कैमूर में NHM की समीक्षा बैठक:डीएम ने अस्पतालों में दवाओं का स्टॉक बढ़ाने के दिए निर्देश, OPD ऑनलाइन पंजीकरण 100% के करीब

कैमूर में NHM की समीक्षा बैठक:डीएम ने अस्पतालों में दवाओं का स्टॉक बढ़ाने के दिए निर्देश, OPD ऑनलाइन पंजीकरण 100% के करीब

कैमूर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष कुमार अनुराग ने बैठक की अध्यक्षता की। इसका मुख्य उद्देश्य जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना और आम लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना था। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सुविधाओं, मानव संसाधन, प्रसव-पूर्व जांच (ANC), संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन, पूर्ण टीकाकरण और अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ‘भाव्य पोर्टल’ के कार्यान्वयन और ओपीडी पंजीकरण की स्थिति का भी जायजा लिया। 100 फीसदी ऑनलाइन ओपीडी पर जताई संतुष्टि डीएम ने जिले में ओपीडी पंजीकरण के लगभग 100 प्रतिशत ऑनलाइन होने और प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में हुई प्रगति पर संतोष जताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इनका सीधा लाभ हर नागरिक को धरातल पर मिलना चाहिए। मरीजों के साथ सहानुभूति से पेश आने का निर्देश जिलाधिकारी ने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने और अस्पतालों में उनका अनुभव बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा। मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए खाली पदों को जल्द भरने और कमजोर स्वास्थ्य संकेतकों वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर सुधार करने का भी निर्देश दिया गया। समयबद्ध तरीके से काम करने की हिदायत बैठक में सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा जनहित का सबसे संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। कैमूर में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष कुमार अनुराग ने बैठक की अध्यक्षता की। इसका मुख्य उद्देश्य जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना और आम लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाना था। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य सुविधाओं, मानव संसाधन, प्रसव-पूर्व जांच (ANC), संस्थागत प्रसव, परिवार नियोजन, पूर्ण टीकाकरण और अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने ‘भाव्य पोर्टल’ के कार्यान्वयन और ओपीडी पंजीकरण की स्थिति का भी जायजा लिया। 100 फीसदी ऑनलाइन ओपीडी पर जताई संतुष्टि डीएम ने जिले में ओपीडी पंजीकरण के लगभग 100 प्रतिशत ऑनलाइन होने और प्रमुख स्वास्थ्य संकेतकों में हुई प्रगति पर संतोष जताया। हालांकि, उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इनका सीधा लाभ हर नागरिक को धरातल पर मिलना चाहिए। मरीजों के साथ सहानुभूति से पेश आने का निर्देश जिलाधिकारी ने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार करने और अस्पतालों में उनका अनुभव बेहतर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा। मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए खाली पदों को जल्द भरने और कमजोर स्वास्थ्य संकेतकों वाले क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर सुधार करने का भी निर्देश दिया गया। समयबद्ध तरीके से काम करने की हिदायत बैठक में सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीएम ने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा जनहित का सबसे संवेदनशील क्षेत्र है, इसलिए इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *