फूट-फूटकर रोए कुनाल के दादा और दादी, बोले- उसकी मां अच्छी नहीं थी; मामले से 3 बुआ का भी संबंध!

फूट-फूटकर रोए कुनाल के दादा और दादी, बोले- उसकी मां अच्छी नहीं थी; मामले से 3 बुआ का भी संबंध!

Murlidhar Chandgude family dispute: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के खवड़िया पहाड़ी पर हुई दर्दनाक घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। 19 वर्षीय कुनाल चांदगुडे को बचाने की कोशिश में उसके पिता मुरलीधर चांदगुडे (48) और मां संगीता की भी मौत हो गई। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद अब परिवार के भीतर लंबे समय से चल आ रहे विवाद को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। मुरलीधर पेशे से ट्रक ड्राइवर, जबकि संगीता वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डालती थी और उनके हजारों फॉलोअर्स भी थे। उधर, कुनाल पढ़ाई में बेहद होनहार था और डॉक्टर बनने के लिए नीट की तैयारी कर रहा था। लेकिन अब पूरा परिवार उजड़ चुका है। कुनाल के दादा-दादी ने बताया कि उसकी मां अच्छी नहीं थी और वह उनके बेटे (मुरलीधर) को उनसे दूर रखती थी। मुरलीधर का अंतिम संस्कार कुनाल और संगीता के साथ नहीं किया गया। उनके बूढ़े माता-पिता बेटे को याद कर फूट-फूटकर रोते दिखे।

कुनाल के पास थे 2 आईफोन, इसलिए कारण कुछ और…

शुरुआत में यह बताया गया था कि आईफोन को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ था और इसी के बाद कुनाल खवड़िया पहाड़ी पर पहुंचा। हालांकि, अब कुनाल के दोस्तों व रिश्तेदारों की ओर से दावा किया गया है कि कुनाल के पास पहले से ही दो आईफोन थे। ऐसे में फोन को लेकर विवाद होने की वजह ही नहीं थी। ग्रामीणों के अनुसार, मुरलीधर ने अपनी जमीन का कुछ हिस्सा अपनी बहनों यानी कुनाल की बुआ को दिया था। इसी को लेकर परिवार में कई वर्षों से विवाद चल रहा था।

कुनाल के पिता ने परिवार को बताए बिना की थी शादी

मुरलीधर चांदगुडे के पैतृक गांव अंबड तालुका स्थित धनगर पिंपलगांव में जब उनके पिता से पत्रकारों ने बात की तो उन्होंने कई अहम खुलासे किए। मुरलीधर के 75 वर्षीय पिता दामोदरराव ने बताया कि करीब 20 साल पहले मुरलीधर काम की तलाश में छत्रपति संभाजीनगर गया था। वहां वह ट्रक ड्राइवर के तौर पर काम करने लगा और इस दौरान संगीता से शादी कर ली।

पिता के मुताबिक, मुरलीधर ने अपनी शादी के बारे में घरवालों को पहले नहीं बताया था। परिवार को काफी देर बाद इस शादी की जानकारी मिली थी। दामोदरराव के मुताबिक, इस वजह से परिवार मुरलीधर से नाराज था। उन्होंने यह भी कहा कि मुरलीधर उनसे ज्यादा बातचीत नहीं करता था। यह बात बताते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

बूढ़ी मां बोली- 4 महीने से संपर्क में था बेटा

मुरलीधर की मां ने बताया कि बेटे की मौत से उन्हें गहरा सदमा लगा है। उन्होंने रोते हुए कहा कि मुरलीधर करीब 15 दिन पहले घर आया था, लेकिन ज्यादा बात नहीं करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि मुरलीधर की पत्नी संगीता उसे परिवार से बातचीत नहीं करने देती थी और उसे परिवार से दूर कर दिया था। परिवार के मुताबिक, हालांकि मुरलीधर लंबे समय तक उनसे दूर रहा, लेकिन पिछले करीब चार महीनों से उसका परिवार के साथ संपर्क था।

6 साल से परिवार में कलह का दावा

परिवार और स्थानीय लोगों से सामने आई जानकारी के अनुसार, चांदगुडे परिवार में पिछले करीब छह वर्षों से विवाद और तनाव चल रहा था। कुछ साल पहले परिवार के बड़े बेटे की बीमारी के कारण मौत हो गई थी। इस घटना के बाद परिवार पर पहले ही दुख का पहाड़ टूट चुका था।

बताया जा रहा है कि मुरलीधर और संगीता के बीच भी अक्सर विवाद होता था। मुरलीधर ट्रक ड्राइवर था और काम के सिलसिले में लंबे समय तक घर से बाहर रहता था। वहीं, कुनाल के अपने पिता के साथ संबंध भी अच्छे नहीं होने का दावा किया जा रहा है।

इन पारिवारिक परिस्थितियों का कुनाल पर कितना असर पड़ा, क्या उसके कदम के पीछे पारिवारिक तनाव की भूमिका थी और आईफोन को लेकर विवाद की वास्तविकता क्या थी, इन सभी पहलुओं की जांच अब पुलिस कर रही है।

पिता ने बेटे के नाम कर दी थी 3 एकड़ जमीन

मुरलीधर के पिता दामोदरराव ने जमीन से जुड़े कथित विवाद के बारे में भी बताया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी तीन एकड़ जमीन बेटे मुरलीधर के नाम कर दी थी। उनका दावा है कि उन्होंने अपनी बेटियों के नाम जमीन का कोई हिस्सा नहीं किया था।

दामोदरराव के मुताबिक, मुरलीधर गांव में ज्यादा नहीं आता था। उसने अपने नाम की जमीन कॉन्ट्रैक्ट पर दे रखी थी। बेटे की मौत के बाद जमीन और परिवार से जुड़े पुराने रिश्तों की बातें बताते हुए दामोदरराव भी भावुक हो गए।

ग्रामीणों के अनुसार, मुरलीधर के पिता के पास करीब तीन एकड़ जमीन थी। इसमें से कुछ जमीन मुरलीधर ने कुनाल की तीन बुआओं को दी थी। इसी जमीन के बंटवारे को लेकर मुरलीधर और संगीता के बीच लगातार विवाद होने का दावा ग्रामीणों ने किया है। इन विवादों का असर कुनाल पर भी पड़ा और वह कथित तौर पर तनाव में रहने लगा था।

मां-बेटे का मुकुंदवाड़ी में, पिता का गांव में अंतिम संस्कार

इस हादसे के बाद तीनों का अंतिम संस्कार भी एक जगह नहीं हुआ। कुनाल और उसकी मां संगीता का अंतिम संस्कार ननिहाल में मुकुंदवाड़ी में किया गया, जबकि मुरलीधर का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव धनगर पिंपलगांव में किया गया। एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत और फिर अलग-अलग स्थानों पर अंतिम संस्कार ने परिवार के बीच लंबे समय से चले आ रहे तनाव को उजागर कर दिया।

3 घंटे तक कुनाल को समझाते रहे लोग

शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब कुनाल तिसगांव इलाके के खवड़िया पहाड़ी पर पहुंच गया। उसके बाद उसकी मां संगीता और पिता मुरलीधर भी वहां पहुंच गए और उसे वापस आने के लिए काफी देर तक समझाते रहें। बताया जा रहा है कि करीब तीन घंटे तक पुलिस, स्थानीय लोग और परिवार के सदस्य कुनाल को समझाने की कोशिश करते रहे।

इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। भीड़ में मौजूद लोगों ने भी कुनाल से नीचे आने की अपील की। पहाड़ी के नीचे फायर ब्रिगेड की मदद से जाल भी बिछाया गया, लेकिन कुनाल बार-बार अपनी जगह बदल लेता था। इसी दौरान उसके पिता मुरलीधर उसे पकड़ने के लिए आगे बढ़े। बताया जा रहा है कि इसी कोशिश में दोनों नीचे गिर गए। पति और बेटे को गिरता देखकर संगीता ने भी कथित तौर पर नीचे छलांग लगा दी।

कुनाल बोला- अब कोई रास्ता नहीं…

घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। जिसमें देखा जा सकता है कि सभी लोग कुनाल को समझाने की कोशिश कर रहे हैं। ग्रामीणों ने उससे कहा कि जिंदगी खत्म करने से समस्या का समाधान नहीं होगा और उसे अपनी मां के बारे में सोचकर भी जिंदगी जीनी चाहिए। इस पर कुनाल ने कहा कि अब कोई समाधान नहीं है और बस एक ही रास्ता बचा है। इसके बाद उसकी मां ने रोते हुए पूछा कि उसे ऐसा क्यों लगता है कि अब कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। लेकिन कुनाल ने किसी की एक न सुनी और फिर यह यह अनहोनी हो गई।

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