को बुलाया गया है। विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जाएगा, और अशोक धाम हाल्ट पर रेलवे पुलिस भी तैनात रहेगी। गर्भगृह में व्यवस्था बनाए रखने को अरघा सिस्टम लागू मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने और गर्भगृह में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अरघा सिस्टम लागू किया गया है। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने बताया कि चौथी सोमवारी के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम जलाभिषेक के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध या जरूरी सूचना की तत्काल कंट्रोल रूम को जानकारी देने की अपील की है। लखीसराय में सावन की चौथी सोमवारी पर प्रसिद्ध अशोक धाम मंदिर पूरी तरह से प्रशासनिक निगरानी में रहेगा। तीसरी सोमवारी को मंदिर परिसर में हुई भगदड़ में आठ श्रद्धालुओं की मौत और दो दर्जन से अधिक लोगों के घायल होने की घटना के बाद जिला प्रशासन ने व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को जलाभिषेक के दौरान किसी भी परेशानी से बचाना है। देखें, मौके से आई तस्वीरें… श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए विशेष इंतजाम जिला प्रशासन ने सभी दंडाधिकारियों और पुलिस पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा एवं भीड़ नियंत्रण की रणनीति तैयार की है। अशोक धाम हाल्ट से मंदिर तक श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। हाल्ट के समीप भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं को सुरक्षित मंदिर तक पहुंचाने के लिए जिक-जैक व्यवस्था बनाई गई है। परिसर और आसपास मेडिकल कैंप तथा कंट्रोल रूम इसके अतिरिक्त, अशोक धाम परिसर और आसपास मेडिकल कैंप तथा कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्यकर्मी और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दूसरे जिलों से भी वरीय अधिकारियों को बुलाया गया है। विभिन्न स्थानों पर मजिस्ट्रेट के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जाएगा, और अशोक धाम हाल्ट पर रेलवे पुलिस भी तैनात रहेगी। गर्भगृह में व्यवस्था बनाए रखने को अरघा सिस्टम लागू मंदिर परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने और गर्भगृह में व्यवस्था बनाए रखने के लिए अरघा सिस्टम लागू किया गया है। जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक प्रेरणा कुमार ने बताया कि चौथी सोमवारी के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम जलाभिषेक के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी होने की जानकारी दी। अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध या जरूरी सूचना की तत्काल कंट्रोल रूम को जानकारी देने की अपील की है।

